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Ambedkar Nagar News: डेढ़ साल, चार बड़े झटके... आखिर कुर्सी भी गई

Sat, 22 Aug 2026 10:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 10:35 PM IST
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One and a half years, four major shocks... finally, even the chair is gone
अंबेडकरनगर। अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत के अध्यक्ष ओमकार गुप्ता के खिलाफ करीब डेढ़ साल से कार्रवाई और अदालती फैसलों का दौर चलता रहा। वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों से शुरू हुआ मामला अब उनकी बर्खास्तगी तक पहुंच गया।
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वर्ष 2025 में कर्मचारियों को काम से विरत रहने का निर्देश देने, हड़ताल अवधि का वेतन दिलाने के लिए अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाने, वेतन भुगतान की पत्रावलियों का अनुमोदन नहीं करने और अधिशासी अधिकारी को बंधक बनाने के प्रयास जैसे आरोप लगे। टेंडर प्रक्रिया में नियमों से छूट देने के मामले की भी जांच हुई।
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सितंबर 2025 में शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। जांच में मेसर्स जेके इंफ्रा को टर्नओवर व अनुभव की शर्तों में छूट देने और कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने के बाद अधिशासी अधिकारी के कार्यालय में धरना-घेराव से जुड़े आरोप सिद्ध माने गए। उन्हें सुनवाई के कई अवसर दिए गए।
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इसी दौरान चुनाव में आपराधिक इतिहास नहीं दर्शाने के आरोप में दाखिल याचिका पर निचली अदालत ने उनका निर्वाचन निरस्त कर प्रशासक नियुक्त कर दिया। दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने यह आदेश निरस्त किया, जिसके बाद उन्होंने फिर कार्यभार संभाल लिया। आठ जनवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की कोर्ट ने सभासद विनोद कुमार भारती से मारपीट के मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई। अपील के बावजूद दोष सिद्धि पर कोई विशिष्ट स्थगन आदेश नहीं हुआ। अब जांच में आरोप सिद्ध पाए जाने पर शासन ने उन्हें पद से हटाकर उपचुनाव तक प्रशासक नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं।


डेढ़ साल में बदलता रहा घटनाक्रम

ओमकार गुप्ता के मामले में कार्रवाई और अदालती फैसलों का सिलसिला चलता रहा। पहले वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार सीज हुए, फिर निर्वाचन निरस्त हुआ। हाईकोर्ट से राहत के बाद वह चेयरमैन बने, मारपीट मामले में सजा हुई और अब शासन ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया।
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