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दिन भर हुई झमाझम बारिश, जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त
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अंबेडकरनगर के अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर मूसलाधार बारिश से हुआ जलभराव
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले में गुरुवार को पूरे दिन हुई बारिश से एक तरफ जहां मौसम खुशगवार हो गया, वहीं जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में सन्नाटा छाया रहा, स्कूलों समेत विभिन्न निजी कार्यालयों में उपस्थिति काफी कम रही। बच्चों को भीगते हुए स्कूल जाने व लौटने को मजबूर होना पड़ा। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित रहा। इसमें अकबरपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग शामिल रहा। बारिश से जिलेभर में जगह-जगह जलभराव से बुरा हाल हो गया। उधर, तेज हवाओं के बीच हो रही बारिश से कई जगह अगैती प्रजाति के धान व गन्ने की फसल खेतों में गिर गई। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।
यूं तो बारिश का सिलसिला पिछले तीन दिन से चला आ रहा है, लेकिन गुरुवार सुबह से शुरू हुई तेज बरसात ने जनजीवन को हद दर्जे तक प्रभावित किया। सुबह सात बजे करीब धीमी बरसात का दौर शुरू हुआ। आसमान पर काले बादल छा गए। देखते ही देखते अंधेरा सा छाने लगा। इसके बाद तेज बरसात शुरू हो गई। लोगों का अनुमान था कि एक डेढ़ घंटे बाद मौसम शायद साफ हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा।
बारिश की वजह से कई स्कूलों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। सरकारी कार्यालयों में तमाम कर्मचारी भीगते हुए पहुंचे, जबकि बारिश रुकने का इंतजार करने में कई कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने में काफी विलंब हुआ। निजी कार्यालयों में भी उपस्थिति काफी हद तक प्रभावित रही। बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहने से छात्र-छात्राओं को वापस लौटते समय भी भीग जाना पड़ा। कई छात्र छात्र-छात्राओं के स्कूल बैग तक भीग गए।
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दिनभर हुई तेज बारिश के चलते जिले में कई जगह पेड़ धराशाई हो गए। सबसे ज्यादा असर अकबरपुर आजमगढ़ मार्ग पर देखने को मिला। दोपहर करीब कुर्की बाजार के पास राजकीय इंटर कॉलेज के पास बबूल का पेड़ गिर पड़ा। संयोग रहा कि व्यस्त मार्ग होने के बावजूद कोई पेड़ की चपेट में नहीं आया। पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक यहां मार्ग अवरुद्ध रहा।
सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और पेड़ को काटकर यातायात बहाल कराया। भीटी, बसखारी, जैतपुर, केदारनगर आदि क्षेत्रों में भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की खबर है। इस बीच बारिश के चलते जिला मुख्यालय समेत विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में दिनभर सन्नाटा ही पसरा रहा।
झमाझम बारिश ने जिला मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को भी बेपटरी कर दिया। करीब 6 घंटे तक कई फीडर से आपूर्ति ठप रही। इनमें टाऊन फीडर, साउथवेस्ट, स्पेयर तथा वीवीआईपी फीडर शामिल रहे। बेवाना, भीटी, कटेहरी, टांडा, रामनगर, जलालपुर व बसखारी आदि उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को भी गुरुवार को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में तो पूरे दिन बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। अभियंताओं के अनुसार तेजी से गड़बड़ी दूर कराई जा रही है।
तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने धान व गन्ने की फसल को भी कई क्षेत्रों में प्रभावित कर दिया है। यूं तो सामान्य तौर पर धान किसानों के लिए बीते दिनों से शुरू हुई बारिश संजीवनी के समान साबित हो रही थी, लेकिन अब लगातार हो रही तेज बारिश मुसीबत का सबब बनना शुरू हो गई है। धान की अगैती फसल में दरअसल इन दिनों दाने निकलने शुरू हो गए थे। ऐसी फसल पर नुकसान होना शुरू हुआ है। सीहमई मोलनापुर गांव में धान की अगेती फसल के साथ ही गन्ने की फसल भी खेतों में गिर पड़ी है। यही हाल अन्य क्षेत्रों का भी है। धान के साथ साथ गन्ने की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
