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Ambedkar Nagar News: अटवाई अंडरपास की जगह बने ओवरब्रिज, तो मिले राहत
Sun, 06 Jul 2025 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:31 PM IST
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अटवाई अंडरपास में भरा पानी।
अंबेडकरनगर/कटेहरी। कटेहरी ब्लॉक के अटवाई गांव के पास बना रेलवे अंडरपास अब ग्रामीणों के लिए रास्ता नहीं, परेशानी बन गया है। ग्रामीण अब यहां अंडरपास की जगह ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि समस्या का हमेशा के लिए समाधान हो सके।
शनिवार को यह पूरी तरह पानी में डूब गया। दोनों तरफ की सड़कों पर भी पानी भर गया है, जिससे अटवाई समेत दो दर्जन गांवों के करीब 25 हजार लोगों का आना-जाना रुक गया है।रेलवे ने 2019 में इस अंडरपास का निर्माण शुरू किया था, लेकिन शुरुआत से ही स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि नहर के रिसाव के कारण यह हमेशा पानी से भरा रहेगा। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। आए दिन पानी भरा होने की वजह से अटवाई, चिरकिरहा, धारूपुर, समसुद्दीनपुर, दरखन, अमासन, मुरीदपुर सहित दो दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन ठप रहता है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
प्रधान जय प्रकाश पटेल ने बताया कि यह अंडरपास गांव के लिए समस्या बन गया है। छह साल से अधूरा पड़ा है और बरसात में लोग यहां आने से कतराते हैं। रेलवे की लापरवाही से हजारों लोग रोज परेशान हो रहे हैं। अगर ओवरब्रिज बने तभी राहत मिलेगी। रानू साहू ने बताया कि निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। अशोक वर्मा ने बताया कि यह अंडरपास कभी उपयोगी नहीं रहेगा। इसकी जगह ओवरब्रिज बनाना चाहिए, जिससे स्थायी समाधान हो सके।
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शनिवार को यह पूरी तरह पानी में डूब गया। दोनों तरफ की सड़कों पर भी पानी भर गया है, जिससे अटवाई समेत दो दर्जन गांवों के करीब 25 हजार लोगों का आना-जाना रुक गया है।रेलवे ने 2019 में इस अंडरपास का निर्माण शुरू किया था, लेकिन शुरुआत से ही स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि नहर के रिसाव के कारण यह हमेशा पानी से भरा रहेगा। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। आए दिन पानी भरा होने की वजह से अटवाई, चिरकिरहा, धारूपुर, समसुद्दीनपुर, दरखन, अमासन, मुरीदपुर सहित दो दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन ठप रहता है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
प्रधान जय प्रकाश पटेल ने बताया कि यह अंडरपास गांव के लिए समस्या बन गया है। छह साल से अधूरा पड़ा है और बरसात में लोग यहां आने से कतराते हैं। रेलवे की लापरवाही से हजारों लोग रोज परेशान हो रहे हैं। अगर ओवरब्रिज बने तभी राहत मिलेगी। रानू साहू ने बताया कि निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। अशोक वर्मा ने बताया कि यह अंडरपास कभी उपयोगी नहीं रहेगा। इसकी जगह ओवरब्रिज बनाना चाहिए, जिससे स्थायी समाधान हो सके।
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