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श्रमिक कल्याण योजना की रफ्तार सुस्त
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:51 PM IST
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सरकार भले ही पंजीकृत कामगारों, मजदूरों व उनके परिवारीजनों को लाभान्वित करने के लिए कई योजनाओं का संचालन कर रही हो लेकिन इसका मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में जहां श्रमिकों के पंजीयन को लेकर सुस्ती दिख रही है वहीं योजनाओं का लाभ दिलाने में भी महकमा कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
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मालूम हो कि प्रदेश सरकार भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत श्रमिकों के उन्नयन के लिए प्रयासरत है। श्रम विभाग में पंजीयन कराने के बाद सरकार विभिन्न योजनाओं से श्रमिकों को आच्छादित करती रहती है।
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सरकार की इस योजना में मजदूरों को दैनिक जीवन से जुड़ी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है लेकिन विभाग की उदासीनता से इसका लाभ मजदूर वर्ग को नहीं मिल पा रहा है। इसका प्रमुख कारण योजना को लेकर व्यापक प्रचार प्रसार का न होना माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर शहरी क्षेत्रों के ही ज्यादातर मजदूरों को इस योजना की जानकारी नहीं है।
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विभाग की सुस्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में हजारों दिहाड़ी मजदूर हैं पर विभाग ने नए वित्तीय वर्ष में अब तक केवल 1741 मजदूरों का ही पंजीयन किया है। अप्रैल से जुलाई तक विभाग ने एक माह में औसतन 400 के हिसाब से पंजीयन किया है।
कटेहरी के मजदूर राजेन्द्र भारती व बेवाना के सहतूराम कहते हैं कि उन्हें ऐसी योजना की जानकारी नहीं है। वह तो प्रतिदिन मजदूरी करके अपने परिवार की रोजी रोटी का चलाते हैं। कहा कि शासन प्रशासन को इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार करना चाहिए।