{"_id":"5f3ffacc8ebc3e3d065c416e","slug":"hospital-ambedkar-nagar-news-lko5361646183","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह से ठप है जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स रे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह से ठप है जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स रे
विज्ञापन
फोटो-14 अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में एक्सरे के लिए लाइन में लगे मरीज
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। लगभग आठ माह से जिला अस्पताल में डिजिटल एक्स रे का कार्य पूरी तरह ठप है। फिल्म के अभाव में एक्सरे नहीं हो पा रहा है। नतीजा यह है कि डिजिटल एक्स रे के लिए रोजाना आने वाले औसतन 25 मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है। ज्यादातर मरीज निजी पैथालॉजी सेंटर पर पहुंचकर एक्सरे कराते हैं तो कुछ जिला अस्पताल में सामान्य एक्स रे से ही काम चलाने को मजबूर हैं। नाराज मरीजों व उनके तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों के हित की कोई परवाह नहीं है। लंबे समय से फिल्म न होने से डिजिटल एक्सरे का कार्य ठप है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे सेवा होने के बावजूद इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। दरअसल 22 जनवरी से डिजिटल एक्सरे की फिल्म समाप्त हो गई। इसके बाद से अब तक फिल्म की उपलब्धता नहीं हो सकी है। नतीजा यह है कि बीते लगभग आठ माह से जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे का कार्य पूरी तरह ठप है। ऐसे में डिजिटल एक्सरे के लिए आने वाले मरीजों को या तो मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है या फिर उन्हें सामान्य एक्सरे से ही काम चलाना पड़ता है। डिजिटल एक्सरे सेवा बहाल करने की मांग समय समय पर मरीजों व उनके तीमारदारों द्वारा उठाई भी जाती है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शुक्रवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल पहुंची, तो वहां डिजिटल एक्सरे के लिए आए कई मरीज मायूस होकर बाहर निकलते मिले। कुर्कीबाजार के रवींद्र कुमार ने कहा कि वह डिजिटल एक्सरे के लिए आया हुआ था। फिल्म न होने का हवाला देकर उसे वापस कर दिया गया। अब वह निजी पैथालॉजी सेंटर पर डिजिटल एक्सरे कराने जा रहा है। कहा कि इससे उसे आर्थिक चपत भी लगेगी। अरिया बाजार की बबिता देवी ने कहा आई तो थी डिजिटल एक्सरे कराने, लेकिन इसका संचालन न होने से उसे सामान्य एक्सरे से ही काम चलाना पड़ रहा है। अन्नावां निवासी बृजलाल ने कहा कि डिजिटल एक्सरे न होने से उसे अब निजी पैथालॉजी सेंटर का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि फिल्म के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। सामान्य एक्सरे लगातार हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे सेवा होने के बावजूद इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। दरअसल 22 जनवरी से डिजिटल एक्सरे की फिल्म समाप्त हो गई। इसके बाद से अब तक फिल्म की उपलब्धता नहीं हो सकी है। नतीजा यह है कि बीते लगभग आठ माह से जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे का कार्य पूरी तरह ठप है। ऐसे में डिजिटल एक्सरे के लिए आने वाले मरीजों को या तो मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है या फिर उन्हें सामान्य एक्सरे से ही काम चलाना पड़ता है। डिजिटल एक्सरे सेवा बहाल करने की मांग समय समय पर मरीजों व उनके तीमारदारों द्वारा उठाई भी जाती है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदारों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार को अमर उजाला टीम जिला अस्पताल पहुंची, तो वहां डिजिटल एक्सरे के लिए आए कई मरीज मायूस होकर बाहर निकलते मिले। कुर्कीबाजार के रवींद्र कुमार ने कहा कि वह डिजिटल एक्सरे के लिए आया हुआ था। फिल्म न होने का हवाला देकर उसे वापस कर दिया गया। अब वह निजी पैथालॉजी सेंटर पर डिजिटल एक्सरे कराने जा रहा है। कहा कि इससे उसे आर्थिक चपत भी लगेगी। अरिया बाजार की बबिता देवी ने कहा आई तो थी डिजिटल एक्सरे कराने, लेकिन इसका संचालन न होने से उसे सामान्य एक्सरे से ही काम चलाना पड़ रहा है। अन्नावां निवासी बृजलाल ने कहा कि डिजिटल एक्सरे न होने से उसे अब निजी पैथालॉजी सेंटर का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर, सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने बताया कि फिल्म के लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। सामान्य एक्सरे लगातार हो रहा है।
विज्ञापन