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Ambedkar Nagar News: पांच सीएचसी में नहीं दंत चिकित्सक, उपकरणों का भी टोटा
Sat, 06 Jul 2024 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 06 Jul 2024 10:56 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटेहरी।
अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो जनपद में मेडिकल कॉलेज के अलावा संयुक्त जिला अस्पताल, 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 29 पीएचसी हैं। बावजूद इसके, चिकित्सकों की कमी के चलते जरूरतमंदों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिले की 10 में से पांच सीएचसी में दंत चिकित्सक के पद रिक्त हैं। इन अस्पतालों में आने वाले दंत रोगियों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
जनपद में अकबरपुर, जलालपुर, बसखारी, टांडा, भियांव, जहांगीरगंज, रामनगर, बेवाना, भीटी और कटेहरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से सिर्फ जहांगीरगंज, अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और बसखारी में ही दंत चिकित्सकों की तैनाती है। इन सीएचसी में भी डेंटल चेयर सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है। इसकी वजह से चिकित्सक रोगियों को सिर्फ परामर्श देने तक सीमित हैं। कटेहरी, भीटी, बेवाना, भियांव और रामनगर सीएचसी में आने वाले दंत रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इन सीएचसी में दंत चिकित्सक के पद रिक्त हैं। सीएचसी प्रभारियों ने रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती किए जाने के लिए कई बार सीएमओ को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन मैन पावर की कमी के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
मुख्यालय तक लगानी पड़ रही दौड़
दंत रोगियों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इसमें उनका समय और पैसा, दोनों खर्च हो रहा है। आवागमन में आने वाली समस्या सो अलग। बता दें कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन दंत विभाग की ओपीडी में 50 से 70 मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीणअंचल के होते हैं।
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सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि दंत चिकित्सकों के स्वीकृत पद 11 हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ पांच डॉक्टरों की है। इसी वजह से समस्या आ रही है। जल्द ही वॉक इन इंटरव्यू के जरिए चिकित्सकों की नियुक्ति और फिर तैनाती की जाएगी।
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जनपद में अकबरपुर, जलालपुर, बसखारी, टांडा, भियांव, जहांगीरगंज, रामनगर, बेवाना, भीटी और कटेहरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से सिर्फ जहांगीरगंज, अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और बसखारी में ही दंत चिकित्सकों की तैनाती है। इन सीएचसी में भी डेंटल चेयर सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है। इसकी वजह से चिकित्सक रोगियों को सिर्फ परामर्श देने तक सीमित हैं। कटेहरी, भीटी, बेवाना, भियांव और रामनगर सीएचसी में आने वाले दंत रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इन सीएचसी में दंत चिकित्सक के पद रिक्त हैं। सीएचसी प्रभारियों ने रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती किए जाने के लिए कई बार सीएमओ को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन मैन पावर की कमी के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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मुख्यालय तक लगानी पड़ रही दौड़
दंत रोगियों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इसमें उनका समय और पैसा, दोनों खर्च हो रहा है। आवागमन में आने वाली समस्या सो अलग। बता दें कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन दंत विभाग की ओपीडी में 50 से 70 मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीणअंचल के होते हैं।
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सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि दंत चिकित्सकों के स्वीकृत पद 11 हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ पांच डॉक्टरों की है। इसी वजह से समस्या आ रही है। जल्द ही वॉक इन इंटरव्यू के जरिए चिकित्सकों की नियुक्ति और फिर तैनाती की जाएगी।