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चार दिन से विद्युत कटौती से लोग परेशान
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जर्जर तार बदले जाने की सुध जहां अफसरों को नहीं है, वहीं थोड़ी-थोड़ी देर पर शटडाउन लेने से आपूर्ति में होने वाले व्यवधान ने उपभोक्ताओं को आजिज कर दिया है। पिछले चार दिनों से नगर के आधे हिस्से में ठीक से आधे घंटे भी बिजली नहीं टिक पा रही है।
केबल टूटने से कुछ इलाकों रविवार की पूरी रात बिजली नहीं रही तो सोमवार को भी रविवार की तरह पूरे दिन बिजली आती-जाती रही। विभागीय अफसरों से इस मामले की कई नागरिकों ने शिकायत भी की, लेकिन उन्होेंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। नतीजा यह कि भीषण गर्मी और उमस में उपभोक्ता बेहाल हैं। परेशान नागरिकों ने अब इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री और डीएम से मिलकर करने का मन बनाया है।
जिला मुख्यालय पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी ने शहरवासियों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। नाराज नागरिकों का कहना है कि सिर्फ अवैध वसूली पर फोकस रखने के चलते पूरे जिला मुख्यालय पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पिछले कई वर्षों में बदतर दौर में पहुंच गई है।
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असल में शासन प्रशासन के अधिकारी इन दिनों कोरोना से निपटने में लगे हैं। इसका ही फायदा कॉर्पोरेशन पावर के अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। इसका खामियाजा विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत आधे शहर शहजादपुर की है। यहां पिछले चार दिन से आपूर्ति व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। न तो रात में बिजली सुचारू रूप से टिक पा रही है और न ही दिन में।
पूरी रात बिजली के आने-जाने का क्रम घंटे-घंटे भर में लगा रहता है तो दिन में हर आधे घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। यह स्थिति लगातार 4 दिन से बनी हुई है। नतीजा यह है कि भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं, लेकिन विभागीय अभियंताओं को इसकी कोई परवाह नहीं है। आम नागरिकों में इससे आक्रोश भी पनप रहा है।
कारण यह कि अधिकारियों से शिकायत के बाद भी संज्ञान नहीं लिया गया। इसके चलते ही चौक क्षेत्र में रविवार को पूरी रात बिजली नहीं रही। बताया गया कि केबल खराब हो गई है, जबकि एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र में केबल खराब होना बताया गया था। सोमवार को पूरे दिन पूरे शहजादपुर में थोड़ी-थोड़ी देर पर विद्युत आपूर्ति में व्यवधान होता रहा।
जिला मुख्यालय पर ही नहीं बदले जर्जर तार
जिला मुख्यालय पर जर्जर तार बदलने की बजाय विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अन्य चीजों पर फोकस करते रहे। आरोप है कि उनके पास नियमानुसार तार और ट्रांसफार्मर नहीं रहते, लेकिन मोटी रकम लेकर उपभोक्ताओं को यह सब आसानी से उपलब्ध करा दिया जाता है। इसमें पूरा रैकेट यहां काम कर रहा है। इन्हीं सबके चलते आम उपभोक्ता के हित में काम प्राथमिकता पर नहीं हो पा रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर ही जर्जर तारों को नहीं बदला गया। कागजों पर क्या खेल खेला गया, इससे उपभोक्ता अनभिज्ञ हैं। हालांकि रोज अलग-अलग क्षेत्र में तारों के टूटने का क्रम जारी है।
दूर कराएंगे समस्या
समस्या संज्ञान में आई है। बार-बार शटडाउन न लिया जाए, इसके लिए मैं समय का निर्धारण करा रहा हूं। उससे पहले कहीं भी गड़बड़ी होने पर उसी निर्धारित अवधि में ही गड़बड़ी दूर होगी। इसका सख्ती से पालन होगा। जर्जर तारों आदि को पहले बदला गया था। शेष जगहों पर जरूरत के अनुसार बदलवाया जाएगा। विद्युत आपूर्ति में सुधार देखने को मिलेगा।
