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Ambedkar Nagar News: 30 लाख से अस्पताल तैयार, हैंडओवर का इंतजार
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जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। लाखों की लागत से बना कोविड कमांड अस्पताल आपसी खींचतान में हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। विभाग की मानें तो कार्यदायी संस्था द्वारा न तो अब तक मिट्टी पटाई का कार्य कराया गया और नही बाउंड्रीवाल का निर्माण हो सका है। ऐसे में जब तक कार्य को पूरा नहीं किया जाता तब तक हैंडओवर नहीं लिया जा सकता है।
मालूम हो कि वर्ष 2021 में सीएचसी जहांगीरगंज परिसर में 30 लाख रुपये की लागत से 10 बेड क्षमता के कोविड हॉस्पिटल को मंजूरी मिली थी। निर्माण की जिम्मेदारी सीएनडीएस को सौंपी गई थी। निर्माण के समय से ही गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने तमाम शिकायतें भी कीं। हालांकि इसे लेकर कोई जांच नहीं की गई। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल बनाकर तैयार कर दिया। अब भवन बनकर लंबे समय से तैयार है लेकिन आपसी खींचतान के चलते इसका हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लाखों की लागत से बनकर तैयार अस्पताल धूल फांक रहा है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. उदयचंद यादव ने बताया कि न तो मिट्टी की पटाई की गई है और न ही बाउंड्रीवाल का निर्माण हो सका है। यही नहीं पुरानी बाउंड्रीवाल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार्यदायी संस्था द्वारा भवन के अंदर में क्या काम कराया गया है इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। यही कारण है कि अस्पताल का हैंडओवर नहीं हो पा रहा है।
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स्थानीय रामपलट मिश्र, चेतन, मो. शादाब व कुलदीप वर्मा आदि का कहना है कि पहले अस्पताल ककै निर्माण में मनमानी बरती गई, अब इसका संचालन ही शुरू नहीं हो पा रहा। ऐसे में इसका लाभ मरीजों को जल्द मिल पाना मुश्किल लग रहा है। प्रशासन को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर उसका निस्तारण कराना चाहिए, जिससे आम मरीजों को इसका लाभ मिले। उधर सीएमओ डॉ. राजकुमार ने कहा कि संचालन जल्द कराया जाएगा, प्रक्रिया का पालन होगा।
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मालूम हो कि वर्ष 2021 में सीएचसी जहांगीरगंज परिसर में 30 लाख रुपये की लागत से 10 बेड क्षमता के कोविड हॉस्पिटल को मंजूरी मिली थी। निर्माण की जिम्मेदारी सीएनडीएस को सौंपी गई थी। निर्माण के समय से ही गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने तमाम शिकायतें भी कीं। हालांकि इसे लेकर कोई जांच नहीं की गई। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल बनाकर तैयार कर दिया। अब भवन बनकर लंबे समय से तैयार है लेकिन आपसी खींचतान के चलते इसका हैंडओवर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में लाखों की लागत से बनकर तैयार अस्पताल धूल फांक रहा है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. उदयचंद यादव ने बताया कि न तो मिट्टी की पटाई की गई है और न ही बाउंड्रीवाल का निर्माण हो सका है। यही नहीं पुरानी बाउंड्रीवाल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार्यदायी संस्था द्वारा भवन के अंदर में क्या काम कराया गया है इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। यही कारण है कि अस्पताल का हैंडओवर नहीं हो पा रहा है।
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स्थानीय रामपलट मिश्र, चेतन, मो. शादाब व कुलदीप वर्मा आदि का कहना है कि पहले अस्पताल ककै निर्माण में मनमानी बरती गई, अब इसका संचालन ही शुरू नहीं हो पा रहा। ऐसे में इसका लाभ मरीजों को जल्द मिल पाना मुश्किल लग रहा है। प्रशासन को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर उसका निस्तारण कराना चाहिए, जिससे आम मरीजों को इसका लाभ मिले। उधर सीएमओ डॉ. राजकुमार ने कहा कि संचालन जल्द कराया जाएगा, प्रक्रिया का पालन होगा।