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बारिश व हवा मे घर ढहा
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Thu, 25 Jun 2015 11:21 PM IST
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बुधवार रात से ही आसमान में बादलों के छा जाने से लोगों की उम्मीद बारिश को लेकर बढ़ चली थी। कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश भी हुई। इससे रात में ही तापमान में गिरावट का एहसास लोगों को होने लगा था। रात भर बादल उमड़ते घुमड़ते रहे। गुरुवार सुबह बारिश का दौर शुरु हुआ।
करीब एक घंटे हुई बारिश के दौरान जिला मुख्यालय के निकट बसखारी मार्ग निवासी विनोद कनौजिया का घर भरभरा कर ढह गया। यह घर अभी निर्माणाधीन था। रात में हुई बारिश के बाद गुरुवार प्रात: हुई बारिश के बाद यह हादसा हुआ। हालांकि संयोग यह रहा कि गृहस्वामी व कोई अन्य सदस्य इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन कई गृह उपयोगी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गए।
दीवारों के गिरने आदि से दो पशु भी घायल हुए। घटना के बाद तहसील के राजस्वकर्मी ने मौके पर पहुंचकर कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की, जिससे तहसील प्रशासन को रिपोर्ट दी जा सके। उधर भीटी, जलालपुर व आलापुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में भी छप्पर व टीनशेड के उजड़ जाने की खबर है।
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इस बीच पहले बारिश उसके बाद बादल छाए रहने से दिन भर लोगों को तेज धूप व गर्मी से निजात मिली रही। इससे न सिर्फ आम जनमानस के चेहरे खिले दिखे, बल्कि किसानों को भी राहत मिली। नहर के किनारे वाले क्षेत्रों में जहां रोपाई का दौर शुरु हो गया है, वहीं अन्य क्षेत्रों में आगे बारिश होने का इंतजार है।
गुरुवार का मौसम देखकर किसानों के बीच अब मानसून के आने की उम्मीद बढ़ गयी है। किसान शिवप्रसाद सिंह व जगतनरायण की मानें तो बारिश के बिलंब होने से ही खेती के कार्य में देरी हो रही है। बड़ी संख्या में किसानों की धान की बेरन तैयार हो चुकी है, लेकिन मौसम के साथ न देने की वजह से वह रोपाई कार्य नहीं कर रहे हैं।
रोपाई के लिए जहां उन्हें काफी रकम खर्च कर खेतों को पानी से भरना पड़ेगा, वहीं यदि आगे बारिश न हुई तो रोपी गई फसल की सिंचाई का भी प्रबंध करना पड़ेगा। ऐसे में धान की फसल पैदा करना उन्हें काफी महंगा पड़ जाएगा। किसान प्रभाकर तिवारी व जंत्रीप्रसाद वर्मा की मानें तो गुरुवार का मौसम देखकर अब किसानों की चिंता थोड़ी कम हुई है।
यदि जल्द ही भारी बारिश हो गई तो धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुुरु हो जाएगा। किसानों को इसी का इंतजार भी है। साथ ही खेतों में प्रभावित हो रही गन्ना की फसल को संजीवनी मिल जाएगी।
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करीब एक घंटे हुई बारिश के दौरान जिला मुख्यालय के निकट बसखारी मार्ग निवासी विनोद कनौजिया का घर भरभरा कर ढह गया। यह घर अभी निर्माणाधीन था। रात में हुई बारिश के बाद गुरुवार प्रात: हुई बारिश के बाद यह हादसा हुआ। हालांकि संयोग यह रहा कि गृहस्वामी व कोई अन्य सदस्य इसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन कई गृह उपयोगी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गए।
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दीवारों के गिरने आदि से दो पशु भी घायल हुए। घटना के बाद तहसील के राजस्वकर्मी ने मौके पर पहुंचकर कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की, जिससे तहसील प्रशासन को रिपोर्ट दी जा सके। उधर भीटी, जलालपुर व आलापुर विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में भी छप्पर व टीनशेड के उजड़ जाने की खबर है।
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इस बीच पहले बारिश उसके बाद बादल छाए रहने से दिन भर लोगों को तेज धूप व गर्मी से निजात मिली रही। इससे न सिर्फ आम जनमानस के चेहरे खिले दिखे, बल्कि किसानों को भी राहत मिली। नहर के किनारे वाले क्षेत्रों में जहां रोपाई का दौर शुरु हो गया है, वहीं अन्य क्षेत्रों में आगे बारिश होने का इंतजार है।
गुरुवार का मौसम देखकर किसानों के बीच अब मानसून के आने की उम्मीद बढ़ गयी है। किसान शिवप्रसाद सिंह व जगतनरायण की मानें तो बारिश के बिलंब होने से ही खेती के कार्य में देरी हो रही है। बड़ी संख्या में किसानों की धान की बेरन तैयार हो चुकी है, लेकिन मौसम के साथ न देने की वजह से वह रोपाई कार्य नहीं कर रहे हैं।
रोपाई के लिए जहां उन्हें काफी रकम खर्च कर खेतों को पानी से भरना पड़ेगा, वहीं यदि आगे बारिश न हुई तो रोपी गई फसल की सिंचाई का भी प्रबंध करना पड़ेगा। ऐसे में धान की फसल पैदा करना उन्हें काफी महंगा पड़ जाएगा। किसान प्रभाकर तिवारी व जंत्रीप्रसाद वर्मा की मानें तो गुरुवार का मौसम देखकर अब किसानों की चिंता थोड़ी कम हुई है।
यदि जल्द ही भारी बारिश हो गई तो धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुुरु हो जाएगा। किसानों को इसी का इंतजार भी है। साथ ही खेतों में प्रभावित हो रही गन्ना की फसल को संजीवनी मिल जाएगी।