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लेखपालों ने प्रदर्शनकर जताया विरोध
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अंबेडकरनगर। पुरानी पेंशन बहाली, पदोन्नति, अतिरिक्त कार्य न लिए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तत्वावधान में सभी तहसीलों के लेखपालों ने कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया। कहा कि उनकी समस्याओं को लेकर जिम्मेदार लोगों की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि 15 दिसंबर तक मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बीते 10 से 12 दिसंबर तक हर तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया था। मांगें पूरी न होने पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार 13 दिसंबर से कलेक्ट्रेट के पास सभी तहसीलों के लेखपालों ने पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। 15 दिसंबर तक कलेक्ट्रेट के पास चलने वाले प्रदर्शन के पहले दिन जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने कहा कि बीते तीन दिनों तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के बावजूद जिम्मेदार लोगों ने किसी भी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई।
ऐसे में मजबूर होकर कलेक्ट्रेट के पास धरना देना पड़ रहा है। 15 दिसंबर तक यहां धरना दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदार लोगों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अतिरिक्त कार्य न लिए जाने की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
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इस प्रकार की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जायज मांगों को लेकर जो संघर्ष छेड़ा गया है उसे अब अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान रामशेष, उमापति उपाध्याय, अमजद अली, अजय कुमार, गरिमा, अमित, सत्यम आदि मौजूद रहे।
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बीते 10 से 12 दिसंबर तक हर तहसील मुख्यालय पर लेखपालों ने हड़ताल कर प्रदर्शन किया था। मांगें पूरी न होने पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार 13 दिसंबर से कलेक्ट्रेट के पास सभी तहसीलों के लेखपालों ने पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। 15 दिसंबर तक कलेक्ट्रेट के पास चलने वाले प्रदर्शन के पहले दिन जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने कहा कि बीते तीन दिनों तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन के बावजूद जिम्मेदार लोगों ने किसी भी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाई।
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ऐसे में मजबूर होकर कलेक्ट्रेट के पास धरना देना पड़ रहा है। 15 दिसंबर तक यहां धरना दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदार लोगों द्वारा तनिक भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अतिरिक्त कार्य न लिए जाने की मांग को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
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इस प्रकार की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जायज मांगों को लेकर जो संघर्ष छेड़ा गया है उसे अब अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान रामशेष, उमापति उपाध्याय, अमजद अली, अजय कुमार, गरिमा, अमित, सत्यम आदि मौजूद रहे।