फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Getting dizzy for justice, getting frustrated

न्याय के लिए काटने पड़ रहे चक्कर, हाथ लग रही निराशा

Sat, 16 Apr 2022 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
Getting dizzy for justice, getting frustrated
अंबेडकरनगर। यह मामले इस बात की बानगी भर हैं कि हक व अधिकार पाने के लिए जरूरतमंदों को संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर अफसरों के कार्यालय तक के चक्कर काट कर परेशान होना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी परेशानी को निस्तारित कर दूर नहीं किया जाता। इसी का परिणाम है कि दो दशक पहले हुए पट्टे की जमीन पर कब्जा पाने के लिए आवंटी को अभी तक तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक के चक्कर काटना पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

शनिवार को जिले के सभी पांच तहसील मुख्यालयों पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर अफसरों के कमरों में पीड़ितों व फरियादियों की भीड़ जुटी। उनकी परेशानियों को मौजूद अफसरों ने पूरी सहानुभूति के साथ सुना भी लेकिन निस्तारण के नाम पर सिर्फ आश्वासन की घुट्टी ही मिली। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों का कहना है कि संपूर्ण समाधान दिवस महज शिकायतें प्राप्त करने का स्थान मात्र बन कर रह गया है। महंगाई के इस दौर में दूर दराज से पैसा खर्च कर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी इसकी सुनवाई न होने से हताशा ही झेलना पड़ती है।
विज्ञापन

दो साल बाद भी सुनवाई नहीं
संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराने शनिवार को पहुंचे भिखारीपुर गांव निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह बीते 2 वर्ष से अपना हक पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। उसकी जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इसकी पैमाइश कराने को लेकर अब तक कई बार शिकायती पत्र देने के बावजूद अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्जी बैनामा से हड़पी जमीन
गदाया निवासी बिस्मिल्लाह ने बताया कि छह माह पहले कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से बैनामा कर उसकी जमीन को हड़प लिया था। लगातार शिकायत के बाद भी इस समस्या से छुटकारा दिलाने को अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारी शिकायत सुनने के बाद सिर्फ आश्वासन की घुट्टी ही पिलाते हैं।
आवागमन में हो रही परेशानी
जलालपुर तहसील क्षेत्र के छाछू मोहल्ला निवासी दिलीप सोनी ने बताया कि तीन साल पहले आवागमन मार्ग पर कुछ लोगों ने शौचालय का निर्माण करा लिया था। शिकायत पर लगभग तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका द्वारा उसे ढहा तो दिया गया, लेकिन अब तक मलबा नहीं हटाया जा सका है। इससे उसे आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
20 साल बाद भी पट्टा भूमि पर कब्जा नहीं
मंगुराडिला के उदय ने कहा कि लगभग बीस वर्ष पूर्व उसे आवासीय पट्टा मिला था, लेकिन अब तक उसे उस पर कब्जा नहीं मिल सका है। इसके लिए एक दर्जन से अधिक बार स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक से शिकायत दर्ज कराई। आधा दर्जन से अधिक बार संपूर्ण समाधान दिवस पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक उसे पट्टा नहीं मिल सका है।
15 बार की शिकायत फिर भी सुनवाई नहीं
प्रतावीपुर गांव निवासी जगराम ने कहा कि उन्हें दो दशक पूर्व आवासीय पट्टा हुआ था, लेकिन अब तक उस पर कब्जा नहीं मिल सका है। पट्टे की भूमि पर कब्जे को लेकर अब तक 15 बार संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल सका है।

चकमार्ग को लेकर काट रहे चक्कर
मिझौड़ा निवासी गयाप्रसाद ने कहा कि चकमार्ग के लिए न सिर्फ संपूर्ण समाधान दिवस, बल्कि स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला तक से शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक चकमार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। तीन दर्जन से अधिक शिकायतीपत्र अलग अलग कार्यालयों देने को चक्कर काट कर थक चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed