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धान खरीद की तैयारियां सुस्त, नहीं तय हो सके 11 केंद्र
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अंबेडकरनगर। धान खरीद को लेकर जिले में तैयारियां सुस्त हैं। महज पांच दिन बाद एक नवंबर से 78 केंद्रों पर धान की खरीद शुरू करने का निर्देश है, लेकिन अब तक 11 क्रय केंद्रों का निर्धारण ही नहीं हो सका है। 6 एजेंसियों में से दो एजेंसी पीसीएफ व पीसीयू से जुड़े केंद्रों को अब तक बोरा व धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। कई केंद्रों पर स्टाफ की तैनाती भी अब तक नहीं हो सकी है। जिले को 15 लाख 84 हजार क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इस बड़े लक्ष्य के सापेक्ष खरीद को लेकर चाक चौबंद तैयारियां शिथिल पड़ी होने से आने वाले समय में किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
शासन के निर्देश पर एक नवंबर से जिले में धान खरीद शुरू होनी है। कुल 6 एजेंसियों के 78 क्रय केंद्रों की ओर से 15 लाख 84 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य जिले को मिला है। इसमें खाद्य एवं विपणन के 21, पीसीएफ के 37, पीसीयू के 5, मंडी समिति के 3, एफसीआई के 5 व यूपीएसएस के 7 क्रय केंद्र खोले जाने हैं। शासन का निर्देश है कि एक नवंबर से सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सुनिश्चित होनी चाहिए। किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जहां तमाम सहूलियतें दी जा रही हैं, वहीं बिचौलियों के काकस को तोड़ने के लिए कई कड़े नियम भी बनाए गए हैं।
हालांकि इन सबके बीच धान खरीद को लेकर चल रहीं विभागीय तैयारियों में तेजी नहीं दिख रही है। इसके चलते ही 78 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक सिर्फ 67 क्रय केंद्र ही बनाए गए हैं। इसमें भी 10 केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक पूरे स्टाफ की तैनाती ही नहीं हो सकी है। 11 केंद्रों के स्थान व उन्हें हरी झंडी देने को लेकर अभी निर्णय नहीं हो सका है। विभागीय दावों के मुताबिक 57 क्रय केंद्र सक्रिय हैं। खास बात यह है कि इस बार नवीन मंडी सिझौली में किसानों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न एजेंसियों के 17 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। यहां पर बड़ी संख्या में किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते हैं।
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राइस मिलरों से अनुबंध में अड़चन
केंद्रों पर धान खरीद की तैयारियों में सुस्ती के साथ ही धान कुटाई के लिए राइस मिलरों से अनुबंध में भी दिक्कतें आ रही हैं। धान खरीद के बाद प्रशासन जिन मिलरों को कुटाई के लिए देना चाहता है, वह मिलर्स मौजूदा शर्तों पर अनुबंध करने के लिए तैयार नहीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक मिल संचालक ने बताया कि सरकार कुटाई के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं कर रही, जबकि महंगाई बढ़ी है। इसके अलावा हाईब्रिड धान की कुटाई में चावल की रिकवरी को लेकर भी मतभेद है। इसे भी सरकार दूर करने को तैयार नहीं है। ऐसे में अनुबंध करने पर राइस मिल संचालकों को तगड़ी चपत लगेगी। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक अनुबंध करना मुश्किल होगा। उधर, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश का कहना है कि 85 मिल संचालकों का अनुबंध करना है। राइस मिलरों से वार्ता चल रही है। फिलहाल अभी किसी मिल से अनुबंध नहीं हो सका है।
तीन अफसरों को जांच का जिम्मा
इस बार प्रशासन ने किसानों की सुलभता के लिए तीन अधिकारियों को सत्यापन का जिम्मा सौंपा है। जानकारों का कहना है कि पहले ज्यादातर सत्यापन एसडीएम स्तर से होता था। पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की बिक्री करने वाले किसानों का ही सत्यापन एडीएम स्तर से होता था। परंतु इस बार शासन ने एसडीएम के पास सत्यापन के लिए लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए तहसीलदार को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में अब एडीएम व एसडीएम के साथ ही तहसीलदार भी सत्यापन का कार्य देखेंगे।
की जा रहीं तैयारियां
