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मांगों का निस्तारण न होने से भड़कीं आशा
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने जाती आशा बहुएं।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। आशा बहू व आशा संगिनी संघ के नेतृत्व में आशा और संगिनी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होेंने कहा कि लंबे समय से बकाया मानदेय भुगतान व नियमित किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर जिम्मेदार पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं। इससे आशा व संगिनी का हक मारा जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो 11 जुलाई को लखनऊ स्थित ईको गार्डन पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन सीएमओ को सौंपा गया।
नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि आशा बहुएं व आशा संगिनी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से जूझ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहा कि कोरोना संकट के दौरान गंभीरता से कार्य किया गया।
योजनाओं का पात्रों को सुचारु रूप से लाभ दिलाया गया। इसके बाद भी उसका बकाया भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर जब भी धरना-प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा आशा बहुओं व आशा संगिनी को भुगतना पड़ रहा है।
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पुष्पा, अनीता, शर्मिला व प्रियंका ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आशा बहुओं व संगिनियों को लंबे समय से नियमित किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कहा कि इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नेतृत्व करते हुए जिलाध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि आशा बहुएं व आशा संगिनी लंबे समय से विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से जूझ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहा कि कोरोना संकट के दौरान गंभीरता से कार्य किया गया।
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योजनाओं का पात्रों को सुचारु रूप से लाभ दिलाया गया। इसके बाद भी उसका बकाया भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर जब भी धरना-प्रदर्शन किया जाता है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इससे आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ती है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा आशा बहुओं व आशा संगिनी को भुगतना पड़ रहा है।
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पुष्पा, अनीता, शर्मिला व प्रियंका ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आशा बहुओं व संगिनियों को लंबे समय से नियमित किए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कहा कि इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।