{"_id":"609578ac8ebc3ed20242d3a6","slug":"patients-not-found-in-beds-floors-and-vehicles-ambedkar-nagar-news-lko5772310182","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिला बेड, फर्श व वाहन में मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मिला बेड, फर्श व वाहन में मरीजों का इलाज
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण के दौर में जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह बेपटरी हो गई है। यहां बेड के अभाव में फर्श पर ही मरीज को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं, जमीन पर भी जगह नहीं मिली तो इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़े वाहन में ही मरीज को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ ही उसका इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि मरीज को भर्ती करने में अस्पताल प्रशासन आनाकानी करता है। इसे लेकर अकसर चिकित्सक व तीमारदारों के बीच नोकझोंक भी होती रहती है। तीमारदारों का कहना है कि इलाज के अभाव में मरीज तड़पता रहता है, लेकिन धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सकों का हृदय नहीं पसीजता है।
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है। चारों तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। अस्पताल न तो मरीजों को बेड मिल पा रहा है और न ही समुचित इलाज ही हो पा रहा है। मरीज को भर्ती करने में अस्पताल प्रशासन की ओर से आनाकानी की जाती है। मरीजों को सुचारु रूप से ऑक्सीजन भी नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।
मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीज को इमरजेंसी वार्ड के गलियारे में फर्श पर ही भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है। शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड के गलियारे में फर्श पर ही कई मरीजों को लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा था। तीमारदार राकेश कुमार व संजीव ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिकित्सकों की ओर से समुचित इलाज सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, बेड न मिलने व चिकित्सकों की ओर से भर्ती किए जाने में आनाकानी किस कदर की जा रही है कि शुक्रवार को एक मरीज का इलाज इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़े वाहन में ही किया गया। तीमारदारों का आरोप था कि चिकित्सकों ने यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है। ऐसे में काफी मान मनौव्वल के बाद वाहन में ही मरीज का इलाज किया जा रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में बेड की कमी है। इसके बावजूद मरीजों का समुचित ढंग से बेहतर इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती ही जा रही है। चारों तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। अस्पताल न तो मरीजों को बेड मिल पा रहा है और न ही समुचित इलाज ही हो पा रहा है। मरीज को भर्ती करने में अस्पताल प्रशासन की ओर से आनाकानी की जाती है। मरीजों को सुचारु रूप से ऑक्सीजन भी नहीं उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीज को इमरजेंसी वार्ड के गलियारे में फर्श पर ही भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है। शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड के गलियारे में फर्श पर ही कई मरीजों को लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा था। तीमारदार राकेश कुमार व संजीव ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिकित्सकों की ओर से समुचित इलाज सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, बेड न मिलने व चिकित्सकों की ओर से भर्ती किए जाने में आनाकानी किस कदर की जा रही है कि शुक्रवार को एक मरीज का इलाज इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़े वाहन में ही किया गया। तीमारदारों का आरोप था कि चिकित्सकों ने यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है। ऐसे में काफी मान मनौव्वल के बाद वाहन में ही मरीज का इलाज किया जा रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में बेड की कमी है। इसके बावजूद मरीजों का समुचित ढंग से बेहतर इलाज सुनिश्चित हो सके, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।