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बैंक में ताला जड़ कर्मचारियों को बनाया बंधक
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:00 AM IST
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हीरापुर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से धन-निकासी न होने पर उपभोक्ताओं ने जड़ा ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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चार दिनों से कैश संकट से जूझ रहे उपभोक्ताओं का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। उन्होंने बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक हीरापुर शाखा में ताला जड़कर कर्मचारियों को बंधक बना दिया। इसके बाद हंगामा करते हुए टांडा-हंसवर मार्ग जाम कर दिया। सूचना पर हंसवर थाने से एक दरोगा पहुंचा लेकिन समझाने-बुझाने के बावजूद घंटों मार्ग जाम रहा।
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उधर महरुआ थाना क्षेत्र की सुखारीगंज शाखा से भी धन-निकासी न होने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। बाद में धन-निकासी शुरू हो सकी। इसके अलावा जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र के कई अन्य बैंकों में भी कैश का संकट बना रहा। कैश न होने से धन-निकासी नहीं हो सकी तो कहीं उपभोक्ताओं को पर्याप्त रकम नहीं मिल सकी।
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नतीजतन कई स्थानों पर उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया। सुलेमपुर प्रतिनिधि के अनुसार सुलेमपुर बाजार स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में चार दिनों से कैश का संकट बना हुआ है। सोमवार को बड़ी संख्या में धन-निकासी की उम्मीद में उपभोक्ताओं की लाइन लग गई। पूर्वाह्न 11 बजे उन्हें जानकारी हुई कि कैश न होने से धन-निकासी संभव नहीं है।
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इस पर उपभोक्ताओं का आक्रोश भड़क गया और हंगामा शुरू कर दिया। मुख्य गेट पर ताला जड़कर कर्मचारियों को बंधक बना दिया। साथ ही नारेबाजी करते हुए टांडा-हंसवर मार्ग जाम कर दिया। जानकारी होने पर हंसवर थाने से एक दरोगा ने मौके पर पहुंचकर समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन उपभोक्ता घंटों डटे रहे।
महरुआ प्रतिनिधि के अनुसार सुखारीगंज बाजार स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में भी कैश की किल्लत होने की जानकारी उपभोक्ताओं को हुई तो उन्होंने हंगामा करते हुए बैंक के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जमकर बैंक प्रशासन व केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। बाद में धन की उपलब्धता होने पर उपभोक्ताओं को 500 से एक हजार रुपये तक का भुगतान किया गया।
कुछ ऐसा ही हाल ऐनवां, भूलेपुर, केदारनगर व सूरापुर स्थित बैंकों का भी रहा। सोमवार को कैश की कमी के चलते पर्याप्त धनराशि न मिलने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके अलावा जिला मुख्यालय से लेकर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की भी स्थिति कुछ इसी प्रकार रही।
ज्यादातर बैंकों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त धनराशि नहीं मिल सकी। जिला मुख्यालय के एसबीआई कृषि शाखा से भी उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को भी एटीएम सेवा पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी।
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर एटीएम के ताले कैश न होने के चलते नहीं खुल सके। जिला मुख्यालय पर एसबीआई, एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के एक-एक एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी। जलालपुर में एसबीआई व एचडीएफसी जबकि टांडा में एचडीएफसी के एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर एटीएम में कैश संकट के चलते धन-निकासी नहीं हो सकी। नोटबंदी को 40 दिन से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन इसके बाद भी एटीएम सेवाएं ठीक ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं।
इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश भी देखने को मिल रहा हैै। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कैश की पर्याप्त उपलब्धता के प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही शाखाओं तक करेंसी उपलब्ध करा दी जाएगी। अब स्थिति के सामान्य हो जाने की उम्मीद है।
उधर, बरियावन बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में उपभोक्ता व बैंक कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि कर्मचारी ने उपभोक्ता से दुर्व्यवहार करते हुए उसे बैंक से बाहर कर दिया। इससे अन्य उपभोक्ताओं में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर उपभोक्ता अजय सिंह निवासी सिसारे थाना सम्मनपुर बैंक पहुंचा। उसका कहना है कि वह बैंक के एक कर्मचारी से चेकबुक के बारे में जानकारी कर रहा था। इसी बीच कर्मचारी नाराज हो गया और उसने दुर्व्यवहार शुरू कर दिया।
इसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उसे बैंक के बाहर कर दिया गया। घटना से बाहर लाइन में लगे उपभोक्ताओं में आक्रोश फैल गया। इस बीच मौके पर पहुंचे सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र ने समझाकर शांत कराया। कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली है।