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Ambedkar Nagar News: आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, चार लोग जख्मी
Fri, 23 Jan 2026 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:33 AM IST
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महेशपुर में सरसों के खेत में तेंदुए को साहसी ग्रामीणों की मदद से किया पिंजरे में कैद।
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर जिले की सीमा पर चहलकदमी कर रहे तेंदुए को 18 घंटे बाद मालीपुर में ग्रामीणों की मदद से वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। उसे काबू करने में युवक इंद्रेश व वन कर्मी श्याम नारायण यादव सहित चार लोग घायल हो गए। ग्रामीणों की पिटाई से तेंदुआ जख्मी भी हो गया। देर शाम इलाज के बाद तेंदुए को गोरखपुर चिड़ियाघर रवाना कर दिया गया।
सुल्तानपुर के अखंडनगर क्षेत्र के चंदीपुर गांव में गन्ने के खेत में फसलों को जानवरों से बचाने के लिए ग्रामीणों ने जाल बिछा रखा था। बुधवार शाम इसी जाल में एक तेंदुआ फंस गया। खेती की रखवाली के लिए जब किसान मौके पर पहुंचे तो जाल में फंसा तेंदुआ देख घबरा गए। देर रात सुल्तानपुर व अंबेडकरनगर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और उसे छुड़ाने की कवायद शुरू की। पूरी रात दोनों टीमें मौके पर डटी रहीं, लेकिन तेंदुए को ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका।
बृहस्पतिवार की सुबह चंदीपुर के अभय निषाद की मदद से वन विभाग के अधिकारियों ने जाल के खूंटे को हटवाया। इस बीच तेंदुए ने अभय पर हमला कर दिया और वह जाल से छूटकर भाग गया। तेंदुआ मझुई नदी में छलांग लगाकर अंबेडकरनगर सीमा में झाड़ियों में घुस गया। जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकाला, तो वन कर्मी श्याम नारायण यादव और ग्रामीण भगेलू यादव पर हमला कर जख्मी कर दिया।
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इसके बाद तेंदुआ मालीपुर के महेशपुर गांव के इंद्रेश निषाद के सरसों के खेत में जा छुपा। इंद्रेश अपने पांच साथियों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर सरसों के खेत में घुस गए। तेंदुए ने इंद्रेश पर हमला कर उसे भी जख्मी किया, लेकिन इंद्रेश ने हार नहीं मानी और ग्रामीणों की मदद से लाठियों से तेंदुए पर हमला कर दिया। तेंदुए के बेहोश होने पर वन विभाग की टीम ने उसे पिंजरे में कैद कर लिया।
गोरखपुर चिड़ियाघर के चिकित्सकों की टीम ने मालीपुर की ताहापुर नर्सरी में तेंदुए का इलाज किया। घायल वन कर्मी व ग्रामीणों का सीएचसी नगपुर में इलाज कराया गया। सभी की हालत सामान्य है।
कहां से आया तेंदुआ, पता लगाया जा रहा रूट
अंबेडकरनगर-सुल्तानपुर जिलों में तेंदुआ की आहट नहीं होती है। ऐसे में यह तेंदुआ यहां कैसे पहुंचा, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। दोनों जिलों के आसपास कोई जंगल ऐसा नहीं है, जहां तेंदुआ रहता हो। हाल ही में जलालपुर व सुल्तानपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हिरन की संख्या बढ़ी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सरयू व अन्य नदियों के किनारे भटकते हुए यह तेंदुआ यहां पहुंचा होगा और भोजन की तलाश करते हुए जाल में फंस गया। वन विभाग तेंदुए का रूट पता लगाने का प्रयास कर रहा है।
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सुल्तानपुर के अखंडनगर क्षेत्र के चंदीपुर गांव में गन्ने के खेत में फसलों को जानवरों से बचाने के लिए ग्रामीणों ने जाल बिछा रखा था। बुधवार शाम इसी जाल में एक तेंदुआ फंस गया। खेती की रखवाली के लिए जब किसान मौके पर पहुंचे तो जाल में फंसा तेंदुआ देख घबरा गए। देर रात सुल्तानपुर व अंबेडकरनगर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और उसे छुड़ाने की कवायद शुरू की। पूरी रात दोनों टीमें मौके पर डटी रहीं, लेकिन तेंदुए को ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका।
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बृहस्पतिवार की सुबह चंदीपुर के अभय निषाद की मदद से वन विभाग के अधिकारियों ने जाल के खूंटे को हटवाया। इस बीच तेंदुए ने अभय पर हमला कर दिया और वह जाल से छूटकर भाग गया। तेंदुआ मझुई नदी में छलांग लगाकर अंबेडकरनगर सीमा में झाड़ियों में घुस गया। जेसीबी की मदद से उसे बाहर निकाला, तो वन कर्मी श्याम नारायण यादव और ग्रामीण भगेलू यादव पर हमला कर जख्मी कर दिया।
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इसके बाद तेंदुआ मालीपुर के महेशपुर गांव के इंद्रेश निषाद के सरसों के खेत में जा छुपा। इंद्रेश अपने पांच साथियों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर सरसों के खेत में घुस गए। तेंदुए ने इंद्रेश पर हमला कर उसे भी जख्मी किया, लेकिन इंद्रेश ने हार नहीं मानी और ग्रामीणों की मदद से लाठियों से तेंदुए पर हमला कर दिया। तेंदुए के बेहोश होने पर वन विभाग की टीम ने उसे पिंजरे में कैद कर लिया।
गोरखपुर चिड़ियाघर के चिकित्सकों की टीम ने मालीपुर की ताहापुर नर्सरी में तेंदुए का इलाज किया। घायल वन कर्मी व ग्रामीणों का सीएचसी नगपुर में इलाज कराया गया। सभी की हालत सामान्य है।
कहां से आया तेंदुआ, पता लगाया जा रहा रूट
अंबेडकरनगर-सुल्तानपुर जिलों में तेंदुआ की आहट नहीं होती है। ऐसे में यह तेंदुआ यहां कैसे पहुंचा, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। दोनों जिलों के आसपास कोई जंगल ऐसा नहीं है, जहां तेंदुआ रहता हो। हाल ही में जलालपुर व सुल्तानपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हिरन की संख्या बढ़ी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सरयू व अन्य नदियों के किनारे भटकते हुए यह तेंदुआ यहां पहुंचा होगा और भोजन की तलाश करते हुए जाल में फंस गया। वन विभाग तेंदुए का रूट पता लगाने का प्रयास कर रहा है।