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Ambedkar Nagar News: सगे भाइयों की हत्या में 10 को आजीवन कारावास
Sat, 02 Dec 2023 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 02 Dec 2023 10:45 PM IST
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प्रधान चुनाव की रंजिश में की थी घेरकर दिनदहाड़े हत्या
दो वर्ष पहले राजेसुल्तानपुर में हुआ था बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सगे भाइयों के दोहरे हत्याकांड में सभी 10 दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक श्रीवास्तव ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जेल में बंद इन सभी आरोपियों को सजा सुनाते हुए उन पर 50-50 हजार रुपये से अधिक का अर्थदंड भी लगाया। सभी अभियुक्तों को इसके बाद जेल भेज दिया गया।
दो वर्ष पहले चार जनवरी 2021 को ग्राम प्रधानी के चुनाव की रंजिश में मल्लूपुर मजगवां की ग्राम प्रधान किरन मिश्र के पति अनिल कुमार मिश्र व उनके बड़े भाई सेवानिवृत्त फौजी सुरेंद्र मिश्र की लग्जरी जीप को कुछ लोगों ने घेर लिया। इसके बाद अवैध असलहों व लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दोनों सगे भाइयों की हत्या कर दी। आरोपी घटना के बाद फरार हो गए। पुलिस ने छह नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में हुई विवेचना के आधार पर 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
सभी आरोपी जेल में ही निरुद्ध चले आ रहे थे। एक दिन पहले कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को मामले में दोषी करार दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप सिंह व अधिवक्ता दिवाकर ओझा ने बताया कि एडीजे अभिषेक श्रीवास्तव ने शनिवार को सभी 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अलग-अलग धाराओं में 53500-53500 रुपये का अर्थदंड प्रत्येक अभियुक्त पर लगाया गया।
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इन अभियुक्तों को मिली सजा
अनिल के भाई रवींद्र की तरफ से केस दर्ज होने के बाद अब सुनाई गई सजा में घटना के मुख्य आरोपी बनकटा बुजुर्ग निवासी अमित सिंह व उसके पिता जगदंबा सिंह के अलावा इसी गांव के चंद्रशेखर उर्फ पप्पू, चंद्रभान सिंह, संतोष सिंह, कठवत कोल निवासी भरत यादव, गोबडौर पकड़ियापुर निवासी नागेंद्र पांडेय, बिजली पंडौली निवासी राजीव पांडेय, बड़की पंडौली निवासी डब्लू पांडेय तथा आजमगढ़ के भैरोदासपुर निवासी छोटई यादव को आजीवन कारावास का दंड भुगतना होगा।
यह था विवाद
मल्लूपुर मजगवां की ग्राम प्रधान किरन मिश्र को टक्कर देने के लिए पड़ोसी गांव बनकटा बुजुर्ग के अमित सिंह ने मनमाने तरीके से मल्लपुर मजगवां गांव के परिवार रजिस्टर में अपना नाम चढ़वा लिया। इसी का मिश्र बंधु विरोध कर रहे थे। घटना वाले दिन भी दोनों भाई तहसील में अधिकारियों से अपनी आपत्ति जताकर लौट रहे थे तभी उन्हें घेरकर जानलेवा हमला कर दिया गया। कई राउंड फायरिंग से उस समय मौके पर दहशत फैल गई थी। दो सगे भाइयों की मौत की गूंज राजधानी लखनऊ तक पहुंची थी। इसमें कई राजस्व व पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। मुठभेड़ के बाद कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे। प्रदेश सरकार के मंत्री तक को गांव पहुंचना पड़ा था। परिवारीजनों ने अनशन तक किया था।
सजा के बाद नहीं दिखी शिकन
शनिवार को सजाए सुनाए जाने के लिए सभी 10 अभियुक्तों को जेल से न्यायालय परिसर लाया गया था। वहां कोर्ट ने जब आरोपियों को सजा सुनाई तो ज्यादातर अभियुक्तों के चेहरे पर किसी प्रकार का शिकन नहीं दिखा। उम्रकैद की सजा होने का कोई असर अधिकांश अभियुक्तों पर नहीं था। कई अभियुक्त तत्काल फैसले की नकल देने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने नकल न मिलने पर सजा वाले फैसले पर हस्ताक्षर आदि करने से इंकार कर दिया। बाद में समझाने पर सभी अभियुक्तों ने कागजात पर हस्ताक्षर किए।
