{"_id":"66f4531ba3666a1dba0994a8","slug":"if-verification-is-completed-1700-elderly-people-will-get-pension-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1002-121805-2024-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: सत्यापन पूरा हो तो मिले 1700 बुजुर्गोंं को पेंंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: सत्यापन पूरा हो तो मिले 1700 बुजुर्गोंं को पेंंशन
Wed, 25 Sep 2024 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 25 Sep 2024 11:44 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। बुढ़ापे की लाठी कही जाने वाली वृद्धा पेंशन जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ रही है। सत्यापन न होने के चलते 1700 वृद्धा पेंशन के आवेदन ब्लाॅकों में लटके पड़े हैं। ऐसे में वृद्धजन पेंशन से वंचित हैं।
आवेदन करने के बाद बुजुर्ग ब्लाॅक से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऑनलाइन आवेदन के बाद यह सीधे समाज कल्याण अधिकारी के पास पहुंचता है, जिसे ब्लॉकों में सत्यापन के लिए भेजा जाता है। खबर है कि वहां से समय से सभी आवेदन सत्यापन कर भेजे ही नहीं रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग से सभी नौ ब्लाॅकों में चार हजार आवेदन भेजे गए। इनमें से 2300 का सत्यापन हो चुका है, जबकि 1700 आवेदनों के सत्यापन ब्लॉक द्वारा नहीं कराए जा सके हैं। इस वजह से वृद्धा पेंशन के आवेदनकर्ता परेशान हैं। न तो उन्हें पेंशन जारी की जा रही है और न ही उनके आवेदन की स्थिति के बारे में कुछ बताया ही जा रहा है। एक दिन पेंशन आएगी कि उम्मीद लिए जरूरतमंद ब्लॉक से लेकर लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय आने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
नहीं हो रही सुनवाई
वृद्धा पेंशन के लिए कई बार आवेदन करने के बाद भी लाभ नहीं मिल पाया। कार्यालय जाने पर कोई सुनता नहीं। वृद्धों की सुविधा के लिए अलग सहायता केंद्र भी होनी चाहिए। -बदामा देवी, केशवपुर
साहब लोगों को चिंता नहीं
वृद्धा पेंशन के लिए एक वर्ष पहले आवेदन किया था। ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर काटते-काटते अब थक गई हूं। सरकार कहती है कि लाभार्थियों को योजना से जोड़ो, लेकिन साहब लोगों को चिंता ही नहीं। -कांति देवी, बड़ा रकबा नैपुरा
पेंंशन को लेकर हो रही निराशा
बुढ़ापे में वृद्धा पेंशन का ही सहारा है। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियोंं के चक्कर लगाने के बाद थक हारकर बैठ गई। सुविधा मिल जाती तो थोड़ी राहत मिल जाती। -चंद्रावती, अवसानपुर
-- -- -- -- -- -
वर्जन:::
समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर जो भी आवेदन आते हैं, उसका निस्तारण करा दिया जाता है। ब्लॉक स्तर पर सत्यापन के लिए आवेदन लंबित हैं तो अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही निस्तारित किया जाएगा। -विक्रम कौशल, समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
आवेदन करने के बाद बुजुर्ग ब्लाॅक से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऑनलाइन आवेदन के बाद यह सीधे समाज कल्याण अधिकारी के पास पहुंचता है, जिसे ब्लॉकों में सत्यापन के लिए भेजा जाता है। खबर है कि वहां से समय से सभी आवेदन सत्यापन कर भेजे ही नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग से सभी नौ ब्लाॅकों में चार हजार आवेदन भेजे गए। इनमें से 2300 का सत्यापन हो चुका है, जबकि 1700 आवेदनों के सत्यापन ब्लॉक द्वारा नहीं कराए जा सके हैं। इस वजह से वृद्धा पेंशन के आवेदनकर्ता परेशान हैं। न तो उन्हें पेंशन जारी की जा रही है और न ही उनके आवेदन की स्थिति के बारे में कुछ बताया ही जा रहा है। एक दिन पेंशन आएगी कि उम्मीद लिए जरूरतमंद ब्लॉक से लेकर लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय आने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
नहीं हो रही सुनवाई
वृद्धा पेंशन के लिए कई बार आवेदन करने के बाद भी लाभ नहीं मिल पाया। कार्यालय जाने पर कोई सुनता नहीं। वृद्धों की सुविधा के लिए अलग सहायता केंद्र भी होनी चाहिए। -बदामा देवी, केशवपुर
साहब लोगों को चिंता नहीं
वृद्धा पेंशन के लिए एक वर्ष पहले आवेदन किया था। ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर काटते-काटते अब थक गई हूं। सरकार कहती है कि लाभार्थियों को योजना से जोड़ो, लेकिन साहब लोगों को चिंता ही नहीं। -कांति देवी, बड़ा रकबा नैपुरा
पेंंशन को लेकर हो रही निराशा
बुढ़ापे में वृद्धा पेंशन का ही सहारा है। इसके लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियोंं के चक्कर लगाने के बाद थक हारकर बैठ गई। सुविधा मिल जाती तो थोड़ी राहत मिल जाती। -चंद्रावती, अवसानपुर
वर्जन:::
समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर जो भी आवेदन आते हैं, उसका निस्तारण करा दिया जाता है। ब्लॉक स्तर पर सत्यापन के लिए आवेदन लंबित हैं तो अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही निस्तारित किया जाएगा। -विक्रम कौशल, समाज कल्याण अधिकारी