{"_id":"5da0b8a88ebc3e93d47d785a","slug":"golden-card-ambedkar-nagar-news-lko4863121107","type":"story","status":"publish","title_hn":"43 हजार पात्रों का बनें गोल्डेन कार्ड, तब होगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
43 हजार पात्रों का बनें गोल्डेन कार्ड, तब होगा इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। जिले में गोल्डन कार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हजारों परिवारों के कार्ड अब तक बन चुके हैं। अब सिर्फ 43 हजार 725 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने से रह गए हैं। दरअसल, कुछ दिन पहले तक करीब सवा लाख पात्र ऐसे थे, जिनके कार्ड नहीं बन पाए थे। तब अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सिस्टम हरकत में आया और तेजी से गोल्डन कार्ड बनाने का सिलसिला शुरू हुआ।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत जिले में कुल 1 लाख 64 हजार 869 परिवारों का वयन किया गया है। इसके सापेक्ष 1 लाख 21 हजार 144 परिवारों का गोल्डेन कार्ड बन चुका है, जबकि 43 हजार 725 परिवारों का कार्ड बनना ही बचा है।
यह तेजी अमर उजाला में कार्ड बनाने को लेकर बरती जा रही लापरवाही उजागर होने के बाद आई। योजना का लाभ चयनित परिवारों को मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अब ठोस कदम उठा रहा है। प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है ताकि जानकारियां चयनित परिवारों तक पहुंचें। इसी का नतीजा है कि अब तक करीब 1.21 लाख पात्रों के कार्ड बन चुके हैं।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के लिपिक तरुण कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में गोल्डेन कार्ड निशुल्क बन रहा है। वहीं, जनसेवा केंद्रों पर 30 रुपये शुल्क देकर चयनित परिवार कार्ड बनवा सकते हैं। बताया कि तीन सितंबर से 15 अक्तूबर तक गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए सभी विकास खंडों में अभियान चलाया जा रहा है।
290 मरीजों का इलाज दूसरे जिलों में हुआ
गरीब डेढ़ वर्ष से चल रही केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ गरीब परिवारों को मिल सके, इसके अधिकारियों अब सजग होते दिख रहे हैं। वैसे तो योजना के तहत इलाज के लिए जिले में 5 राजकीय व दो निजी अस्पतालों का चयन किया गया। डेढ़ वर्षों में अब तक 1342 मरीजों का इलाज इन जगहों पर हुआ। 290 मरीजों का इलाज दूसरे जिले के अस्पतालों में हुआ। सीएमओ कार्यालय के अनुसार, राजकीय मेडिकल कॉलेज में 712, जिला अस्पताल में 421, सीएचसी टांडा में 31, सीएचसी बसखारी में 42, सीएचसी जलालपुर में 28 मरीजों का, जबकि कनक हास्पिटल में 50 व रमा हॉस्पिटल में 58 मरीजों का इलाज हुआ है।
समय पर इलाज में लगी राशि न मिलने के चलते निजी अस्पताल योजना के तहत मरीजों का इलाज करने में आनाकानी करते हैं। योजना के जिला प्रभारी डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि जिले में अब तक जितने मरीजों का इलाज योजना के तहत हुआ है, उसमें एक करोड़ से अधिक की राशि लगी है। इसके सापेक्ष शासन से अब तक मात्र 57 लाख 62 हजार रुपये की राशि ही प्राप्त हो सकी है। शेष राशि के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। धनाभाव के चलते ही निजी अस्पताल इलाज करने में आनाकानी करते हैं। इसके लिए कई बार शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
सीएमओ कार्यालय के लिपिक तरुण कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने में पात्रों को समस्या हो तो वे 14555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बताया कि अब तक 42 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसका निस्तारण भी कर दिया गया है। ज्यादातर शिकायतें नए कार्ड बनवाने के लिए पात्रता जानने के लिए की गईं।
जिले के हर विकास खंड में गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य शिविर के जरिए चल रहा है। जिन परिवारों का कार्ड नहीं बना है वे संबंधित शिविर में पहुंचकर कार्ड बनवा लें।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज के लिए केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत जिले में कुल 1 लाख 64 हजार 869 परिवारों का वयन किया गया है। इसके सापेक्ष 1 लाख 21 हजार 144 परिवारों का गोल्डेन कार्ड बन चुका है, जबकि 43 हजार 725 परिवारों का कार्ड बनना ही बचा है।
विज्ञापन
यह तेजी अमर उजाला में कार्ड बनाने को लेकर बरती जा रही लापरवाही उजागर होने के बाद आई। योजना का लाभ चयनित परिवारों को मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अब ठोस कदम उठा रहा है। प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है ताकि जानकारियां चयनित परिवारों तक पहुंचें। इसी का नतीजा है कि अब तक करीब 1.21 लाख पात्रों के कार्ड बन चुके हैं।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के लिपिक तरुण कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में गोल्डेन कार्ड निशुल्क बन रहा है। वहीं, जनसेवा केंद्रों पर 30 रुपये शुल्क देकर चयनित परिवार कार्ड बनवा सकते हैं। बताया कि तीन सितंबर से 15 अक्तूबर तक गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए सभी विकास खंडों में अभियान चलाया जा रहा है।
290 मरीजों का इलाज दूसरे जिलों में हुआ
गरीब डेढ़ वर्ष से चल रही केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ गरीब परिवारों को मिल सके, इसके अधिकारियों अब सजग होते दिख रहे हैं। वैसे तो योजना के तहत इलाज के लिए जिले में 5 राजकीय व दो निजी अस्पतालों का चयन किया गया। डेढ़ वर्षों में अब तक 1342 मरीजों का इलाज इन जगहों पर हुआ। 290 मरीजों का इलाज दूसरे जिले के अस्पतालों में हुआ। सीएमओ कार्यालय के अनुसार, राजकीय मेडिकल कॉलेज में 712, जिला अस्पताल में 421, सीएचसी टांडा में 31, सीएचसी बसखारी में 42, सीएचसी जलालपुर में 28 मरीजों का, जबकि कनक हास्पिटल में 50 व रमा हॉस्पिटल में 58 मरीजों का इलाज हुआ है।
समय पर इलाज में लगी राशि न मिलने के चलते निजी अस्पताल योजना के तहत मरीजों का इलाज करने में आनाकानी करते हैं। योजना के जिला प्रभारी डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि जिले में अब तक जितने मरीजों का इलाज योजना के तहत हुआ है, उसमें एक करोड़ से अधिक की राशि लगी है। इसके सापेक्ष शासन से अब तक मात्र 57 लाख 62 हजार रुपये की राशि ही प्राप्त हो सकी है। शेष राशि के लिए पत्र शासन को भेजा गया है। धनाभाव के चलते ही निजी अस्पताल इलाज करने में आनाकानी करते हैं। इसके लिए कई बार शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
सीएमओ कार्यालय के लिपिक तरुण कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने में पात्रों को समस्या हो तो वे 14555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बताया कि अब तक 42 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसका निस्तारण भी कर दिया गया है। ज्यादातर शिकायतें नए कार्ड बनवाने के लिए पात्रता जानने के लिए की गईं।
जिले के हर विकास खंड में गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य शिविर के जरिए चल रहा है। जिन परिवारों का कार्ड नहीं बना है वे संबंधित शिविर में पहुंचकर कार्ड बनवा लें।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