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मजदूरों का हक छीनने का प्रयास कर रही सरकार
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सदस्?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। किसानों व मजदूरों के हक को लेकर राष्ट्रीय किसान मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, इंडियन लीगल प्रोफेशनल एसोसिएशन, बहुजन मुक्ति पार्टी, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय मूल निवासी महिला संघ ने कलेक्ट्रेट के निकट सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि जिस प्रकार से कृषि कानून लागू कर सरकार ने किसानों का अधिकार छीना है, उसी प्रकार से अब मजदूरों का हक छीनने की तैयारी है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न सिर्फ कृषि कानून को वापस लिया जाए, बल्कि मजदूरों का अधिकार छीनने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की गई है, उस पर रोक लगाई जाए। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिला संयोजक लालजी गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार अब मजदूरों का हक छीनने की कोशिश में हैं। मजदूरों के हक के लिए संविधान में जो 29 कानून हैं, उन्हें केंद्र सरकार अब समाप्त करना चाहती है। ऐसा होने से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल सकेगी। वह मजदूर पूरी तरह से बंधुआ हो जाएंगे। वह अपने हक की आवाज कभी भी नहीं बुलंद कर सकेंगे। वह पूरी तरह पूंजीपतियों के कब्जे में चले जाएंगे। केंद्र सरकार की इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने मजदूरों का हक छीनने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है, उसे पर रोक लगानी ही पड़ेगी।
बहुजन मुक्ति पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा कि जिस प्रकार से कृषि कानून लागू कर केंद्र सरकार ने किसानों का हक छीना है, उसी प्रकार से अब मजदूरों का हक छीनने की तैयारी है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपना निर्णय वापस लेना ही होगा। वक्ताओं ने कहा कि न केवल कृषि कानून सरकार वापस ले, बल्कि मजदूरों का हक छीनने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है, उससे भी पीछे हटे। कहा गया कि अभी तो 11 से 17 जनवरी तक प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। यदि शीघ्र ही सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिला संयोजक लालजी गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार अब मजदूरों का हक छीनने की कोशिश में हैं। मजदूरों के हक के लिए संविधान में जो 29 कानून हैं, उन्हें केंद्र सरकार अब समाप्त करना चाहती है। ऐसा होने से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल सकेगी। वह मजदूर पूरी तरह से बंधुआ हो जाएंगे। वह अपने हक की आवाज कभी भी नहीं बुलंद कर सकेंगे। वह पूरी तरह पूंजीपतियों के कब्जे में चले जाएंगे। केंद्र सरकार की इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। सरकार ने मजदूरों का हक छीनने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है, उसे पर रोक लगानी ही पड़ेगी।
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बहुजन मुक्ति पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा कि जिस प्रकार से कृषि कानून लागू कर केंद्र सरकार ने किसानों का हक छीना है, उसी प्रकार से अब मजदूरों का हक छीनने की तैयारी है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपना निर्णय वापस लेना ही होगा। वक्ताओं ने कहा कि न केवल कृषि कानून सरकार वापस ले, बल्कि मजदूरों का हक छीनने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है, उससे भी पीछे हटे। कहा गया कि अभी तो 11 से 17 जनवरी तक प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। यदि शीघ्र ही सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
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