{"_id":"68939f5ff4222c3bbb0f108f","slug":"ninampur-underpass-of-katehari-submerged-15-villages-cut-off-from-connectivity-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1008-139911-2025-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: कटेहरी का निनामपुर अंडरपास डूबा, 15 गांवों का संपर्क कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: कटेहरी का निनामपुर अंडरपास डूबा, 15 गांवों का संपर्क कटा
Thu, 07 Aug 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
जलमग्न निनामपुर अंडरपास में आवागमन करता बाइक सवार युवक।
कटेहरी (अंबेडकरनगर)। कटेहरी क्षेत्र का निनामपुर अंडरपास बारिश के चलते पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इससे प्रतापपुर, डेलमउवा, कशियापुर, जरुखा सहित आसपास के 15 गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। इससे लोग रोजमर्रा के कामों के लिए करीब पांच किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करने को मजबूर हैं।
स्कूली बच्चे पांच किलाेमीटर के रास्ते से बचने के लिए अब रेलवे लाइन के ऊपर से रास्ता पार कर रहे हैं। इस रास्ते पर ट्रेन के आने का खतरा हमेशा रहता है, लेकिन विकल्प न होने के कारण बच्चे रोज जान जोखिम में डाल रहे हैं। कई लोग पानी के बीच से भी होकर गुजर रहे हैं। कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद से ही यह समस्या बनी हुई है। बारिश होते ही जलभराव शुरू हो जाता है। न तो नाली बनाई गई और न ही कोई पंपिंग व्यवस्था है। यह लापरवाही अब लोगों की परेशानी का कारण बन चुकी है।स्कूली बच्चों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और मरीजों को भी भारी दिक्कतें हो रही हैं। अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यों के लिए अब उन्हें रोज लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे समय और खर्च दोनों में इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों ने अंडरपास की सफाई, जलनिकासी की मांग की है। एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद पांडेय ने बताया कि पंपसेट लगवाकर एक दिन पूर्व पानी निकलवाया गया था। पुन: बारिश होने पर पानी भर गया है। पानी निकलवाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
स्कूली बच्चे पांच किलाेमीटर के रास्ते से बचने के लिए अब रेलवे लाइन के ऊपर से रास्ता पार कर रहे हैं। इस रास्ते पर ट्रेन के आने का खतरा हमेशा रहता है, लेकिन विकल्प न होने के कारण बच्चे रोज जान जोखिम में डाल रहे हैं। कई लोग पानी के बीच से भी होकर गुजर रहे हैं। कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद से ही यह समस्या बनी हुई है। बारिश होते ही जलभराव शुरू हो जाता है। न तो नाली बनाई गई और न ही कोई पंपिंग व्यवस्था है। यह लापरवाही अब लोगों की परेशानी का कारण बन चुकी है।स्कूली बच्चों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और मरीजों को भी भारी दिक्कतें हो रही हैं। अस्पताल, बाजार और सरकारी कार्यों के लिए अब उन्हें रोज लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे समय और खर्च दोनों में इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों ने अंडरपास की सफाई, जलनिकासी की मांग की है। एडीओ पंचायत दुर्गा प्रसाद पांडेय ने बताया कि पंपसेट लगवाकर एक दिन पूर्व पानी निकलवाया गया था। पुन: बारिश होने पर पानी भर गया है। पानी निकलवाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन