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Ambedkar Nagar News: भगवान श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष, सीता संग हुआ विवाह
Sun, 12 Oct 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:24 PM IST
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अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर के हनुमानगढ़ी खरुवइया में चल रहे मारुति यज्ञ महोत्सव के तहत रविवार को प्रवाचक उमाशंकर महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ा जनकपुर प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे श्रीराम ने शिव धनुष तोड़कर माता सीता का वरण किया।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार कर पवित्र गंगा स्नान किया और संत-महात्माओं को दक्षिणा देकर गुरु विश्वामित्र के साथ मिथिला की ओर प्रस्थान किया। मिथिला पहुंचने पर जनकपुरी में राजा जनक ने स्वयं विश्वामित्र, राम और लक्ष्मण की अगवानी की। भगवान राम और लक्ष्मण को आतिथ्य स्वरूप सीता के भवन में विश्राम हेतु ठहराया गया। प्रवाचक ने बताया कि राजा जनक ने शिव धनुष यज्ञ का भव्य आयोजन किया, जिसमें देश-विदेश के वीरों और राजाओं को आमंत्रित किया गया। अंततः जब भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रद्धा और विनम्रता के साथ धनुष को उठाया, तो वह सहज ही टूट गया। धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयघोष से जनकपुरी गूंज उठी और भगवान राम का विवाह माता सीता से संपन्न हुआ।
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प्रवाचक ने कहा कि भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार कर पवित्र गंगा स्नान किया और संत-महात्माओं को दक्षिणा देकर गुरु विश्वामित्र के साथ मिथिला की ओर प्रस्थान किया। मिथिला पहुंचने पर जनकपुरी में राजा जनक ने स्वयं विश्वामित्र, राम और लक्ष्मण की अगवानी की। भगवान राम और लक्ष्मण को आतिथ्य स्वरूप सीता के भवन में विश्राम हेतु ठहराया गया। प्रवाचक ने बताया कि राजा जनक ने शिव धनुष यज्ञ का भव्य आयोजन किया, जिसमें देश-विदेश के वीरों और राजाओं को आमंत्रित किया गया। अंततः जब भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से श्रद्धा और विनम्रता के साथ धनुष को उठाया, तो वह सहज ही टूट गया। धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयघोष से जनकपुरी गूंज उठी और भगवान राम का विवाह माता सीता से संपन्न हुआ।
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