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Ambedkar Nagar News: अस्पतालों में जांच बंद, चिप का संकट तो कहीं फिल्म की दिक्कत

Wed, 05 Apr 2023 11:56 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:56 PM IST
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Investigation stopped in hospitals, if there is a problem with the chip, then there is a problem with the film.
अंबेडकरनगर। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांचें नहीं हो पा रही हैं। कहीं एक्स-रे के लिए फिल्म नहीं है तो कई अस्तपालों में टीबी की जांच के लिए ट्रू-नॉट मशीन की चिप खत्म हो गई है। ऐसे में अस्पतालों से मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है।
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सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन पांच हजार से अधिक मरीज इलाज व जांच के लिए पहुंचते हैं। बेहतर सुविधाएं की उम्मीद लेकर जाने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत जांच सुविधा को लेकर है। जिला अस्पताल में बीते चार दिनों से डिजिटल एक्स-रे की फिल्म खत्म हो चुकी है। ऐसे में डिजिटल एक्स-रे जांच पूरी तरह से ठप है। अस्पताल में हर रोज करीब 30 मरीजों का डिजिटल एक्स-रे करवाया जाता था। जिला अस्पताल में जांच ठप हुई तो मरीजों को सामान्य एक्स-रे करवाने की सलाह दी गई।
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इस बीच बुधवार को सामान्य एक्स-रे की भी फिल्म खत्म होने से कई अंगों की एक्स-रे जांच ठप हो गई। दरआल अस्पताल में सामान्य एक्स-रे के लिए 12 गुणे 12, 10 गुणे 12 व 15 गुणे 15 साइज वाली फिल्म खत्म हो गई है। यहां सिर्फ 14 गुणे 17 व 8 गुणे 10 वाली फिल्म ही उपलब्ध है। ऐसे में पेट, रीढ़, कमर आदि की एक्स-रे जांच नहीं हो पा रही रहै।
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अस्तपाल में फिल्म खत्म होने से प्रतिदिन डिजिटल एक्स-रे के औसतन 30 जबकि सामान्य एक्स-रे वाले औसतन 120 मरीजों को समस्याएं हो रही हैं। कई साइज की फिल्म न होने से कर्मचारियों को बार-बार प्लेट बदलने में मुश्किलें हो रही हैं जिससे जांच में ज्यादा समय भी लग रहा है।
ट्रू-नॉट जांच चिप खत्म
टीबी रोग की जांच के लिए ट्रू-नॉट मशीन की स्थापना राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, सीएचसी टांडा, रामनगर व हंसवर पीएचसी पर की गई है। इन मशीनों को लगाने का उद्देश्य है कि टीबी की ज्यादा स्पष्ट जांच रिपोर्ट मिल सके। इस जांच से टीबी किस श्रेणी की है इसकी जानकारी चिकित्सक को आसानी से मिल पाती है। इन मशीनों से मरीजों की जांच भी नियमित रूप से हो रही थी लेकिन इन दिनों सभी जगह चिप समाप्त हो गई है। इससे इस मशीन से टीबी मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है।


जलालपुर में मशीन खराब
सीबी-नॉट मशीन से भी टीबी रोग की जांच की जाती है। इस मशीन की स्थापना जलालपुर सीएचसी में की गई है। इस जांच से पता चल जाता है कि मरीज के शरीर में दवाओं का असर होगा या नहीं। इसके साथ ही इन मशीनों का प्रयोग कोविड जांच में भी होता है। जलालपुर में लगी यह मशीन पिछले कुछ दिनों से खराब पड़ी है।


दो घंटे बाद भी नहीं हुई जांच
जलालपुर निवासी जाहिद बुधवार को जिला अस्पताल में सामान्य एक्स-रे कराने का इंतजार करते रहे। दो घंटे के बाद भी उनकी जांच नहीं हो सकी। उनका कहना था कि हज के लिए जाना है। इसमें एक्स-रे जांच रिपोर्ट लगाई जानी है। यदि यहां जांच नहीं हुई तो निजी केंद्र पर कराना पड़ेगा।


नहीं हो सका डिजिटल एक्स-रे उकरा निवासी हरिकेश बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे। डिजिटल एक्स-रे के लिए कक्ष पहुंचे तो पता चला कि फिल्म न होने से जांच नहीं हो सकेगी। ऐसे में उन्हें सामान्य एक्स-रे जांच करानी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह जांच होने में भी लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।


स्थिति में जल्द होगा सुधार
जांच सुविधाओं को लगातार बेहतर करने पर ध्यान है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी तरह की जांच सुविधाएं मरीजों को प्राथमिकता पर दिलाई जाएंगी। - डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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