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Ambedkar Nagar News: चुनाव ड्यूटी की आड़ में छोड़ दी गांवों की सफाई
Sun, 12 May 2024 10:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 12 May 2024 10:16 PM IST
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जलालपुर में प्राथमिक विद्यालय के पीछे उगी झाड़ी।
- फोटो : संवाद
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। चुनाव के दौर में ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। चुनाव ड्यूटी का हवाला देकर कई जगह सफाईकर्मी अपना काम छोड़ नदारद हैं। ऐसे में गांवों में सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। कई ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है।
ग्राम पंचायतों में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था डावाडोल है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है तो नियमित साफ-सफाई न होने से नालियां बजबजा रही हैं। ज्यादातर सफाई कर्मचारियों ने चुनाव ड्यूटी का हवाला देकर कामकाज छोड़ दिया है। पूरे जिले में 899 ग्राम पंचायतों की बेहतर साफ-सफाई के लिए 1736 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है।
इन दिनों 1315 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है। इसमें से लगभग 200 सफाई कर्मचारी ईवीएम के रेंडमाइजेशन व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में कतिपय व्यवस्थाओं के लिए लगाई गई है। इस बीच ड्यूटी लगने की आड़ में सफाई कर्मचारियों ने लापरवाही शुरू कर दी है। चुनावी ड्यूटी का बहाना बनाते हुए संबंधित गांव में साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंच रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी हो गई।
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नियमित हो साफ-सफाई
पेठिया के ग्राम प्रधान अनुज कुमार ने कहा कि चुनावी ड्यूटी के नाम पर सफाई कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतों में सुचारु रूप से साफ-सफाई हो। मंगुराडिला के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामजीत ने कहा कि सफाई कर्मचारी के न आने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं तो नालियां भी बजबजा रही हैं। इससे कई प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं। बरधाभिउरा की ग्राम प्रधान पुष्पा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी। इन सभी ग्राम प्रधानों ने बताया कि सफाईकर्मियों के ड्यूटी पर न आने की शिकायत अधिकारियों से भी की गई है।
सफाई के हैं निर्देश
जिन सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हें निर्देशित किया है कि वे साफ-सफाई पर भी ध्यान दें। बूथ, विद्यालय, पंचायत भवन व प्रमुख स्थानों की भी साफ सफाई किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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ग्राम पंचायतों में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था डावाडोल है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है तो नियमित साफ-सफाई न होने से नालियां बजबजा रही हैं। ज्यादातर सफाई कर्मचारियों ने चुनाव ड्यूटी का हवाला देकर कामकाज छोड़ दिया है। पूरे जिले में 899 ग्राम पंचायतों की बेहतर साफ-सफाई के लिए 1736 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है।
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इन दिनों 1315 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है। इसमें से लगभग 200 सफाई कर्मचारी ईवीएम के रेंडमाइजेशन व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में कतिपय व्यवस्थाओं के लिए लगाई गई है। इस बीच ड्यूटी लगने की आड़ में सफाई कर्मचारियों ने लापरवाही शुरू कर दी है। चुनावी ड्यूटी का बहाना बनाते हुए संबंधित गांव में साफ-सफाई के लिए नहीं पहुंच रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी हो गई।
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नियमित हो साफ-सफाई
पेठिया के ग्राम प्रधान अनुज कुमार ने कहा कि चुनावी ड्यूटी के नाम पर सफाई कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतों में सुचारु रूप से साफ-सफाई हो। मंगुराडिला के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामजीत ने कहा कि सफाई कर्मचारी के न आने से जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं तो नालियां भी बजबजा रही हैं। इससे कई प्रकार की मुश्किलें हो रही हैं। बरधाभिउरा की ग्राम प्रधान पुष्पा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के लिए जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी। इन सभी ग्राम प्रधानों ने बताया कि सफाईकर्मियों के ड्यूटी पर न आने की शिकायत अधिकारियों से भी की गई है।
सफाई के हैं निर्देश
जिन सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हें निर्देशित किया है कि वे साफ-सफाई पर भी ध्यान दें। बूथ, विद्यालय, पंचायत भवन व प्रमुख स्थानों की भी साफ सफाई किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। - अवनीश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