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अवैध शराब बिक्री रोकने को यहां निभायी जाती सिर्फ फर्ज अदायगी
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अवैध शराब बिक्री रोकने को यहां निभाई जाती सिर्फ फर्ज अदायगी
अंबेडकरनगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने व कच्ची शराब बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर जिले में लंबे समय से बड़ा अभियान नहीं चलाया जा सका है। यदि कहीं किसी प्रकार की घटना होती है, तो महज औपचारिकता ही निभाई जाती है। बड़ी कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि जिले के टांडा व आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध ढंग से कच्ची शराब का निर्माण कराया जा रहा है।
जिले में भी अवैध ढंग से शराब का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इस पर अंकुश लगाने को लेकर न तो आबकारी विभाग को सुध है और न ही प्रशासन को। प्रदेश के किसी जनपद में यदि कभी किसी प्रकार की घटना होती है, तभी जिले की आबकारी टीम सक्रिय होती है। प्रशासन के निर्देश पर अवैध शराब के कारोबार को रोकने व कच्ची शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन वह महज औपचारिकता तक ही सीमित रहती है। न तो इस बात पर ध्यान दिया जाता कि कच्ची शराब के निर्माण के लिए कच्चा माल, स्टीकर, बोतल समेत अन्य सामग्री कहां से प्राप्त होती है और इसमें लिप्त लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है। अभियान के दौरान सिर्फ भट्ठी व लहन नष्ट करने पर ही जोर रहता है।
अवैध शराब पर अंकुश लगाने को लेकर आबकारी विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 अगस्त 11 सितंबर चले विशेष अभियान के दौरान अवैध शराब में लिप्त मात्र 17 लोगों के विरुद्ध ही केस दर्ज किया गया। बीते छह माह में आबकारी विभाग की बड़ी सफलता की यदि बात की जाए, तो गत 14 जुलाई को उसे अढनपुर में मिली।
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यहां छापा मारकर आबकारी व पुलिस ने संयुक्त अभियान के दौरान छापा मारकर अढनपुर स्थित सरकारी शराब की दुकान से 175 शीशी अवैध शराब बरामद की थी। बाद में दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसके अलावा टीम को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी।
आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के किनारे माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, बंगालपुर, हिथनापुर केवटली, खरवइया नई बस्ती, मदैनिया, जबकि टांडा तहसील अन्तर्गत माझा चिंतौरा, माझज्ञ उलटहवा, माझा आसोपुर में कच्ची शराब का निर्माण होता है।
लगभग चार वर्ष पूर्व अहिरौली थाना क्षेत्र में गोरखपुर की एसटीएफ ने छापा मारकर एक बंद पड़ी राइस मिल में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इसमें न सिर्फ बड़ी मात्रा में नकली शराब, बल्कि ब्रांडेड कंपनी के स्टीकर, शीशी समेत विभिन्न प्रकार के उपकरण बरामद हुए थे।
नकली शराब की बिक्री व कच्ची शराब निर्माण पर अंकुश पाने को लेकर समय समय पर अभियान चलाया जाता है। इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई भी की जाती है।
अतुल कुमार श्रीवास्तव, जिला आबकारी अधिकारी
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अंबेडकरनगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने व कच्ची शराब बनाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर जिले में लंबे समय से बड़ा अभियान नहीं चलाया जा सका है। यदि कहीं किसी प्रकार की घटना होती है, तो महज औपचारिकता ही निभाई जाती है। बड़ी कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि जिले के टांडा व आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध ढंग से कच्ची शराब का निर्माण कराया जा रहा है।
जिले में भी अवैध ढंग से शराब का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इस पर अंकुश लगाने को लेकर न तो आबकारी विभाग को सुध है और न ही प्रशासन को। प्रदेश के किसी जनपद में यदि कभी किसी प्रकार की घटना होती है, तभी जिले की आबकारी टीम सक्रिय होती है। प्रशासन के निर्देश पर अवैध शराब के कारोबार को रोकने व कच्ची शराब के निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन वह महज औपचारिकता तक ही सीमित रहती है। न तो इस बात पर ध्यान दिया जाता कि कच्ची शराब के निर्माण के लिए कच्चा माल, स्टीकर, बोतल समेत अन्य सामग्री कहां से प्राप्त होती है और इसमें लिप्त लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है। अभियान के दौरान सिर्फ भट्ठी व लहन नष्ट करने पर ही जोर रहता है।
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अवैध शराब पर अंकुश लगाने को लेकर आबकारी विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 अगस्त 11 सितंबर चले विशेष अभियान के दौरान अवैध शराब में लिप्त मात्र 17 लोगों के विरुद्ध ही केस दर्ज किया गया। बीते छह माह में आबकारी विभाग की बड़ी सफलता की यदि बात की जाए, तो गत 14 जुलाई को उसे अढनपुर में मिली।
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यहां छापा मारकर आबकारी व पुलिस ने संयुक्त अभियान के दौरान छापा मारकर अढनपुर स्थित सरकारी शराब की दुकान से 175 शीशी अवैध शराब बरामद की थी। बाद में दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसके अलावा टीम को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी।
आलापुर तहसील अन्तर्गत सरयू नदी के किनारे माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, बंगालपुर, हिथनापुर केवटली, खरवइया नई बस्ती, मदैनिया, जबकि टांडा तहसील अन्तर्गत माझा चिंतौरा, माझज्ञ उलटहवा, माझा आसोपुर में कच्ची शराब का निर्माण होता है।
लगभग चार वर्ष पूर्व अहिरौली थाना क्षेत्र में गोरखपुर की एसटीएफ ने छापा मारकर एक बंद पड़ी राइस मिल में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इसमें न सिर्फ बड़ी मात्रा में नकली शराब, बल्कि ब्रांडेड कंपनी के स्टीकर, शीशी समेत विभिन्न प्रकार के उपकरण बरामद हुए थे।
नकली शराब की बिक्री व कच्ची शराब निर्माण पर अंकुश पाने को लेकर समय समय पर अभियान चलाया जाता है। इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई भी की जाती है।
अतुल कुमार श्रीवास्तव, जिला आबकारी अधिकारी