-वीके पटेल अधिशासी अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन
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केबल टूटने से कुछ इलाकों रविवार की पूरी रात बिजली नहीं रही तो सोमवार को भी रविवार की तरह पूरे दिन बिजली आती-जाती रही। विभागीय अफसरों से इस मामले की कई नागरिकों ने शिकायत भी की, लेकिन उन्होेंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। नतीजा यह कि भीषण गर्मी और उमस में उपभोक्ता बेहाल हैं। परेशान नागरिकों ने अब इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री और डीएम से मिलकर करने का मन बनाया है।
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जिला मुख्यालय पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी ने शहरवासियों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। नाराज नागरिकों का कहना है कि सिर्फ अवैध वसूली पर फोकस रखने के चलते पूरे जिला मुख्यालय पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पिछले कई वर्षों में बदतर दौर में पहुंच गई है।
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असल में शासन प्रशासन के अधिकारी इन दिनों कोरोना से निपटने में लगे हैं। इसका ही फायदा कॉर्पोरेशन पावर के अधिकारी और कर्मचारी उठा रहे हैं। इसका खामियाजा विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत आधे शहर शहजादपुर की है। यहां पिछले चार दिन से आपूर्ति व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। न तो रात में बिजली सुचारू रूप से टिक पा रही है और न ही दिन में।
पूरी रात बिजली के आने-जाने का क्रम घंटे-घंटे भर में लगा रहता है तो दिन में हर आधे घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। यह स्थिति लगातार 4 दिन से बनी हुई है। नतीजा यह है कि भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं, लेकिन विभागीय अभियंताओं को इसकी कोई परवाह नहीं है। आम नागरिकों में इससे आक्रोश भी पनप रहा है।
कारण यह कि अधिकारियों से शिकायत के बाद भी संज्ञान नहीं लिया गया। इसके चलते ही चौक क्षेत्र में रविवार को पूरी रात बिजली नहीं रही। बताया गया कि केबल खराब हो गई है, जबकि एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र में केबल खराब होना बताया गया था। सोमवार को पूरे दिन पूरे शहजादपुर में थोड़ी-थोड़ी देर पर विद्युत आपूर्ति में व्यवधान होता रहा।
जिला मुख्यालय पर ही नहीं बदले जर्जर तार
जिला मुख्यालय पर जर्जर तार बदलने की बजाय विभागीय अधिकारी और कर्मचारी अन्य चीजों पर फोकस करते रहे। आरोप है कि उनके पास नियमानुसार तार और ट्रांसफार्मर नहीं रहते, लेकिन मोटी रकम लेकर उपभोक्ताओं को यह सब आसानी से उपलब्ध करा दिया जाता है। इसमें पूरा रैकेट यहां काम कर रहा है। इन्हीं सबके चलते आम उपभोक्ता के हित में काम प्राथमिकता पर नहीं हो पा रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर ही जर्जर तारों को नहीं बदला गया। कागजों पर क्या खेल खेला गया, इससे उपभोक्ता अनभिज्ञ हैं। हालांकि रोज अलग-अलग क्षेत्र में तारों के टूटने का क्रम जारी है।
दूर कराएंगे समस्या
समस्या संज्ञान में आई है। बार-बार शटडाउन न लिया जाए, इसके लिए मैं समय का निर्धारण करा रहा हूं। उससे पहले कहीं भी गड़बड़ी होने पर उसी निर्धारित अवधि में ही गड़बड़ी दूर होगी। इसका सख्ती से पालन होगा। जर्जर तारों आदि को पहले बदला गया था। शेष जगहों पर जरूरत के अनुसार बदलवाया जाएगा। विद्युत आपूर्ति में सुधार देखने को मिलेगा।
-वीके पटेल अधिशासी अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन