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पुत्र समेत बसपा में शामिल होंगे पूर्व विधायक पवन
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अंबेडकरनगर। बहुचर्चित पूर्व विधायक पवन पांडेय ने अपने पुत्र प्रतीक के साथ बसपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। पवन को कटेहरी से बसपा का प्रत्याशी बनाए जाने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव से पहले जिले में राजनीतिक उठापटक और पाला बदल रोचक दौर में है। कटेहरी से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के अब सपा में शामिल हो जाने के बाद बसपा से टिकट हासिल करने वालों की तादाद बढ़ी हुई है। कुछ लोग इसके लिए बसपा में शामिल हो चुके हैं तो कुछ अंदरखाने जुटे हैं। कई दिनों से चल रही चर्चाओं के बीच यह खबर गुरुवार देर शाम सामने आई कि पूर्व विधायक पवन पांडेय बसपा में शामिल हो गए। सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यमों से इस खबर ने सबकी उत्सुकता बढ़ा दी। बाद में पता चला कि अभी वे शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन बसपा प्रमुख से हुई उनकी मुलाकात सार्थक रही है।
बाहुबली नेताओं में शामिल पवन पांडेय अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने के अभियुक्त रहे हैं। वे 1991 में शिवसेना के टिकट पर अकबरपुर से विधायक चुने गए थे। तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने उन्हें यूपी का प्रदेश प्रमुख बनाया था। पवन ने बाद में भी अकबरपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हुए। उन्होंने 1999 में पड़ोसी जनपद में सुल्तानपुर लोकसभा सीट से निर्दल चुनाव लड़कर करीब सवा एक लाख वोट हासिल किए थे। वर्ष 2014 में वे सुल्तानपुर से बसपा के टिकट पर लड़े और 2 लाख से अधिक मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
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इसके बाद उन्होंने बसपा छोड़ दी थी। उनके पुत्र प्रतीक इस बीच बीजेपी से जुड़कर राजनीति करते आ रहे थे। अब गुरुवार को हुए घटनाक्रम के अनुसार जल्द ही पूर्व विधायक पवन अपने पुत्र प्रतीक के साथ बसपा में शामिल हो जाएंगे। खबर है कि पार्टी ने उन्हें कटेहरी से चुनाव लड़ाने को हरी झंडी दी है। बताया जाता है कि पवन ही कटेहरी से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन फिलहाल वे अपने पुत्र प्रतीक को ही आगे रखकर बढ़ेंगे। प्रतीक को ही कटेहरी का प्रभारी बनाया जाएगा।
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विधानसभा चुनाव से पहले जिले में राजनीतिक उठापटक और पाला बदल रोचक दौर में है। कटेहरी से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के अब सपा में शामिल हो जाने के बाद बसपा से टिकट हासिल करने वालों की तादाद बढ़ी हुई है। कुछ लोग इसके लिए बसपा में शामिल हो चुके हैं तो कुछ अंदरखाने जुटे हैं। कई दिनों से चल रही चर्चाओं के बीच यह खबर गुरुवार देर शाम सामने आई कि पूर्व विधायक पवन पांडेय बसपा में शामिल हो गए। सोशल मीडिया से लेकर अन्य माध्यमों से इस खबर ने सबकी उत्सुकता बढ़ा दी। बाद में पता चला कि अभी वे शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन बसपा प्रमुख से हुई उनकी मुलाकात सार्थक रही है।
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बाहुबली नेताओं में शामिल पवन पांडेय अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराने के अभियुक्त रहे हैं। वे 1991 में शिवसेना के टिकट पर अकबरपुर से विधायक चुने गए थे। तत्कालीन शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे ने उन्हें यूपी का प्रदेश प्रमुख बनाया था। पवन ने बाद में भी अकबरपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हुए। उन्होंने 1999 में पड़ोसी जनपद में सुल्तानपुर लोकसभा सीट से निर्दल चुनाव लड़कर करीब सवा एक लाख वोट हासिल किए थे। वर्ष 2014 में वे सुल्तानपुर से बसपा के टिकट पर लड़े और 2 लाख से अधिक मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
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इसके बाद उन्होंने बसपा छोड़ दी थी। उनके पुत्र प्रतीक इस बीच बीजेपी से जुड़कर राजनीति करते आ रहे थे। अब गुरुवार को हुए घटनाक्रम के अनुसार जल्द ही पूर्व विधायक पवन अपने पुत्र प्रतीक के साथ बसपा में शामिल हो जाएंगे। खबर है कि पार्टी ने उन्हें कटेहरी से चुनाव लड़ाने को हरी झंडी दी है। बताया जाता है कि पवन ही कटेहरी से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन फिलहाल वे अपने पुत्र प्रतीक को ही आगे रखकर बढ़ेंगे। प्रतीक को ही कटेहरी का प्रभारी बनाया जाएगा।