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एमआरआई ठप तो कहीं नहीं हो रहा एक्स-रे
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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे का कार्य ठप पड़ने से भटकने को विवश हुए मरीज-संवाद
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में एमआरआई जांच ठप है, तो वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भियांव, जहांगीरगंज व बसखारी में एक्स-रे नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल में सामान्य एक्स-रे तो हो रहा है, लेकिन डिजिटल एक्स-रे ठप पड़ा है। नतीजा यह है कि मुफ्त में इलाज व जांच की उम्मीद लेकर इन अस्पतालों में पहुंचने वाले तमाम मरीजों की उम्मीदों को कारारा झटका लग रहा है। सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे व एमआरआई न हो पाने से मरीजों को निजी केंद्रों तक की दौड़ लगाने को विवश होना पड़ रहा है। वहां उन्हें न सिर्फ लंबी लाइन में लगने की विवशता होती है, वरन आर्थिक चपत का भी सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में मरीजों की जांच सुविधा का हाल अत्यंत चिंताजनक है। दरअसल एक तरफ जहां अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच का पूरा लाभ रेडियोलॉजिस्ट के ज्यादातर पद खाली पड़े रहने से नहीं मिल पा रहा है, तो वहीं एमआरआई व एक्स-रे जैसी जांच को लेकर भी मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में वर्षों पूर्व बेशकीमती एमआरआई मशीन तो स्थापित कर दी गई, लेकिन उसके संचालन के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्ष 2014 में यहां संबंधित चिकित्सक की तैनाती हुई थी, लेकिन वे चंद माह ही टिक सके। इसके बाद से अब तक यहां पर कोई तैनाती नहीं हो पाई है। नतीजा यह है कि मशीन होने के बावजूद जरूरतमंदों की जांच नहीं हो पा रही है। उन्हें मजबूर होकर निजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ रही है। इसके लिए पांच से 10 हजार रुपये तक की चपत लग रही है। जबकि यदि यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में हो जाती, तो संबंधित मरीजों की जांच मुफ्त में हो सकती है।
जिला अस्पताल में ठप है डिजिटल एक्स-रे जांच
जिला अस्पताल में लगभग डेढ़ माह से डिजिटल एक्स-रे जांच ठप पड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जरूरी फिल्म ही उपलब्ध नहीं है। हालांकि यहां सामान्य एक्स-रे सुचारु ढंग से हो रहा है। बुधवार को यहां पहुंचे एक मरीज रतनलाल ने कहा कि डिजिटल एक्स-रे की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन यहां पता चला कि सिर्फ सामान्य एक्स-रे ही हो रहा है। अब टांडा रोड स्थित एक निजी केंद्र पर जा रहा हूं। वहां भुगतान कर के डिजिटल एक्स-रे कराना पड़ेगा। कई अन्य मरीज इसी तरह निराश होकर जिला अस्पताल से वापस लौटै।
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सीएचसी बसखारी में दो माह से नहीं है फिल्म
बसखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ इसी क्षेत्र में स्थित है। यहां बड़ी तादाद में जायरीन दूरदराज के प्रदेशों व जनपदों से आते रहते हैं। उन्हें भी इलाज व जांच की जरूरत पड़ती रहती है। मरीजों की बढ़ी हुई उम्मीद के बावजूद इस सीएचसी पर लगभग दो माह से एक्स-रे जांच बंद है। यहां भी फिल्म उपलब्ध नहीं है। इसके लिए सीएचसी स्तर से पत्राचार किया गया है, लेकिन फिल्म की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। बसखारी निवासी जरीना सीएचसी से बुधवार को वापस लौटती दिखीं। उनके पुत्र परवेज ने बताया कि एक्स-रे नहीं हो पाया। अब निजी केंद्र पर एक्स-रे कराने के बजाए एक-दो दिन इंतजार करेंगे। दोबारा आने पर भी एक्स-रे नहीं हुआ तो निजी सेंटर पर कराएंगे।
सीएचसी जहांगीरगंज में दोबारा बिगड़ी एक्स-रे मशीन
आलापुर तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरगंज में एक्स रे मशीन बीते 10 दिन से बिगड़ी है। इसके बाद से ही यहां मरीजों का एक्स रे नहीं हो पा रहा है। इससे पहले भी यहां मशीन लंबे समय तक बिगड़ी पड़ी थी। लगभग छह माह पूर्व मशीन की खराबी को लेकर अमर उजाला ने विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने आननफानन में मशीन को दुरुस्त कराया था। कुछ दिन तक तो मशीन सही रही। मरीजों की जांच हुई, लेकिन अब एक बार फिर से मशीन बिगड़ गई है।
