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कार्रवाई करने से पहले पैमाइश करवाएं
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अंबेडकरनगर। डीएम साहब, हम लोगों के आवास आबादी की भूमि पर ही बने हैं। तालाब की भूमि पर अतिक्रमण नहीं है। जिस जमीन को तालाब की भूमि बताकर हम सभी को नोटिस जारी किया गया है, वास्तव में वह आबादी की भूमि है। ऐसे में किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से पहले पैमाइश कराई जाए। यह गुहार गुरुवार को जलालपुर तहसील क्षेत्र के सरैया गांव के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लगाई।
सरैया गांव के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए गांव के दानबहादुर, अर्जुन, अनीता, उर्मिला, दुर्गावती, रिंकू आदि ने कहा कि बीते दिनों उन्हें तहसील प्रशासन से नोटिस मिला है। इसमें कहा गया है कि जिस भूमि पर हमारे मकान हैं, वह भूमि तालाब की है। ऐसे में इससे पहले कि अतिक्रमण हटाने के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई हो, स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस आवास में वे सभी रह रहे हैं, वह प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत बने आवास हैं। ऐसे में सरकारी आवास तालाब की भूमि पर नहीं निर्मित हो सकते हैं। कहा कि जिस आवास में वे सभी रह रहे हैं, वह आबादी की भूमि पर बने हुए हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने उसे तालाब पर अतिक्रमण बता रहा है। कहा कि यदि गांव में तालाब की पैमाइश कराई जाए, तो सब कुछ साफ हो जाएगा। मांग की कि उनके हित को देखते हुए जल्द पैमाइश कराई जाए, जिससे तस्वीर साफ हो सके और उनके घर ढहने से बच सकें।
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सरैया गांव के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए गांव के दानबहादुर, अर्जुन, अनीता, उर्मिला, दुर्गावती, रिंकू आदि ने कहा कि बीते दिनों उन्हें तहसील प्रशासन से नोटिस मिला है। इसमें कहा गया है कि जिस भूमि पर हमारे मकान हैं, वह भूमि तालाब की है। ऐसे में इससे पहले कि अतिक्रमण हटाने के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई हो, स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें।
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ग्रामीणों ने कहा कि जिस आवास में वे सभी रह रहे हैं, वह प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत बने आवास हैं। ऐसे में सरकारी आवास तालाब की भूमि पर नहीं निर्मित हो सकते हैं। कहा कि जिस आवास में वे सभी रह रहे हैं, वह आबादी की भूमि पर बने हुए हैं। इसके बाद भी प्रशासन ने उसे तालाब पर अतिक्रमण बता रहा है। कहा कि यदि गांव में तालाब की पैमाइश कराई जाए, तो सब कुछ साफ हो जाएगा। मांग की कि उनके हित को देखते हुए जल्द पैमाइश कराई जाए, जिससे तस्वीर साफ हो सके और उनके घर ढहने से बच सकें।
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