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दो वर्ष पहले राजेसुल्तानपुर में हुआ था बहुचर्चित दोहरा हत्याकांड
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सगे भाइयों के दोहरे हत्याकांड में सभी 10 दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक श्रीवास्तव ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। जेल में बंद इन सभी आरोपियों को सजा सुनाते हुए उन पर 50-50 हजार रुपये से अधिक का अर्थदंड भी लगाया। सभी अभियुक्तों को इसके बाद जेल भेज दिया गया।
दो वर्ष पहले चार जनवरी 2021 को ग्राम प्रधानी के चुनाव की रंजिश में मल्लूपुर मजगवां की ग्राम प्रधान किरन मिश्र के पति अनिल कुमार मिश्र व उनके बड़े भाई सेवानिवृत्त फौजी सुरेंद्र मिश्र की लग्जरी जीप को कुछ लोगों ने घेर लिया। इसके बाद अवैध असलहों व लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दोनों सगे भाइयों की हत्या कर दी। आरोपी घटना के बाद फरार हो गए। पुलिस ने छह नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में हुई विवेचना के आधार पर 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
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सभी आरोपी जेल में ही निरुद्ध चले आ रहे थे। एक दिन पहले कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को मामले में दोषी करार दिया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप सिंह व अधिवक्ता दिवाकर ओझा ने बताया कि एडीजे अभिषेक श्रीवास्तव ने शनिवार को सभी 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अलग-अलग धाराओं में 53500-53500 रुपये का अर्थदंड प्रत्येक अभियुक्त पर लगाया गया।
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इन अभियुक्तों को मिली सजा
अनिल के भाई रवींद्र की तरफ से केस दर्ज होने के बाद अब सुनाई गई सजा में घटना के मुख्य आरोपी बनकटा बुजुर्ग निवासी अमित सिंह व उसके पिता जगदंबा सिंह के अलावा इसी गांव के चंद्रशेखर उर्फ पप्पू, चंद्रभान सिंह, संतोष सिंह, कठवत कोल निवासी भरत यादव, गोबडौर पकड़ियापुर निवासी नागेंद्र पांडेय, बिजली पंडौली निवासी राजीव पांडेय, बड़की पंडौली निवासी डब्लू पांडेय तथा आजमगढ़ के भैरोदासपुर निवासी छोटई यादव को आजीवन कारावास का दंड भुगतना होगा।
यह था विवाद
मल्लूपुर मजगवां की ग्राम प्रधान किरन मिश्र को टक्कर देने के लिए पड़ोसी गांव बनकटा बुजुर्ग के अमित सिंह ने मनमाने तरीके से मल्लपुर मजगवां गांव के परिवार रजिस्टर में अपना नाम चढ़वा लिया। इसी का मिश्र बंधु विरोध कर रहे थे। घटना वाले दिन भी दोनों भाई तहसील में अधिकारियों से अपनी आपत्ति जताकर लौट रहे थे तभी उन्हें घेरकर जानलेवा हमला कर दिया गया। कई राउंड फायरिंग से उस समय मौके पर दहशत फैल गई थी। दो सगे भाइयों की मौत की गूंज राजधानी लखनऊ तक पहुंची थी। इसमें कई राजस्व व पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। मुठभेड़ के बाद कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे। प्रदेश सरकार के मंत्री तक को गांव पहुंचना पड़ा था। परिवारीजनों ने अनशन तक किया था।
सजा के बाद नहीं दिखी शिकन
शनिवार को सजाए सुनाए जाने के लिए सभी 10 अभियुक्तों को जेल से न्यायालय परिसर लाया गया था। वहां कोर्ट ने जब आरोपियों को सजा सुनाई तो ज्यादातर अभियुक्तों के चेहरे पर किसी प्रकार का शिकन नहीं दिखा। उम्रकैद की सजा होने का कोई असर अधिकांश अभियुक्तों पर नहीं था। कई अभियुक्त तत्काल फैसले की नकल देने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने नकल न मिलने पर सजा वाले फैसले पर हस्ताक्षर आदि करने से इंकार कर दिया। बाद में समझाने पर सभी अभियुक्तों ने कागजात पर हस्ताक्षर किए।