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जिला प्रशासन के झूठ पर विधायक टांडा ने लगाया मरहम
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अंबेडकरनगर के इटरौरा गांव में दिवंगत सफाई कर्मी के परिवारीजनों को भरोसा दिलातीं टांडा विधायक सं
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री की सभा के दौरान सफाई कर्मी की मौत मामले में प्रशासन के रवैैये से आहत पीड़ित परिवार को टांडा विधायक संजू देवी ने ढांढस बधाकर बड़ी आस जगाई है। जिला प्रशासन के झूठ के बीच अमर उजाला द्वारा सफाई के ड्यूटी पर होने से जुड़े तथ्यों को लेकर छेड़ी गई मुहिम के बीच टांडा विधायक संजू देवी दिवंगत सफाई कर्मी सुरेश कन्नौजिया के घर अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत इटरौरा पहुंचीं।
वहां उन्होंने पीड़ित परिजनों से कहा कि जब सफाई कर्मी के पास कार्ड मौजूद था तो निश्चित रूप से वह ड्यूटी पर था। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता भी इसी मत के हैं कि वह सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री की ड्यूटी में मौजूद था। विधायक ने परिवारीजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि सभी तथ्यों को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही शासन से भी वार्ता की जाएगी। विधाक के आश्वासन से पीड़ित परिवार को अपना दर्द कुछ कम होता नजर आया।
बीते 6 सितंबर को जलालपुर नगर के एनडी इंटर कॉलेज में आयोजित सभा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद सफाई कर्मी सुरेश की कन्नौजिया की मौत हो गई थी। ड्यूटी कार्ड मिलने के बावजूद जिला प्रशासन ने झूठा तथ्य रखते हुए दावा किया था कि सफाई कर्मचारी सीएम की ड्यूटी में तैनात नहीं था। संबंधित ड्यूटी कार्ड सार्वजनिक हो जाने के बाद जिला प्रशासन के झूठ को लेकर समूचे जिले में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
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अमर उजाला ने इसे लेकर विस्तार से खबर प्रकाशित की, जिसके चलते पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगती दिखी। इस बीच एक दिन पहले शुक्रवार को टांडा विधायक संजू देवी अपने प्रतिनिधि श्याम बाबू तथा भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामफेर कन्नौजिया के साथ अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के इटरौरा गांव पहुंचकर दिवंगत सफाई कर्मी के परिवारीजनों से मुलाकात की।
पीड़ित परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सुरेेश के पास ड्यूटी कार्ड होने के बावजूद जिला प्रशासन अनायास झूठ बोल रहा है। उसका यह रवैया समझ से परे है। परिवारीजनों ने विधायक को सीएम की ड्यूटी का पास दिखाते हुए डीएम राकेश कुमार मिश्र के रवैये को लेकर नाराजगी भी जताई।
विधायक ने सफाई कर्मी की पत्नी, तथा बेटी व पुत्र को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि निश्चित रूप से वे ड्यूटी पर मौजूद थे। विधायक ने कहा कि मैं मानती हूं कि वे अपनी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी पर थे। यह मानने का कोई सवाल नहीं उठता कि वे ड्यूटी पर नहीं गए थे। विधायक ने कहा कि न सिर्फ मैं वरन पार्टी के तमाम वरिष्ठ प्रांतीय नेता भी यह मानते हैं कि सुरेश कन्नौजिया मुख्यमंत्री की ड्यूटी पर बाकायदा तैनात थे। इस बारे में कोई दो राय नहीं है।
संजू देवी ने सफाई कर्मियों के परिजनों से कहा कि परिवार के सदस्यों को खोने का दुख मैंने बहुत करीब से देखा है। मैं यह दर्द अच्छे से समझती हूं। इस मुश्किल घड़ी में आप सब अकेले नहीं हैं। मैं पूरी तरह से आप सब के साथ खड़ी नजर आऊंगी। परिवार के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। विधायक के साथ तेजस्वी जायसवाल, शत्रुघ्न सोनी, अमित पटेल व आलोक चौरसिया भी मौजूद रहे।
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वहां उन्होंने पीड़ित परिजनों से कहा कि जब सफाई कर्मी के पास कार्ड मौजूद था तो निश्चित रूप से वह ड्यूटी पर था। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता भी इसी मत के हैं कि वह सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री की ड्यूटी में मौजूद था। विधायक ने परिवारीजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और कहा कि सभी तथ्यों को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही शासन से भी वार्ता की जाएगी। विधाक के आश्वासन से पीड़ित परिवार को अपना दर्द कुछ कम होता नजर आया।
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बीते 6 सितंबर को जलालपुर नगर के एनडी इंटर कॉलेज में आयोजित सभा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद सफाई कर्मी सुरेश की कन्नौजिया की मौत हो गई थी। ड्यूटी कार्ड मिलने के बावजूद जिला प्रशासन ने झूठा तथ्य रखते हुए दावा किया था कि सफाई कर्मचारी सीएम की ड्यूटी में तैनात नहीं था। संबंधित ड्यूटी कार्ड सार्वजनिक हो जाने के बाद जिला प्रशासन के झूठ को लेकर समूचे जिले में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
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अमर उजाला ने इसे लेकर विस्तार से खबर प्रकाशित की, जिसके चलते पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगती दिखी। इस बीच एक दिन पहले शुक्रवार को टांडा विधायक संजू देवी अपने प्रतिनिधि श्याम बाबू तथा भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामफेर कन्नौजिया के साथ अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के इटरौरा गांव पहुंचकर दिवंगत सफाई कर्मी के परिवारीजनों से मुलाकात की।
पीड़ित परिवार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सुरेेश के पास ड्यूटी कार्ड होने के बावजूद जिला प्रशासन अनायास झूठ बोल रहा है। उसका यह रवैया समझ से परे है। परिवारीजनों ने विधायक को सीएम की ड्यूटी का पास दिखाते हुए डीएम राकेश कुमार मिश्र के रवैये को लेकर नाराजगी भी जताई।
विधायक ने सफाई कर्मी की पत्नी, तथा बेटी व पुत्र को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि निश्चित रूप से वे ड्यूटी पर मौजूद थे। विधायक ने कहा कि मैं मानती हूं कि वे अपनी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी पर थे। यह मानने का कोई सवाल नहीं उठता कि वे ड्यूटी पर नहीं गए थे। विधायक ने कहा कि न सिर्फ मैं वरन पार्टी के तमाम वरिष्ठ प्रांतीय नेता भी यह मानते हैं कि सुरेश कन्नौजिया मुख्यमंत्री की ड्यूटी पर बाकायदा तैनात थे। इस बारे में कोई दो राय नहीं है।
संजू देवी ने सफाई कर्मियों के परिजनों से कहा कि परिवार के सदस्यों को खोने का दुख मैंने बहुत करीब से देखा है। मैं यह दर्द अच्छे से समझती हूं। इस मुश्किल घड़ी में आप सब अकेले नहीं हैं। मैं पूरी तरह से आप सब के साथ खड़ी नजर आऊंगी। परिवार के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। विधायक के साथ तेजस्वी जायसवाल, शत्रुघ्न सोनी, अमित पटेल व आलोक चौरसिया भी मौजूद रहे।