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कम्हरिया घाट पर ठप हुआ पीपे का पुल, बढ़ी यात्रियों की मुश्किल
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फोटो-15, अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर में इस तरह बंद कर दिया गया पीपे का पुल
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर बने अस्थाई पीपे पुल से सोमवार को आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। साथ ही लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों द्वारा पीपे को खोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। दरअसल सरयू नदी के जलस्तर में होने वाली वृद्धि को देखते हुए 15 जून से 15 नवंबर तक पीपे पुल पर आवागमन प्रतिबंध रहता है। आवागमन ठप होने से अंबेडकरनगर से गोरखपुर जाने वालों को लगभग 45 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि गोरखपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, जौनपुर व इलाहाबाद जनपद की जोडने के लिए लोक निर्माण विभाग गोरखपुर द्वारा आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर अस्थाई पीपे के पुल का निर्माण किया गया है। इस अस्थाई पुल पर सिर्फ दो व छोटे चार पहिया वाहन के ही संचालन की अनुमति है। भारी वाहनों को इस पुल से गुजरना प्रतिबंधित है। प्रतिदिन इस पुल से लगभग 500 दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन होता है। इस पुल का लाभ सबसे अधिक अंबेडकरनगर से गोरखपुर जाने वालों को होता है। कारण यह कि बिड़हर घाट पर बने पुल से आवागमन करने पर लगभग 45 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ता है।
इस पुल पर 15 नवंबर से 15 जून तक ही वाहनों का संचालन होता है। दरअसल सरयू नदी का जलस्तर बढने पर पीपे का पुल जलमग्र हो जाता है। इससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकने के लिए 15 जून से 15 नवंबर तक इस अस्थाई पुल पर से आवागमन ठप कर दिया जाता है। इसी क्रम में सोमवार 15 जून से अस्थाई पीपे पुल से आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर के कर्मचारियों ने आवागमन ठप कर पीपों को खोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया। इससे अब सोमवार से यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई है। उन्हें या तो बिड़हर घाट की तरफ से जाना पड़ रहा या फिर क्रमवार नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर के अवर अभियंता गोरव श्रीवास्तव ने बताया कि पीपों को खोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। तीन दिन में सभी पीपों को खोल दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि गोरखपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, जौनपुर व इलाहाबाद जनपद की जोडने के लिए लोक निर्माण विभाग गोरखपुर द्वारा आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर अस्थाई पीपे के पुल का निर्माण किया गया है। इस अस्थाई पुल पर सिर्फ दो व छोटे चार पहिया वाहन के ही संचालन की अनुमति है। भारी वाहनों को इस पुल से गुजरना प्रतिबंधित है। प्रतिदिन इस पुल से लगभग 500 दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन होता है। इस पुल का लाभ सबसे अधिक अंबेडकरनगर से गोरखपुर जाने वालों को होता है। कारण यह कि बिड़हर घाट पर बने पुल से आवागमन करने पर लगभग 45 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ता है।
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इस पुल पर 15 नवंबर से 15 जून तक ही वाहनों का संचालन होता है। दरअसल सरयू नदी का जलस्तर बढने पर पीपे का पुल जलमग्र हो जाता है। इससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकने के लिए 15 जून से 15 नवंबर तक इस अस्थाई पुल पर से आवागमन ठप कर दिया जाता है। इसी क्रम में सोमवार 15 जून से अस्थाई पीपे पुल से आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर के कर्मचारियों ने आवागमन ठप कर पीपों को खोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया। इससे अब सोमवार से यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई है। उन्हें या तो बिड़हर घाट की तरफ से जाना पड़ रहा या फिर क्रमवार नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर के अवर अभियंता गोरव श्रीवास्तव ने बताया कि पीपों को खोलने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। तीन दिन में सभी पीपों को खोल दिया जाएगा।
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