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Ambedkar Nagar News: आठ से शिविर लगाकर बनाए जाएंगे किसान कार्ड
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आलापुर (अंबेडकरनगर)। आधार के तर्ज पर किसानों का किसान कार्ड बनाने का काम जिले में जल्द ही शुरू हो जाएगा। इसी माह से भारत सरकार की ओर से विकसित मोबाइल एप और वेब पोर्टल के जरिए किसानों का डिजिटल खाका तैयार किया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर व आधार संख्या समेत 12 बिंदुओं पर डाटा संकलित होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
अभिलेखों के डायनेमिक लिंकिंग के साथ किसानों का डाटाबेस (फार्मर रजिस्ट्री) प्रोफाइल तैयार होगा। इसमें 12 बिंदुओं पर विवरण संकलित कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार संख्या के अंतिम चार डिजिट, सहमति का विवरण, राजस्व ग्राम का नाम, तहसील, जनपद, खसरा एवं गाटा संख्या क्षेत्रफल, अंश निर्धारण एवं पीएम किसान स्टेटस आदि सूचना रहेगी।
उप जिलाधिकारी सदानंद सरोज ने बताया कि इस संबंध में लेखपालों को अवगत करा दिया गया है। आठ जुलाई से लेखपाल एवं कृषि विभाग समेत अन्य विभागों के कार्मिकों की संयुक्त टीम राजस्व ग्रामवार शिविर लगाकर किसान कार्ड तैयार कराएंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसान कार्ड और मोबाइल से ओटीपी प्राप्त करके सत्यापन किया जाएगा। पीएम किसान योजना के तहत 19वीं किस्त प्राप्त करने के लिए किसान कार्ड को अनिवार्य किया गया है।
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कार्ड बनने से हाेंगे ये फायदे
अभी किसान को किसी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकॉर्ड देना पड़ता है। किसान कार्ड बनने से उनके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। इसके अलावा किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उनके क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी। साथ ही किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति आदि देने के लिए किसानों को चिह्नित करने में आसानी होगी।
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अभिलेखों के डायनेमिक लिंकिंग के साथ किसानों का डाटाबेस (फार्मर रजिस्ट्री) प्रोफाइल तैयार होगा। इसमें 12 बिंदुओं पर विवरण संकलित कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार संख्या के अंतिम चार डिजिट, सहमति का विवरण, राजस्व ग्राम का नाम, तहसील, जनपद, खसरा एवं गाटा संख्या क्षेत्रफल, अंश निर्धारण एवं पीएम किसान स्टेटस आदि सूचना रहेगी।
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उप जिलाधिकारी सदानंद सरोज ने बताया कि इस संबंध में लेखपालों को अवगत करा दिया गया है। आठ जुलाई से लेखपाल एवं कृषि विभाग समेत अन्य विभागों के कार्मिकों की संयुक्त टीम राजस्व ग्रामवार शिविर लगाकर किसान कार्ड तैयार कराएंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसान कार्ड और मोबाइल से ओटीपी प्राप्त करके सत्यापन किया जाएगा। पीएम किसान योजना के तहत 19वीं किस्त प्राप्त करने के लिए किसान कार्ड को अनिवार्य किया गया है।
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कार्ड बनने से हाेंगे ये फायदे
अभी किसान को किसी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकॉर्ड देना पड़ता है। किसान कार्ड बनने से उनके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा। इसके अलावा किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उनके क्रियान्वयन में आसानी होगी। लाभार्थियों के सत्यापन, कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में भी सहूलियत होगी। साथ ही किसान सम्मान निधि का भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षतिपूर्ति आदि देने के लिए किसानों को चिह्नित करने में आसानी होगी।