{"_id":"5d68010d8ebc3e014c4b4205","slug":"light-ambedkar-nagar-news-lko478744570","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रांसफार्मर फुंकने से अंधेरे में है 700 की आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रांसफार्मर फुंकने से अंधेरे में है 700 की आबादी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमुनीपुर। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के जमुनीपुर में लगा ट्रांसफार्मर बुधवार रात शॉर्ट सर्किट से फुंक गया। इससे करीब 700 की आबादी को अंधेरे में रात बिताने को मजबूर होना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक माह के भीतर यह दूसरा ट्रांसफार्मर जला है। वजह यह है कि विभाग बगैर फाल्ट ठीक किए दूसरा ट्रांसफार्मर लगा देता है जो कुछ ही दिनों में जवाब दे जाता है।
बता दें कि जमुनीपुर गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित है। इससे जमुनीपुर गांव के अलावा आधी आबादी हरीपुर गांव की तथा जमुनीपुर बाजार को विद्युत आपूर्ति होती है, लेकिन बीते कुछ दिनों से ट्रांसफार्मर जलने के चलते ग्रामीणों को समुचित विद्युत आपूर्ति नहीं मिला पा रही। वजह यह कि गांव में लगे विद्युत उपकरण इतने जर्जर हो गए हैं कि आये दिन उसमें शॉर्ट सर्किट होता रहता है, जिसके चलते ट्रांसफार्मर जवाब दे जाते हैं। वहीं विभाग फाल्ट खोजने की बजाए दूसरा ट्रांसफार्मर लगवा देता है जो फिर जल जाता है।
इसी क्रम में बुधवार रात लगा ट्रांसफार्मर फिर से जवाब दे गया। ग्रामीणों की मानें तो एक माह के भीतर य दूसरा ट्रांसफार्मर खराब हुआ है। दूसरे ट्रांसफार्मर के लिए भी सप्ताह भर तक इंतजार करना पड़ता है। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है, बल्कि कई अन्य कार्य भी प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों ने विभाग से आपूर्ति व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि जमुनीपुर गांव में 63 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित है। इससे जमुनीपुर गांव के अलावा आधी आबादी हरीपुर गांव की तथा जमुनीपुर बाजार को विद्युत आपूर्ति होती है, लेकिन बीते कुछ दिनों से ट्रांसफार्मर जलने के चलते ग्रामीणों को समुचित विद्युत आपूर्ति नहीं मिला पा रही। वजह यह कि गांव में लगे विद्युत उपकरण इतने जर्जर हो गए हैं कि आये दिन उसमें शॉर्ट सर्किट होता रहता है, जिसके चलते ट्रांसफार्मर जवाब दे जाते हैं। वहीं विभाग फाल्ट खोजने की बजाए दूसरा ट्रांसफार्मर लगवा देता है जो फिर जल जाता है।
विज्ञापन
इसी क्रम में बुधवार रात लगा ट्रांसफार्मर फिर से जवाब दे गया। ग्रामीणों की मानें तो एक माह के भीतर य दूसरा ट्रांसफार्मर खराब हुआ है। दूसरे ट्रांसफार्मर के लिए भी सप्ताह भर तक इंतजार करना पड़ता है। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है, बल्कि कई अन्य कार्य भी प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों ने विभाग से आपूर्ति व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है।
विज्ञापन