गुरुवार को हुई तेज बारिश से जगह जगह जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। जिला मुख्यालय के अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर जलभराव से आवागमन हद दर्जे तक प्रभावित हुआ। यहां दो स्थानों पर एक से डेढ़ फीट तक पानी मुख्य मार्ग पर एकत्र रहा। यही हाल अकबरपुर बस स्टेशन क्षेत्र का भी रहा। बस से आने-जाने वाले यात्रियों को यहां सबसे ज्यादा मुश्किल हुई। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पानी भरे होने के साथ ही कलेक्ट्रेट व कोतवाली तिराहे के बीच मुख्य मार्ग के दोनों तरफ भी बड़े पैमाने पर जलभराव रहा। कृषि भवन कार्यालय के अलावा पीडब्लूडी कार्यालय परिसर भी जलाशय जैसे हालात से जूझता रहा।
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यूं तो बारिश का सिलसिला पिछले तीन दिन से चला आ रहा है, लेकिन गुरुवार सुबह से शुरू हुई तेज बरसात ने जनजीवन को हद दर्जे तक प्रभावित किया। सुबह सात बजे करीब धीमी बरसात का दौर शुरू हुआ। आसमान पर काले बादल छा गए। देखते ही देखते अंधेरा सा छाने लगा। इसके बाद तेज बरसात शुरू हो गई। लोगों का अनुमान था कि एक डेढ़ घंटे बाद मौसम शायद साफ हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ कि छात्र-छात्राओं को भीगते हुए स्कूल जाना पड़ा।
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बारिश की वजह से कई स्कूलों में उपस्थिति भी प्रभावित हुई। सरकारी कार्यालयों में तमाम कर्मचारी भीगते हुए पहुंचे, जबकि बारिश रुकने का इंतजार करने में कई कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने में काफी विलंब हुआ। निजी कार्यालयों में भी उपस्थिति काफी हद तक प्रभावित रही। बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहने से छात्र-छात्राओं को वापस लौटते समय भी भीग जाना पड़ा। कई छात्र छात्र-छात्राओं के स्कूल बैग तक भीग गए।
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दिनभर हुई तेज बारिश के चलते जिले में कई जगह पेड़ धराशाई हो गए। सबसे ज्यादा असर अकबरपुर आजमगढ़ मार्ग पर देखने को मिला। दोपहर करीब कुर्की बाजार के पास राजकीय इंटर कॉलेज के पास बबूल का पेड़ गिर पड़ा। संयोग रहा कि व्यस्त मार्ग होने के बावजूद कोई पेड़ की चपेट में नहीं आया। पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक यहां मार्ग अवरुद्ध रहा।
सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और पेड़ को काटकर यातायात बहाल कराया। भीटी, बसखारी, जैतपुर, केदारनगर आदि क्षेत्रों में भी पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित होने की खबर है। इस बीच बारिश के चलते जिला मुख्यालय समेत विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में दिनभर सन्नाटा ही पसरा रहा।
झमाझम बारिश ने जिला मुख्यालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को भी बेपटरी कर दिया। करीब 6 घंटे तक कई फीडर से आपूर्ति ठप रही। इनमें टाऊन फीडर, साउथवेस्ट, स्पेयर तथा वीवीआईपी फीडर शामिल रहे। बेवाना, भीटी, कटेहरी, टांडा, रामनगर, जलालपुर व बसखारी आदि उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को भी गुरुवार को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में तो पूरे दिन बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। अभियंताओं के अनुसार तेजी से गड़बड़ी दूर कराई जा रही है।
तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने धान व गन्ने की फसल को भी कई क्षेत्रों में प्रभावित कर दिया है। यूं तो सामान्य तौर पर धान किसानों के लिए बीते दिनों से शुरू हुई बारिश संजीवनी के समान साबित हो रही थी, लेकिन अब लगातार हो रही तेज बारिश मुसीबत का सबब बनना शुरू हो गई है। धान की अगैती फसल में दरअसल इन दिनों दाने निकलने शुरू हो गए थे। ऐसी फसल पर नुकसान होना शुरू हुआ है। सीहमई मोलनापुर गांव में धान की अगेती फसल के साथ ही गन्ने की फसल भी खेतों में गिर पड़ी है। यही हाल अन्य क्षेत्रों का भी है। धान के साथ साथ गन्ने की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
गुरुवार को हुई तेज बारिश से जगह जगह जलभराव से लोगों को जूझना पड़ा। जिला मुख्यालय के अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर जलभराव से आवागमन हद दर्जे तक प्रभावित हुआ। यहां दो स्थानों पर एक से डेढ़ फीट तक पानी मुख्य मार्ग पर एकत्र रहा। यही हाल अकबरपुर बस स्टेशन क्षेत्र का भी रहा। बस से आने-जाने वाले यात्रियों को यहां सबसे ज्यादा मुश्किल हुई। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पानी भरे होने के साथ ही कलेक्ट्रेट व कोतवाली तिराहे के बीच मुख्य मार्ग के दोनों तरफ भी बड़े पैमाने पर जलभराव रहा। कृषि भवन कार्यालय के अलावा पीडब्लूडी कार्यालय परिसर भी जलाशय जैसे हालात से जूझता रहा।