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अवैध वसूली व मनमानी से परेशान मोटरबोट यात्री
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राजेसुलतानपुर। प्रदेश सरकार ने भले ही जनहित को देखते हुए कम्हरिया घाट से निशुल्क वाटर बोट संचालन के निर्देश दिए हैं। परन्तु अभी पखवारे भर पहले शुरु हुई मोटरबोट सेवा से जुड़े लोगों ने यात्रियों से अवैध धन उगाही करनी शुरू कर दी है। यात्रियों को आवागमन के लिए काफी इंतजार भी करना पड़ता है। इसकी शिकायत भी यात्रियों ने दर्ज कराना शुरू कर दी है। मनमानी वसूली पर रोक की मांग की है। लोगों का आरोप है कि बाइक लेकर नदी को पार करने वाले यात्रियों से 20 रुपए तथा साइकिल लेकर जाने वाले यात्रियों से 10 रुपए की वसूली की जा रही है। इस पर यात्रियों ने नाराजगी जतायी है।
अंबेडकरनगर गोरखपुर जनपद को जोड़ने के लिए कम्हरिया घाट पर वर्ष के करीब 7 माह पीपा पुल से आवागमन होता है, बाकी के करीब 5 माह जल स्तर बढ़ने की वजह से पीपा पुल से आवागमन रोक दिया जाता है। यात्रियों को नौका का सहारा लेना पड़ता था। इससे काफी मुश्किल होती थीं और नौका संचालक मनमाना किराया भी वसूल करते थे। ऐसे में इस बार 15 जून से पीपा पुल से आवागमन बंद होने पर शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग गोरखपुर ने सरयू नदी के कम्हरिया घाट से वाटर मोटर बोट की सुविधा शुरू की।
इससे अंबेडकरनगर, गोरखपुर के अलावा आस पास के कई जनपदों के यात्रियों को निशुल्क व सुचारु आवागमन का लाभ मिलने की उम्मीद जगी। करीब 15 दिन पहले यह सेवा कम्हरिया घाट पर शुरु हुई। कुछ दिनों तक तो यात्रियों से किसी तरह का शुल्क नही लिया गया, लेकिन अब आरोप है कि साइकिल लेकर जाने वाले यात्रियों से 10 रुपए व बाइक से आवागमन करने वाले यात्रियों से 20 रुपए लिया जा रहा है।
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यात्रियों का आरोप है कि मोटर बोट संचालन में भी मनमानी की जा रही है। यात्रियों को काफी देर तक आवागमन के लिए इंतजार करना पड़ता है। शिक्षक संदेश कुमार, राहगीर रमेश चंद्र, सुभाष, आरती, रामचंद्र, परशुराम व पृथ्वी पाल ने बताया कि मौजूदा समय में न सिर्फ यात्रियों से वसूली की जा रही है, बल्कि आवागमन के लिए काफी इंतजार करना भी पड़ता है। मोटर बोट की स्थिति ठीक न होने के कारण वह एक बार में अधिकतम 15 से 20 सवारी को ही ले जा पाता है।
यात्री राधेश्याम, रणजीत व दिनेश कुमार ने इस मनमानी में सुधार कराए जाने की मांग की है। अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग गोरखपुर गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि किराया वसूलने की कोई शिकायत नहीं मिली है। यात्रियों को निशुल्क सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। यदि किसी तरह की मनमानी की गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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अंबेडकरनगर गोरखपुर जनपद को जोड़ने के लिए कम्हरिया घाट पर वर्ष के करीब 7 माह पीपा पुल से आवागमन होता है, बाकी के करीब 5 माह जल स्तर बढ़ने की वजह से पीपा पुल से आवागमन रोक दिया जाता है। यात्रियों को नौका का सहारा लेना पड़ता था। इससे काफी मुश्किल होती थीं और नौका संचालक मनमाना किराया भी वसूल करते थे। ऐसे में इस बार 15 जून से पीपा पुल से आवागमन बंद होने पर शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग गोरखपुर ने सरयू नदी के कम्हरिया घाट से वाटर मोटर बोट की सुविधा शुरू की।
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इससे अंबेडकरनगर, गोरखपुर के अलावा आस पास के कई जनपदों के यात्रियों को निशुल्क व सुचारु आवागमन का लाभ मिलने की उम्मीद जगी। करीब 15 दिन पहले यह सेवा कम्हरिया घाट पर शुरु हुई। कुछ दिनों तक तो यात्रियों से किसी तरह का शुल्क नही लिया गया, लेकिन अब आरोप है कि साइकिल लेकर जाने वाले यात्रियों से 10 रुपए व बाइक से आवागमन करने वाले यात्रियों से 20 रुपए लिया जा रहा है।
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यात्रियों का आरोप है कि मोटर बोट संचालन में भी मनमानी की जा रही है। यात्रियों को काफी देर तक आवागमन के लिए इंतजार करना पड़ता है। शिक्षक संदेश कुमार, राहगीर रमेश चंद्र, सुभाष, आरती, रामचंद्र, परशुराम व पृथ्वी पाल ने बताया कि मौजूदा समय में न सिर्फ यात्रियों से वसूली की जा रही है, बल्कि आवागमन के लिए काफी इंतजार करना भी पड़ता है। मोटर बोट की स्थिति ठीक न होने के कारण वह एक बार में अधिकतम 15 से 20 सवारी को ही ले जा पाता है।
यात्री राधेश्याम, रणजीत व दिनेश कुमार ने इस मनमानी में सुधार कराए जाने की मांग की है। अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग गोरखपुर गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि किराया वसूलने की कोई शिकायत नहीं मिली है। यात्रियों को निशुल्क सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। यदि किसी तरह की मनमानी की गई तो कार्रवाई की जाएगी।