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Ambedkar Nagar News: अब मुफ्त में नहीं होगी जलापूर्ति, 3.16 लाख को प्रतिमाह चुकाने होंगे 1.58 करोड़
Thu, 16 Oct 2025 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:17 PM IST
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टांडा विकासखंड के इनामीपुर में ठप पड़ा जल जीवन मिशन का कार्य
अंबेडकरनगर। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की सुविधा मुफ्त नहीं मिलेगी। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए प्रत्येक कनेक्शनधारक को प्रतिमाह 50 रुपये जलशुल्क देना होगा। जिला प्रशासन के इस निर्णय से जिले के करीब 3.16 लाख परिवारों पर हर माह 1.58 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेश के मुताबिक, प्रत्येक लाभार्थी परिवार से अनिवार्य रूप से 50 रुपये मासिक शुल्क वसूला जाएगा। यह राशि ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के समर्पित बैंक खाते में जमा की जाएगी और उसका सही ढंग से लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज करना होगा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पंप हाउसों के संचालन के लिए जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से हर ग्राम पंचायत में होनी चाहिए, जिससे आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न हो।
बीडीओ करेंगे वसूली व जलापूर्ति की निगरानी
सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में इस शुल्क वसूली और संचालन व्यवस्था की नियमित निगरानी करें और प्रत्येक माह रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन केवल हर घर जल योजना नहीं है, इसका उद्देश्य यह भी है कि जल की आपूर्ति लगातार और सुचारु बनी रहे।
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इन कार्यों में खर्च होगी वसूली गई राशि
पिछले कुछ वर्षों में जिले के अधिकांश गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप पेयजल योजनाएं संचालित की गई हैं। अब वसूला जाने वाला मासिक शुल्क पंप संचालन, बिजली बिल भुगतान, पाइपलाइन की मरम्मत, मोटर बदलने और अन्य आवश्यक रखरखाव कार्यों में खर्च किया जाएगा।
जल जीवन मिशन में जुटेगा 1.58 करोड़ का मासिक राजस्व
जल निगम के एक्सईएन कमलाशंकर के अनुसार, जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 3.16 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक 2.91 लाख कनेक्शन हो चुके हैं। सभी कनेक्शनधारकों से 50 रुपये प्रतिमाह की दर से लगभग 1.58 करोड़ रुपये मासिक राजस्व जुटाया जाएगा, जिससे योजना की स्थायी कार्यप्रणाली को बनाए रखना संभव होगा।
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जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेश के मुताबिक, प्रत्येक लाभार्थी परिवार से अनिवार्य रूप से 50 रुपये मासिक शुल्क वसूला जाएगा। यह राशि ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के समर्पित बैंक खाते में जमा की जाएगी और उसका सही ढंग से लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज करना होगा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पंप हाउसों के संचालन के लिए जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से हर ग्राम पंचायत में होनी चाहिए, जिससे आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न हो।
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बीडीओ करेंगे वसूली व जलापूर्ति की निगरानी
सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में इस शुल्क वसूली और संचालन व्यवस्था की नियमित निगरानी करें और प्रत्येक माह रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन केवल हर घर जल योजना नहीं है, इसका उद्देश्य यह भी है कि जल की आपूर्ति लगातार और सुचारु बनी रहे।
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इन कार्यों में खर्च होगी वसूली गई राशि
पिछले कुछ वर्षों में जिले के अधिकांश गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइप पेयजल योजनाएं संचालित की गई हैं। अब वसूला जाने वाला मासिक शुल्क पंप संचालन, बिजली बिल भुगतान, पाइपलाइन की मरम्मत, मोटर बदलने और अन्य आवश्यक रखरखाव कार्यों में खर्च किया जाएगा।
जल जीवन मिशन में जुटेगा 1.58 करोड़ का मासिक राजस्व
जल निगम के एक्सईएन कमलाशंकर के अनुसार, जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 3.16 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक 2.91 लाख कनेक्शन हो चुके हैं। सभी कनेक्शनधारकों से 50 रुपये प्रतिमाह की दर से लगभग 1.58 करोड़ रुपये मासिक राजस्व जुटाया जाएगा, जिससे योजना की स्थायी कार्यप्रणाली को बनाए रखना संभव होगा।