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MGNREGA: मनरेगा के तहत दो लाख से अधिक मजदूरों को मिलेगी राहत, नहीं लगाने होंगे बैंकों के चक्कर, मौके पर भुगतान

Tue, 23 Aug 2022 05:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबेडकरनगर Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 23 Aug 2022 05:22 PM IST
सार

मनरेगा के तहत काम करने वाले दो लाख मजदूरों की मुश्किल खत्म हो जाएगी। उन्हें मौके पर ही भुगतान कर दिया जाएगा।

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MNREGA workers will now get paid on the spot in Ambedkarnagar.
कार्यस्थल पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करातीं बीसी सखी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अंबेडकरनगर जिले की 902 ग्राम पंचायत में सक्रिय दो लाख से अधिक मनरेगा मजदूरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें धन निकासी व धन जमा करने के लिए बैंक का चक्कर लगाने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। सात सौ बीसी सखी अब सीधे उनके कार्यस्थल पर पहुंचेंगी और मौके पर ही न सिर्फ मजदूरी भुगतान करेंग, साथ ही राशि जमा भी करेंगी। नई व्यवस्था लागू होने से मनरेगा मजदूरों को अब कार्य छोड़कर बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस बीच सोमवार को बीसी सखी ने अलग-अलग क्षेत्रों में मनरेगा के तहत चल रहे कार्य के दौरान मौके पर पहुंचकर मनरेगा मजदूरों का न सिर्फ भुगतान किया, बल्कि राशि जमा भी की।

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मनरेगा मजदूरों के लिए एनआरएलएम योजना के तहत बीसी सखियां मोबाइल बैंक की तरह कार्य करेंगी। मनरेगा मजदूरों को अब धननिकासी व जमा करने के लिए संबंधित बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बीसी सखियां स्वयं इवोलूट पॉस मशीन लेकर मनरेगा योजना के तहत गांव में चल रहे कार्यस्थल पर पहुंचेंगी और न सिर्फ भुगतान करेंगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर जमा भी करेंगी।
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जिले की 902 ग्राम पंचायतों में मौजूदा समय में दो लाख 15 हजार सक्रिय मनरेगा मजदूर हैं। अब तक होता यह था कि मनरेगा मजदूर को यदि धन निकासी करनी होती थी या फिर राशि जमा करनी होती थी, तो कार्य छोड़कर उन्हें संबंधित बैंक का चक्कर लगाना पड़ता था। कभी कभी उन्हें इसके लिए दो तीन बार बैंक का चक्कर लगाना पड़ जाता था। इसमें एक तरफ जहां मनरेगा मजदूरों का समय बर्बाद होता था, तो वहीं छुट्टी लेकर जाने पर उन्हें मजदूरी का भी नुकसान होता था।
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मनरेगा मजदूरों की इस समस्या को दूर करने के लिए ही गत दिवस शासन ने एनआरएलएम योजना के तहत कार्यस्थल पर ही मनरेगा मजदूरों को न सिर्फ राशि निकालने, बल्कि जमा करने की भी सुविधा प्रदान करने की घोषणा की। इसकी जिम्मेदारी बीसी सखियों को दी गई। जिले में मौजूदा समय में सात सौ बीसी सखी हैं। सोमवार को शासन के दिशा निर्देश पर बीसी सखियां विभिन्न ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा योजना के तहत कार्यस्थल पर पहुंचकर इवोलूट पॉस मशीन की सहायता से धननिकासी के साथ साथ जमा भी किया।

सराहनीय है शासन का कदम
मनरेगा मजदूर ठकुरी देवी व रवि कुमार ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि शासन का यह कदम अत्यंत सराहनीय है। इससे अब बैंक तक का चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि काम छोड़कर बैंक तक जाना भी नहीं पड़ेगा। राजपत्ती देवी व लंबू ने कहा कि अक्सर ऐसा होता था कि काम छोड़कर बैंक तक जाना पड़ता था। इसमें कभी कभी दो तीन दिन काम होने में लग जाता था। इस नई व्यवस्था से इससे राहत मिलेगी। कार्यस्थल पर ही न सिर्फ धननिकासी कर सकेंगे, बल्कि जमा भी कर सकेंगे।


10 हजार होगी जमा व निकासी
बीसी सखी कार्यस्थल पर पहुंचकर आवश्यकतानुसार मनरेगा मजदूरों का न सिर्फ भुगतान करेंगी, बल्कि राशि जमा भी करेंगी। 10 हजार रुपये तक की धन निकासी के साथ ही इतनी ही राशि जमा भी कर सकेंगी। आरबी यादव, उपायुक्त स्वरोजगार

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