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अब पूर्व सांसद के आवास पर पुलिस का छापा
अबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:30 PM IST
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पुलिस टीम ने घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली और इसके बाद वापस लौट गई। पूर्व सांसद के मुताबिक पुलिस टीम ने उनसे लाइसेंसी असलहों के बारे में बात की और उसकी तलाश की आड़ में घर की सघन तलाशी की। उधर बसपा ने इसे उत्पीड़न की हद बताते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ दल पूरी तरह अन्याय पर उतर आया है।
बसपा नेता पूर्व सांसद राकेश पांडेय के अकबरपुर स्थित शराब ठेकों पर शनिवार को आबकारी व पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इसे आमतौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा गया। तमाम दबाव के बाद भी राकेश ने बसपा प्रत्याशी शोभावती वर्मा की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है।
उनके शराब ठेकों पर छापेमारी को लेकर शनिवार को बसपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बावजूद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि छापेमारी की कार्रवाई आगे भी हो सकती है। इस बीच देर सायं साढ़े आठ बजे करीब अकबरपुर कोतवाली प्रभारी योगेश शाह ने लगभग आधा दर्जन पुलिस कर्मियों के साथ पूर्व सांसद के मोहसिनपुर मंसूरपुर स्थित आवास पर दबिश दे दी।
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पुलिस टीम के छापा मारने की खबर तेजी से फैली। पूर्व सांसद श्री पांडेय छापे के समय अपने आवास पर ही मौजूद थे। पुलिस टीम ने उनसे लाइसेंसी असलहों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। उनके दोनों पुत्र व एक पुत्रवधु के नाम से जारी असलहों के बारे में पूछा गया, जिस पर पूर्व सांसद ने बताया कि वे सभी बाहर रहते हैं।
असलहे भी लाइसेंस के साथ उन्हीं के पास हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने आवास के चप्पे चप्पे का जायजा लिया। इसमें आवासीय मुख्य भवन के अलावा कर्मचारी आवास, पशुशाला व गोदाम आदि भी शामिल रहा। लगभग एक घंटे तक चली इस छापेममारी में पुलिस के हाथ कोई भी प्रतिकूल चीज हाथ नहीं लगी।
छापेमारी के दौरान ही इस बात की भी चर्चा बाहर जोर शोर से होती रही कि पुुलिस टीम को यह शक था कि कई जिला पंचायत सदस्यों को यहां छिपाकर रखा गया है। उनकी तलाश में ही यह छापेमारी की गई है। हालांकि पूर्व सांसद के मुताबिक पुलिस टीम ने उनसे लाइसेंसी असलहों के बारे में विस्तृत पूछताछ की और उसकी तलाश की आड़ में सघन छापेमारी भी आवासीय परिसर के भीतर की।
श्री पाण्डेय ने पुलिस की इस कार्रवाई को उत्पीड़न की एक और कड़ी बताते हुए कहा कि इस तरह रात के अंधेरे में असलहों की जांच के नाम पर छापेमारी का कोई औचित्य नहीं है। यह सत्तारूढ़ दल द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग की एक निंदनीय नजीर है। पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने छापेमारी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई से बसपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं डिगाया जा सकता।
कहा कि दिन में पार्टी के सक्रिय नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज वर्मा के घर पर भी पुलिस ने छापेमारी की थी। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में सत्ता के बेजा इस्तेमाल का जो नंगा नाच किया जा रहा, जनता उसे देख व समझ रही है। उधर सीओ सिटी अतुल श्रीवास्तव ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है। कहा कि वे शहर में हैं, लेकिन ऐसे किसी छापे की जानकारी नहीं।
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बसपा नेता पूर्व सांसद राकेश पांडेय के अकबरपुर स्थित शराब ठेकों पर शनिवार को आबकारी व पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इसे आमतौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा गया। तमाम दबाव के बाद भी राकेश ने बसपा प्रत्याशी शोभावती वर्मा की जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है।
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उनके शराब ठेकों पर छापेमारी को लेकर शनिवार को बसपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बावजूद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि छापेमारी की कार्रवाई आगे भी हो सकती है। इस बीच देर सायं साढ़े आठ बजे करीब अकबरपुर कोतवाली प्रभारी योगेश शाह ने लगभग आधा दर्जन पुलिस कर्मियों के साथ पूर्व सांसद के मोहसिनपुर मंसूरपुर स्थित आवास पर दबिश दे दी।
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पुलिस टीम के छापा मारने की खबर तेजी से फैली। पूर्व सांसद श्री पांडेय छापे के समय अपने आवास पर ही मौजूद थे। पुलिस टीम ने उनसे लाइसेंसी असलहों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। उनके दोनों पुत्र व एक पुत्रवधु के नाम से जारी असलहों के बारे में पूछा गया, जिस पर पूर्व सांसद ने बताया कि वे सभी बाहर रहते हैं।
असलहे भी लाइसेंस के साथ उन्हीं के पास हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने आवास के चप्पे चप्पे का जायजा लिया। इसमें आवासीय मुख्य भवन के अलावा कर्मचारी आवास, पशुशाला व गोदाम आदि भी शामिल रहा। लगभग एक घंटे तक चली इस छापेममारी में पुलिस के हाथ कोई भी प्रतिकूल चीज हाथ नहीं लगी।
छापेमारी के दौरान ही इस बात की भी चर्चा बाहर जोर शोर से होती रही कि पुुलिस टीम को यह शक था कि कई जिला पंचायत सदस्यों को यहां छिपाकर रखा गया है। उनकी तलाश में ही यह छापेमारी की गई है। हालांकि पूर्व सांसद के मुताबिक पुलिस टीम ने उनसे लाइसेंसी असलहों के बारे में विस्तृत पूछताछ की और उसकी तलाश की आड़ में सघन छापेमारी भी आवासीय परिसर के भीतर की।
श्री पाण्डेय ने पुलिस की इस कार्रवाई को उत्पीड़न की एक और कड़ी बताते हुए कहा कि इस तरह रात के अंधेरे में असलहों की जांच के नाम पर छापेमारी का कोई औचित्य नहीं है। यह सत्तारूढ़ दल द्वारा किए जा रहे दुरुपयोग की एक निंदनीय नजीर है। पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने छापेमारी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी किसी कार्रवाई से बसपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं डिगाया जा सकता।
कहा कि दिन में पार्टी के सक्रिय नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज वर्मा के घर पर भी पुलिस ने छापेमारी की थी। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में सत्ता के बेजा इस्तेमाल का जो नंगा नाच किया जा रहा, जनता उसे देख व समझ रही है। उधर सीओ सिटी अतुल श्रीवास्तव ने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया है। कहा कि वे शहर में हैं, लेकिन ऐसे किसी छापे की जानकारी नहीं।