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पूजन-अर्चन के बाद श्रद्घालुओं ने श्रवणधाम से शुरु की सप्तकोसी परिक्रमा
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अंबेडकरनगर। माता-पिता के भक्त श्रवण कुमार की तप स्थली से बुधवार भोर में श्रद्धा व उल्लास के साथ सप्तकोसी परिक्रमा की शुरुआत हुई। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला मड़हा व बिसुही के संगम तट पर शुरू हो गया था। हजारों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर स्नान पूजन किया। श्रद्धालु पूर्व निर्धारित मार्गों से पदयात्रा करते हुए अलग अलग धार्मिक स्थल पहुंचे, इसके बाद वापस श्रवणधाम पहुंचकर परिक्रमा का समापन किया। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न धार्मिक स्थलों पर परिवार व समाज की बेहतरी के लिए दुआ मांगी।
बुधवार को श्रवणधाम एक बार फिर श्रद्घालुओं की आस्था का गवाह बना। प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा अर्चना की, और सप्तकोसी परिक्रमा किया। भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर दराज के क्षेत्रों से पवित्र धाम पहुंचना शुरु हो गए थे। मातृ-पितृ भक्त के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली पर श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद सप्तकोसी परिक्रमा की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने श्रवणक्षेत्र से निकलकर अन्नावां बाजार होते हुए शिवबाबा पवित्र धाम पहुंचे, और माथा टेका। इसके बाद श्रद्धालु अकबरपुर की तरफ आगे बढ़े। श्रद्धालु यहां से अकबरपुर तहसील तिराहा होते हुए शहजादपुर रामजानकी मंदिर में माथा टेका।
इसके बाद श्रद्धालु शहजादपुर पूर्वी नाका होते हुए पहितीपुर पहुंचे। बाद में श्रवणक्षेत्र धाम पहुंचकर दोबारा स्नान पूजन किया। लगभग पूरे दिन परिक्रमार्थी छोटे छोटे जत्थों में संबंधित मार्गों पर दिखाई दिए। प्रशासन द्वारा मड़हा बिसुही संगम तट पर परिक्रमा को देखते हुए कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया था। इसके चलते श्रद्घालुओं को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अलाव आदि की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ा। इसे लेकर श्रद्धालुओं ने कड़ी नाराजगी भी जाहिर की।
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बुधवार को श्रवणधाम एक बार फिर श्रद्घालुओं की आस्था का गवाह बना। प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा अर्चना की, और सप्तकोसी परिक्रमा किया। भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर दराज के क्षेत्रों से पवित्र धाम पहुंचना शुरु हो गए थे। मातृ-पितृ भक्त के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली पर श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद सप्तकोसी परिक्रमा की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने श्रवणक्षेत्र से निकलकर अन्नावां बाजार होते हुए शिवबाबा पवित्र धाम पहुंचे, और माथा टेका। इसके बाद श्रद्धालु अकबरपुर की तरफ आगे बढ़े। श्रद्धालु यहां से अकबरपुर तहसील तिराहा होते हुए शहजादपुर रामजानकी मंदिर में माथा टेका।
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इसके बाद श्रद्धालु शहजादपुर पूर्वी नाका होते हुए पहितीपुर पहुंचे। बाद में श्रवणक्षेत्र धाम पहुंचकर दोबारा स्नान पूजन किया। लगभग पूरे दिन परिक्रमार्थी छोटे छोटे जत्थों में संबंधित मार्गों पर दिखाई दिए। प्रशासन द्वारा मड़हा बिसुही संगम तट पर परिक्रमा को देखते हुए कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया था। इसके चलते श्रद्घालुओं को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अलाव आदि की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ा। इसे लेकर श्रद्धालुओं ने कड़ी नाराजगी भी जाहिर की।
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