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कागजी गरीबों ने सरकार को बेचा 15 करोड़ का गेहूं-धान

Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 10:59 PM IST
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Paper poor sold wheat and paddy worth 15 crores to the government
अंबेडकरनगर। खुद लाखों का अनाज सरकारी खरीद में बेचकर राशन दुकानों से मिलने वाला मुफ्त अनाज डकारने वाले 409 कागजी गरीब बेनकाब हुए है। जांच के बाद प्रशासन ने इस खेल में चिह्नित सभी कार्डधारकों को अपात्र घोषित कर उनके राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की है। इन कार्डधारकों द्वारा गेहूं खरीद के समय सरकारी क्रय केन्द्रों पर 15 करोड़ से अधिक कीमत के गेहूं की बिक्री की है।
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कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीबों की मदद के लिए सभी को नि:शुल्क राशन मुहैया कराया। इसका फायदा उठाने के लिए तमाम सामर्थ्यवान लोगों ने भी कागजों पर अपने को गरीब दर्शा कर राशनकार्ड बनवा मुफ्त राशन अनाज का लाभ भी जमकर उठाया। प्रशासन ने ऐसे कलयुगी गरीबों को पकडने के लिए खास तरीका अपनाया। सरकार के निर्देश पर बीते गेहूं खरीद सत्र में ऐसे किसान राशनकार्ड धारकों की पहचान शुरू की गई जो एक तरफ सरकार से गरीब होने के नाम पर मुफ्त का राशन ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ क्रय केन्द्रों पर सीजन में लाखों का अनाज भी बेच रहे थे। मानक के तहत 3 लाख से अधिक कीमत का धान व गेहूं बेचने वाले मुफ्त राशन लेने के पात्र नही हो सकते।
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शासन के निर्देश पर शुरू हुई जांच में जिले में इस तरह के 409 कागजी गरीब कार्डधारक निकले जो सीजन में लाखों रु का अनाज सरकारी क्रय केन्द्रों पर बेच चुके थे। जिले में 3 लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले 409 किसानों का डाटा जुटाया गया तो पता चला कि उनके द्वारा लगभग सरकारी खरीद में करीब 15 करोड़ कीमत का गेहूं बेचा गया है। शासन के निर्देश इन सभी किसानों का राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया। शासन के निर्देश पर एआरटीओ कार्यालय से भी डाटा एकत्रित किया जा रहा है। जिन भी राशन कार्डधारकों के नाम चार पहिया या फिर अन्य बड़े वाहन होंगे, उनका भी राशनकार्ड निरस्त होगा।
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इन किसानों ने बेचा लाखों का गेहूं
शासन के निर्देश पर गरीबी का ढोंग रचने वाले राशनकार्डधारकों की पड़ताल शुरु की तो चौकाने वाले खुलासे हुए। जो राशनकार्ड धारक सरकार से मुफ्त का राशन लेकर खा रहे हैं, वाकई में वे सरकार को ही प्रत्येक सीजन में लाखों रुपए का अनाज बेंच रहे हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टांडा तहसील क्षेत्र के नाऊसांडा निवासी जयशंकर वर्मा ने 7 लाख 5 हजार 796 रुपए, सद्दरपुर निवासी शकुंतला वर्मा ने 4 लाख 78 हजार 208 रुपए, अकबरपुर तहसील क्षेत्र की अल्लीपुर कोडरा निवासी कंचन तिवारी ने 6 लाख 13 हजार 824 रुपए, रामपुर रामपट्टी की मीना देवी ने 4 लाख 49 हजार 714 रुपए व जलालपुर तहसील क्षेत्र के मौलानापुर निवासी सरिता मिश्रा ने 6 लाख 82 हजार 193 रुपए का गेहूं व धान सरकार क्रय केन्द्र पर बेचा है। इसी तरह सैकड़ों राशन कार्डधारक हैं, जो कागजों में गरीब बनकर सरकार से मुफ्त का राशन खा रहे थे।

अपात्रों पर हो चुकी है कार्रवाई
बीते दिनों हुई जांच में जो भी राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए थे, उनका कार्ड निरस्त किया जा चुका है। अब तक ऐसे 409 कार्डधारक मिले हैं। बताया कि सरकार के दिशा निर्देश पर आवश्यक छानबीन कर अपात्रों का पता लगाया जा रहा है, जो भी अपात्र होगा उसे सरकार की सुविधा से वंचित किया जाएगा।
-राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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