{"_id":"678d3159530cd8c81009fdcf","slug":"overloaded-sugarcane-laden-trolleys-are-breaking-the-rules-ambedkar-nagar-news-c-91-1-slko1002-128138-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: नियम तोड़ दौड़ रहे ओवरलोड गन्ना लदे ट्राॅले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: नियम तोड़ दौड़ रहे ओवरलोड गन्ना लदे ट्राॅले
विज्ञापन
अयोध्या हाईवे से श्रवण धाम मार्ग पर ओवरलोड ट्राला। संवाद
अंबेडकरनगर। चीनी मिल अकबरपुर में गन्ना पेराई शुरू होने के साथ ही ट्राॅला संचालकों की मनमानी शुरू हो गई है। यातायात नियमों की अनदेखी कर चल रहीं ओवरलोड गन्ना लदे ट्रौले न सिर्फ शहरी क्षेत्रों में जाम का सबब बन रही हैं, बल्कि हादसे को भी दावत दे रहे हैं। निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर जब ये ट्रैक्टर ट्रॉला सड़कों पर चलते हैं तो अन्य वाहनों गुजरना मुश्किल हो जाता है।
नवंबर में मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किए गए हैं। चीनी मिल से दूर वाले किसान अपने इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। इसके बाद इन सेंटरों से चीनी मिल प्रशासन ट्रैक्टर-ट्रॉले से गन्ने की ढुलाई कराता है। तौल सेंटरों से गन्ने की हो रही ढुलाई में यातायात नियमों की अनदेखी हो रही है। ट्राला में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर चीनी मिल पहुंचाया जाता है। प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया मिलने के चलते ट्राॅला संचालक क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर प्रतिदिन चीनी मिल जा रहे हैं। क्षमता से अधिक गन्ना लादकर ट्राॅला जिला मुख्यालय के अकबरपुर नगर से होकर गुजरते हैं तो शहर में जाम की समस्या हो जाती है, इससे हादसे का भी खतरा बना रहता है।
अफसरों की सेटिंग से ठेकेदार मालामाल
चीनी मिल की ओर से खोले गए सेंटरों पर जो गन्ना खरीदा जाता है, उसकी ढुलाई की जिम्मेदारी ठेकेदारों को दी जाती है। टेंडर प्रक्रिया कराकर बकायदा ठेका उठता है। वैसे तो नियम है कि ट्रैक्टर-ट्राॅली से गन्ना की ढुलाई की जाए, लेकिन पैसा कमाने के चक्कर में ठेकेदार बड़े ट्राॅलों से गन्ना ढुलाई का कार्य कराते हैं। मौजूदा समय में करीब 400 ट्राॅलाें का संचालन गन्ना ढुलाई में किया जा रहा है। एक ट्राॅला में करीब 300 क्विंटल, जबकि ट्रैक्टर-ट्राॅली में महज 80 क्विंटल गन्ना लादा जा सकता है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो यह अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है।
विज्ञापन
ओवरलोडिंग पर होगा चालान
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी नियमों का पालन करना होगा। जल्द ही ओवरलोड ट्राॅलों का चालान किया जाएगा।
सतेंद्र यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)
विज्ञापन
नवंबर में मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किए गए हैं। चीनी मिल से दूर वाले किसान अपने इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। इसके बाद इन सेंटरों से चीनी मिल प्रशासन ट्रैक्टर-ट्रॉले से गन्ने की ढुलाई कराता है। तौल सेंटरों से गन्ने की हो रही ढुलाई में यातायात नियमों की अनदेखी हो रही है। ट्राला में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर चीनी मिल पहुंचाया जाता है। प्रति क्विंटल के हिसाब से किराया मिलने के चलते ट्राॅला संचालक क्षमता से कई गुना अधिक गन्ना लादकर प्रतिदिन चीनी मिल जा रहे हैं। क्षमता से अधिक गन्ना लादकर ट्राॅला जिला मुख्यालय के अकबरपुर नगर से होकर गुजरते हैं तो शहर में जाम की समस्या हो जाती है, इससे हादसे का भी खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
अफसरों की सेटिंग से ठेकेदार मालामाल
चीनी मिल की ओर से खोले गए सेंटरों पर जो गन्ना खरीदा जाता है, उसकी ढुलाई की जिम्मेदारी ठेकेदारों को दी जाती है। टेंडर प्रक्रिया कराकर बकायदा ठेका उठता है। वैसे तो नियम है कि ट्रैक्टर-ट्राॅली से गन्ना की ढुलाई की जाए, लेकिन पैसा कमाने के चक्कर में ठेकेदार बड़े ट्राॅलों से गन्ना ढुलाई का कार्य कराते हैं। मौजूदा समय में करीब 400 ट्राॅलाें का संचालन गन्ना ढुलाई में किया जा रहा है। एक ट्राॅला में करीब 300 क्विंटल, जबकि ट्रैक्टर-ट्राॅली में महज 80 क्विंटल गन्ना लादा जा सकता है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो यह अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है।
विज्ञापन
ओवरलोडिंग पर होगा चालान
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी नियमों का पालन करना होगा। जल्द ही ओवरलोड ट्राॅलों का चालान किया जाएगा।
सतेंद्र यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)