जल्द ही दिखेंगे बेहतर नतीजे
जांच सुविधाएं बढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक्स-रे मशीनें जल्द ही बन जाएंगी। कोशिश यह है कि जांच के लिए किसी अस्पताल में मरीज को निराश होकर न लौटना पड़े। -डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
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जिला अस्पताल में मरीजों की जांच सुविधा का हाल अत्यंत चिंताजनक है। दरअसल एक तरफ जहां अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच का पूरा लाभ रेडियोलॉजिस्ट के ज्यादातर पद खाली पड़े रहने से नहीं मिल पा रहा है, तो वहीं एमआरआई व एक्स-रे जैसी जांच को लेकर भी मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में वर्षों पूर्व बेशकीमती एमआरआई मशीन तो स्थापित कर दी गई, लेकिन उसके संचालन के लिए ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्ष 2014 में यहां संबंधित चिकित्सक की तैनाती हुई थी, लेकिन वे चंद माह ही टिक सके। इसके बाद से अब तक यहां पर कोई तैनाती नहीं हो पाई है। नतीजा यह है कि मशीन होने के बावजूद जरूरतमंदों की जांच नहीं हो पा रही है। उन्हें मजबूर होकर निजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ रही है। इसके लिए पांच से 10 हजार रुपये तक की चपत लग रही है। जबकि यदि यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में हो जाती, तो संबंधित मरीजों की जांच मुफ्त में हो सकती है।
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जिला अस्पताल में ठप है डिजिटल एक्स-रे जांच
जिला अस्पताल में लगभग डेढ़ माह से डिजिटल एक्स-रे जांच ठप पड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि जरूरी फिल्म ही उपलब्ध नहीं है। हालांकि यहां सामान्य एक्स-रे सुचारु ढंग से हो रहा है। बुधवार को यहां पहुंचे एक मरीज रतनलाल ने कहा कि डिजिटल एक्स-रे की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन यहां पता चला कि सिर्फ सामान्य एक्स-रे ही हो रहा है। अब टांडा रोड स्थित एक निजी केंद्र पर जा रहा हूं। वहां भुगतान कर के डिजिटल एक्स-रे कराना पड़ेगा। कई अन्य मरीज इसी तरह निराश होकर जिला अस्पताल से वापस लौटै।
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सीएचसी बसखारी में दो माह से नहीं है फिल्म
बसखारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ इसी क्षेत्र में स्थित है। यहां बड़ी तादाद में जायरीन दूरदराज के प्रदेशों व जनपदों से आते रहते हैं। उन्हें भी इलाज व जांच की जरूरत पड़ती रहती है। मरीजों की बढ़ी हुई उम्मीद के बावजूद इस सीएचसी पर लगभग दो माह से एक्स-रे जांच बंद है। यहां भी फिल्म उपलब्ध नहीं है। इसके लिए सीएचसी स्तर से पत्राचार किया गया है, लेकिन फिल्म की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। बसखारी निवासी जरीना सीएचसी से बुधवार को वापस लौटती दिखीं। उनके पुत्र परवेज ने बताया कि एक्स-रे नहीं हो पाया। अब निजी केंद्र पर एक्स-रे कराने के बजाए एक-दो दिन इंतजार करेंगे। दोबारा आने पर भी एक्स-रे नहीं हुआ तो निजी सेंटर पर कराएंगे।
सीएचसी जहांगीरगंज में दोबारा बिगड़ी एक्स-रे मशीन
आलापुर तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरगंज में एक्स रे मशीन बीते 10 दिन से बिगड़ी है। इसके बाद से ही यहां मरीजों का एक्स रे नहीं हो पा रहा है। इससे पहले भी यहां मशीन लंबे समय तक बिगड़ी पड़ी थी। लगभग छह माह पूर्व मशीन की खराबी को लेकर अमर उजाला ने विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने आननफानन में मशीन को दुरुस्त कराया था। कुछ दिन तक तो मशीन सही रही। मरीजों की जांच हुई, लेकिन अब एक बार फिर से मशीन बिगड़ गई है।
जल्द ही दिखेंगे बेहतर नतीजे
जांच सुविधाएं बढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक्स-रे मशीनें जल्द ही बन जाएंगी। कोशिश यह है कि जांच के लिए किसी अस्पताल में मरीज को निराश होकर न लौटना पड़े। -डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