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गांधी आश्रम में बिकेंगे अब कॉटन व रेशम के बने रेडीमेड कपड़े
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अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम में अब खादी वस्त्रों के साथ ही रेशमी, ऊनी व मसलिन के रेडीमेड पुरुष व महिला सूट के साथ ही सिल्क की साड़ियों की बिक्री भी शुक्रवार से शुरू हो गई।
मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ ही शुक्रवार को इसका शुभारंभ प्रबंधक शिवकुमार मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि अब गांधी आश्रम में खादी वस्त्रों के अलावा अन्य कई प्रकार के कपड़ों की भी बिक्री शुरू की जा रही है। इसमें न सिर्फ बिना सिले कपड़े हैं, बल्कि रेडीमेड कपड़ों की भी बिक्री की जाएगी। इससे गांधी आश्रम की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं कर्मचारी भी रोजगार से जुड़ सकेंगे।
बताया कि गांधी आश्रम में कॉटन, रेशम, मसलिन व ऊनी कपड़ों के बने सिले सिलाए सूट व कुर्ता पैजामा की बिक्री की जाएगी। जेंट्स व लेडीज सूट के अलावा बगैर सिले कपड़े भी उपभोक्ता दुकान से खरीद सकेंगे। इसमें कॉटन के 180 रुपये से 400 रुपये मीटर, रेशम का कपड़ा 1 हजार रुपये से ढाई हजार रुपये मीटर, मसलिन के ढाई सौ से 400 रुपये मीटर, ऊनी कपड़े 550 रुपये से 900 रुपये प्रति मीटर की दर से बिक्री होगी। इसके अलावा सिल्क की साड़ी 5 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक, सिल्क का दुपट्टा 2300 रुपये में उपभोक्ता खरीद सकेंगे।
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बताया कि दुकान के शुभारंभ अवसर पर प्रत्येक कपड़े पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस बीच खादी के कपड़ों के साथ ही रेशमी, कॉटन, सिल्क, ऊनी व मसलिन कपड़ों के सिले सिलाए व बगैर सिले कपड़ों की बिक्री गांधी आश्रम से किए जाने का कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया। कहा कि इससे आर्थिक मुश्किल से जूझ रहे गांधी आश्रम को काफी राहत मिलेगी। साथ ही लोगों का आकर्षण गांधी आश्रम के प्रति बढ़ेगा। न सिर्फ आय बढ़ेगी, बल्कि तमाम कर्मचारी रोजगार से जुड़ सकेंगे।
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मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ ही शुक्रवार को इसका शुभारंभ प्रबंधक शिवकुमार मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि अब गांधी आश्रम में खादी वस्त्रों के अलावा अन्य कई प्रकार के कपड़ों की भी बिक्री शुरू की जा रही है। इसमें न सिर्फ बिना सिले कपड़े हैं, बल्कि रेडीमेड कपड़ों की भी बिक्री की जाएगी। इससे गांधी आश्रम की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं कर्मचारी भी रोजगार से जुड़ सकेंगे।
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बताया कि गांधी आश्रम में कॉटन, रेशम, मसलिन व ऊनी कपड़ों के बने सिले सिलाए सूट व कुर्ता पैजामा की बिक्री की जाएगी। जेंट्स व लेडीज सूट के अलावा बगैर सिले कपड़े भी उपभोक्ता दुकान से खरीद सकेंगे। इसमें कॉटन के 180 रुपये से 400 रुपये मीटर, रेशम का कपड़ा 1 हजार रुपये से ढाई हजार रुपये मीटर, मसलिन के ढाई सौ से 400 रुपये मीटर, ऊनी कपड़े 550 रुपये से 900 रुपये प्रति मीटर की दर से बिक्री होगी। इसके अलावा सिल्क की साड़ी 5 हजार रुपये से 10 हजार रुपये तक, सिल्क का दुपट्टा 2300 रुपये में उपभोक्ता खरीद सकेंगे।
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बताया कि दुकान के शुभारंभ अवसर पर प्रत्येक कपड़े पर 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस बीच खादी के कपड़ों के साथ ही रेशमी, कॉटन, सिल्क, ऊनी व मसलिन कपड़ों के सिले सिलाए व बगैर सिले कपड़ों की बिक्री गांधी आश्रम से किए जाने का कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया। कहा कि इससे आर्थिक मुश्किल से जूझ रहे गांधी आश्रम को काफी राहत मिलेगी। साथ ही लोगों का आकर्षण गांधी आश्रम के प्रति बढ़ेगा। न सिर्फ आय बढ़ेगी, बल्कि तमाम कर्मचारी रोजगार से जुड़ सकेंगे।