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किसानों के अनुदान का डेढ़ करोड़ से अधिक दबाए बैठा है कृषि विभाग
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अंबेडकरनगर। किसानों के अनुदान का डेढ़ करोड़ से अधिक का भुगतान कृषि विभाग दबाए बैठा रहा। उसे पात्रों को भुगतान की परवाह नहीं हुई। इसका खुलासा गुरुवार को हुआ। नाराज डीएम ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि 10 मार्च तक सभी पात्र किसानों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उधर डीएम की इस सख्ती के बाद उप कृषि निदेशक ने कहा कि 10 मार्च तक भुगतान नहीं हो पाएगा। यह भुगतान 30 मार्च तक किया जाएगा।
राज्य व केंद्र सरकार भले ही किसानों के हितों को लेकर लगातार नए नए दावे कर रही हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों के रवैये के चलते किसानों को उसका लाभ समुचित ढंग से मिल पाना कठिन बन बना हुआ है। अलग अलग योजनाओं में पात्रों को तत्परतापूर्वक लाभ दिलाने की सुध जिले के कृषि अधिकारियों में नहीं दिखती। इसी के चलते तमाम पात्र आए दिन दफ्तरों का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं। पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में कृषि विभाग के अधिकारी किस तरह बेपरवाह हैं, इसका खुलासा गुरुवार को हुआ।
पता चला कि अलग अलग योजनाओं से जुड़े किसानों को अनुदान का लाभ दिलाने की सुध ही अधिकारियों को नहीं है। दरअसल, डीएम राकेश कुमार मिश्र गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वित्तीय प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इसमें कृषि विभाग के कार्यों की जानकारी लेने के दौरान पता चला कि किसानों को अनुदान के रूप में 1 करोड़ 61 लाख रुपए का जो भुगतान होना था, वह मार्च माह के पहले सप्ताह तक नहीं हो पाया है। डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अलग अलग योजनाओं के अनुरूप जानकारी तलब की।
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कृषि विभाग की जो लापरवाही सामने आई, उसके अनुसार आत्मा योजना तथा मृदा स्वास्थ्य योजना समेत लगभग आधा दर्जन योजनाओं से जुड़े पात्र किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार्मर योजना के तहत डेढ़ करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी जानी है। डीएम ने इसे अत्यन्त गंभीर मामला बताया। कहा कि किसी भी दशा में 10 मार्च तक ऐसे सभी पात्र किसानों को इन सब अनुदान का लाभ दिला दिया जाए। ऐसा न होने पर सभी जिम्मेदार के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आंकड़ा ही नहीं बता पाए डीडी
किसानों को भुगतान न होने के जिस मामले में डीएम ने उपकृषि निदेशक को कड़े निर्देश जारी किए, उस मामले में देर शाम तक उपकृषि निदेशक आरडी बागला को यह जानकारी नहीं थी कि कितने किसानों का भुगतान होना शेष है। उनसे सवाल किया गया कि कोई अनुमानित संख्या तो याद होगी, तो इस पर भी वे स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए। बताया कि किसानों की संख्या की कोई जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है।
आदेश चाहे जो हो भुगतान होगा 30 तक
उपकृषि निदेशक आरडी बागला ने अमर उजाला से बात करते हुए यह तो स्वीकार किया कि विभिन्न योजनाओं में किसानों को 1 करोड़ 61 लाख रुपए के अनुदान का भुगतान होना शेष है, लेकिन बोले कि भुगतान तो 30 मार्च तक ही हो पाएगा। उनसे कहा गया कि डीएम ने 10 मार्च तक भुगतान का निर्देश दिया है तो इस पर भी बोले कि आप सब 10 मार्च ही लिख दीजिए, लेकिन भुगतान तो 30 मार्च तक ही हो पाएगा।
कराया जाएगा जल्द भुगतान
किसानों का लंबित भुगतान जल्द कराया जाएगा। मैंने 10 मार्च तक भुगतान का निर्देश दिया है। यदि तब तक भुगतान न हुआ तो आदेश के अनुरूप जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई होगी।
राकेश कुमार मिश्र, डीएम
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राज्य व केंद्र सरकार भले ही किसानों के हितों को लेकर लगातार नए नए दावे कर रही हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों के रवैये के चलते किसानों को उसका लाभ समुचित ढंग से मिल पाना कठिन बन बना हुआ है। अलग अलग योजनाओं में पात्रों को तत्परतापूर्वक लाभ दिलाने की सुध जिले के कृषि अधिकारियों में नहीं दिखती। इसी के चलते तमाम पात्र आए दिन दफ्तरों का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं। पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में कृषि विभाग के अधिकारी किस तरह बेपरवाह हैं, इसका खुलासा गुरुवार को हुआ।
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पता चला कि अलग अलग योजनाओं से जुड़े किसानों को अनुदान का लाभ दिलाने की सुध ही अधिकारियों को नहीं है। दरअसल, डीएम राकेश कुमार मिश्र गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वित्तीय प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इसमें कृषि विभाग के कार्यों की जानकारी लेने के दौरान पता चला कि किसानों को अनुदान के रूप में 1 करोड़ 61 लाख रुपए का जो भुगतान होना था, वह मार्च माह के पहले सप्ताह तक नहीं हो पाया है। डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अलग अलग योजनाओं के अनुरूप जानकारी तलब की।
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कृषि विभाग की जो लापरवाही सामने आई, उसके अनुसार आत्मा योजना तथा मृदा स्वास्थ्य योजना समेत लगभग आधा दर्जन योजनाओं से जुड़े पात्र किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार्मर योजना के तहत डेढ़ करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी जानी है। डीएम ने इसे अत्यन्त गंभीर मामला बताया। कहा कि किसी भी दशा में 10 मार्च तक ऐसे सभी पात्र किसानों को इन सब अनुदान का लाभ दिला दिया जाए। ऐसा न होने पर सभी जिम्मेदार के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आंकड़ा ही नहीं बता पाए डीडी
किसानों को भुगतान न होने के जिस मामले में डीएम ने उपकृषि निदेशक को कड़े निर्देश जारी किए, उस मामले में देर शाम तक उपकृषि निदेशक आरडी बागला को यह जानकारी नहीं थी कि कितने किसानों का भुगतान होना शेष है। उनसे सवाल किया गया कि कोई अनुमानित संख्या तो याद होगी, तो इस पर भी वे स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए। बताया कि किसानों की संख्या की कोई जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है।
आदेश चाहे जो हो भुगतान होगा 30 तक
उपकृषि निदेशक आरडी बागला ने अमर उजाला से बात करते हुए यह तो स्वीकार किया कि विभिन्न योजनाओं में किसानों को 1 करोड़ 61 लाख रुपए के अनुदान का भुगतान होना शेष है, लेकिन बोले कि भुगतान तो 30 मार्च तक ही हो पाएगा। उनसे कहा गया कि डीएम ने 10 मार्च तक भुगतान का निर्देश दिया है तो इस पर भी बोले कि आप सब 10 मार्च ही लिख दीजिए, लेकिन भुगतान तो 30 मार्च तक ही हो पाएगा।
कराया जाएगा जल्द भुगतान
किसानों का लंबित भुगतान जल्द कराया जाएगा। मैंने 10 मार्च तक भुगतान का निर्देश दिया है। यदि तब तक भुगतान न हुआ तो आदेश के अनुरूप जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई होगी।
राकेश कुमार मिश्र, डीएम