धान खरीद को लेकर सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। क्रय केंद्रों को खोलने के साथ ही जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही राइस मिलरों से अनुबंध के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। निर्धारित समय पर सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सुनिश्चित होगी। अब तक 10 हजार किसानों ने आवेदन भी कर दिया है। क्रय केंद्र पर धान बिक्री के लिए किसान अपना पंजीयन प्राथमिकता पर कराएं।
-अशोक कुमार कनौजिया, अपर जिलाधिकारी
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शासन के निर्देश पर एक नवंबर से जिले में धान खरीद शुरू होनी है। कुल 6 एजेंसियों के 78 क्रय केंद्रों की ओर से 15 लाख 84 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य जिले को मिला है। इसमें खाद्य एवं विपणन के 21, पीसीएफ के 37, पीसीयू के 5, मंडी समिति के 3, एफसीआई के 5 व यूपीएसएस के 7 क्रय केंद्र खोले जाने हैं। शासन का निर्देश है कि एक नवंबर से सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सुनिश्चित होनी चाहिए। किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जहां तमाम सहूलियतें दी जा रही हैं, वहीं बिचौलियों के काकस को तोड़ने के लिए कई कड़े नियम भी बनाए गए हैं।
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हालांकि इन सबके बीच धान खरीद को लेकर चल रहीं विभागीय तैयारियों में तेजी नहीं दिख रही है। इसके चलते ही 78 क्रय केंद्रों के सापेक्ष अब तक सिर्फ 67 क्रय केंद्र ही बनाए गए हैं। इसमें भी 10 केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक पूरे स्टाफ की तैनाती ही नहीं हो सकी है। 11 केंद्रों के स्थान व उन्हें हरी झंडी देने को लेकर अभी निर्णय नहीं हो सका है। विभागीय दावों के मुताबिक 57 क्रय केंद्र सक्रिय हैं। खास बात यह है कि इस बार नवीन मंडी सिझौली में किसानों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न एजेंसियों के 17 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। यहां पर बड़ी संख्या में किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते हैं।
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राइस मिलरों से अनुबंध में अड़चन
केंद्रों पर धान खरीद की तैयारियों में सुस्ती के साथ ही धान कुटाई के लिए राइस मिलरों से अनुबंध में भी दिक्कतें आ रही हैं। धान खरीद के बाद प्रशासन जिन मिलरों को कुटाई के लिए देना चाहता है, वह मिलर्स मौजूदा शर्तों पर अनुबंध करने के लिए तैयार नहीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक मिल संचालक ने बताया कि सरकार कुटाई के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं कर रही, जबकि महंगाई बढ़ी है। इसके अलावा हाईब्रिड धान की कुटाई में चावल की रिकवरी को लेकर भी मतभेद है। इसे भी सरकार दूर करने को तैयार नहीं है। ऐसे में अनुबंध करने पर राइस मिल संचालकों को तगड़ी चपत लगेगी। जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक अनुबंध करना मुश्किल होगा। उधर, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश का कहना है कि 85 मिल संचालकों का अनुबंध करना है। राइस मिलरों से वार्ता चल रही है। फिलहाल अभी किसी मिल से अनुबंध नहीं हो सका है।
तीन अफसरों को जांच का जिम्मा
इस बार प्रशासन ने किसानों की सुलभता के लिए तीन अधिकारियों को सत्यापन का जिम्मा सौंपा है। जानकारों का कहना है कि पहले ज्यादातर सत्यापन एसडीएम स्तर से होता था। पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि पर धान की बिक्री करने वाले किसानों का ही सत्यापन एडीएम स्तर से होता था। परंतु इस बार शासन ने एसडीएम के पास सत्यापन के लिए लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए तहसीलदार को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में अब एडीएम व एसडीएम के साथ ही तहसीलदार भी सत्यापन का कार्य देखेंगे।
की जा रहीं तैयारियां
धान खरीद को लेकर सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। क्रय केंद्रों को खोलने के साथ ही जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही राइस मिलरों से अनुबंध के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। निर्धारित समय पर सभी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सुनिश्चित होगी। अब तक 10 हजार किसानों ने आवेदन भी कर दिया है। क्रय केंद्र पर धान बिक्री के लिए किसान अपना पंजीयन प्राथमिकता पर कराएं।
-अशोक कुमार कनौजिया, अपर जिलाधिकारी