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सत्यापन की कड़ी प्रक्रिया के बाद ही बिक सकेगा धान
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अंबेडकरनगर। यदि धान की बिक्री करना है, तो किसान को सत्यापन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। धान बिक्री में बिचौलियों के दखल को समाप्त करने के लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था लागू की है। नई धान खरीद नीति के तहत किसानों को धान की बिक्री करने से पहले संबंधित तहसील के एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा। एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद ही किसान संबंधित क्रय केंद्र पर धान की बिक्री कर सकेगा। पूर्व में 100 क्विंटल से अधिक की बिक्री करने पर ही सत्यापन कराना पड़ता था। इस बीच आगामी 1 नवंबर से प्रारंभ हो रही धान खरीद में किसानों को धान बिक्री करने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 5 एजेंसियों के 34 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिले को इस बार 15 लाख 86 हजार कुंतल का लक्ष्य दिया गया है। बीते वर्ष कोरोना संकट के चलते जिले को कोई लक्ष्य नहीं मिला था।
धान बिक्री में बिचौलियों के लगातार बढ़ते दखल को समाप्त करने व किसानों को सीधे क्रय केंद्र पर उपज बिक्री कर सकें, इसके लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था की है। धान की बिक्री करने से पहले अब किसान को सत्यापन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। बताते चलें कि पूर्व में क्विंटल कुंतल से अधिक धान की बिक्री करने वाले किसानों को ही सत्यापन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता था। अब इस बार इसमें बदलाव करते हुए कहा गया कि यदि एक छटाक धान भी बिक्री करना है, तो किसान को संबंधित तहसील के एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा। एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद ही किसान संबंधित क्रय केंद्र पर उपज की बिक्री कर सकेगा। जिले को इस बार शासन से 15 लाख 86 हजार कुंतल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कराना होगा एसडीएम से सत्यापन
पहली बार किसानों को धान की बिक्री करने के लिए एसडीएम से सत्यापन कराने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इससे पहले पूर्व में 100 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री करने वाले किसानों को ही सत्यापन कराना पड़ता था। 1 नवंबर से प्रारंभ हो रहे खरीद में किसानों को धान बिक्री करने में कोई समस्या न हो, इसके लिए 5 एजेंसियों के 34 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। -राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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धान बिक्री में बिचौलियों के लगातार बढ़ते दखल को समाप्त करने व किसानों को सीधे क्रय केंद्र पर उपज बिक्री कर सकें, इसके लिए शासन ने इस बार नई व्यवस्था की है। धान की बिक्री करने से पहले अब किसान को सत्यापन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। बताते चलें कि पूर्व में क्विंटल कुंतल से अधिक धान की बिक्री करने वाले किसानों को ही सत्यापन की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता था। अब इस बार इसमें बदलाव करते हुए कहा गया कि यदि एक छटाक धान भी बिक्री करना है, तो किसान को संबंधित तहसील के एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा। एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर के बाद ही किसान संबंधित क्रय केंद्र पर उपज की बिक्री कर सकेगा। जिले को इस बार शासन से 15 लाख 86 हजार कुंतल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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कराना होगा एसडीएम से सत्यापन
पहली बार किसानों को धान की बिक्री करने के लिए एसडीएम से सत्यापन कराने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इससे पहले पूर्व में 100 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री करने वाले किसानों को ही सत्यापन कराना पड़ता था। 1 नवंबर से प्रारंभ हो रहे खरीद में किसानों को धान बिक्री करने में कोई समस्या न हो, इसके लिए 5 एजेंसियों के 34 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। -राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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