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बाढ़ के चलते मुख्य मार्ग से कटा तीन गांवों का संपर्क
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फोटो 5, अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील में सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद इस तरह संपर्क मार्गों पर हु?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के पानी से अराजी देवारा व माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के आधा दर्जन से अधिक मजरों में लगभग 50 बीघा धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पुरवा व सिद्धनाथ पुरवा का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया। बाढ़ का पानी चारों तरफ होने से संबंधित पुरवे के निवासियों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे लगभग 5 हजार की आबादी प्रभावित है। जलस्तर अगर ऐसे ही बढ़ता रहा तो जल्द ही गांव में भी पानी पहुंचने की आशंका है। वहीं प्रशासन ने जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। लोगों की सुविधा के लिए तीन नावों की व्यवस्था की गई है।
नेपाल द्वारा सरयू नदी में पानी छोड़े जाने व पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अराजी देवारा व माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के आधा दर्जन से अधिक मजरे हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनी का पूरा, सिद्धनाथ, पटपरवा, रग्घू का पूरा व निषाद बस्ती के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। मजरो तक पानी पहुंच जाने से लगभग 50 बीघा धान व गन्ने की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई।
हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्की का पूरा व सिद्धनाथ के चारों तरफ जहां बाढ़ का पानी पहुंच गया, वहीं आवागमन वाला रास्ता पूरी तरह से जलमग्न है। संबंधित मजरे के ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन ने हर मजरे में एक-एक नाव उतार दी है। आने वाले समय में यदि जलस्तर में वृद्धि हुई तो अन्य मजरों के रास्तों पर भी पानी भर सकता है। बाढ़ का पानी संबंधित मजरों तक पहुंच जाने से लगभग 5 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
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जान जोखिम में डालकर कर रहे आवागमन
करिया लोनी का पूरा मजरे के ग्रामीणों के आवागमन के लिए मजरे को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण बीते वर्षों में किया गया था। मौजूदा समय में पुल का कुछ भाग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीण बांस बल्ली लगाकर जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस पुल में आवागमन में बहुत डर लगता है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पुल ठीक करवाने की मांग की है।
उतारी गईं तीन नाव
ग्रामीणों की सुविधा के लिए हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ में एक-एक नाव उतारी गई है। आने वाले समय में यदि जरूरत पड़ती है, तो नाव की संख्या बढ़ाई जाएगी। बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
- धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम आलापुर
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नेपाल द्वारा सरयू नदी में पानी छोड़े जाने व पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अराजी देवारा व माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के आधा दर्जन से अधिक मजरे हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनी का पूरा, सिद्धनाथ, पटपरवा, रग्घू का पूरा व निषाद बस्ती के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। मजरो तक पानी पहुंच जाने से लगभग 50 बीघा धान व गन्ने की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई।
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हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्की का पूरा व सिद्धनाथ के चारों तरफ जहां बाढ़ का पानी पहुंच गया, वहीं आवागमन वाला रास्ता पूरी तरह से जलमग्न है। संबंधित मजरे के ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन ने हर मजरे में एक-एक नाव उतार दी है। आने वाले समय में यदि जलस्तर में वृद्धि हुई तो अन्य मजरों के रास्तों पर भी पानी भर सकता है। बाढ़ का पानी संबंधित मजरों तक पहुंच जाने से लगभग 5 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
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जान जोखिम में डालकर कर रहे आवागमन
करिया लोनी का पूरा मजरे के ग्रामीणों के आवागमन के लिए मजरे को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण बीते वर्षों में किया गया था। मौजूदा समय में पुल का कुछ भाग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीण बांस बल्ली लगाकर जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस पुल में आवागमन में बहुत डर लगता है। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पुल ठीक करवाने की मांग की है।
उतारी गईं तीन नाव
ग्रामीणों की सुविधा के लिए हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ में एक-एक नाव उतारी गई है। आने वाले समय में यदि जरूरत पड़ती है, तो नाव की संख्या बढ़ाई जाएगी। बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
- धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम आलापुर

फोटो 6, अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील में सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद नाव से आवागमन करने को विवश ग?- फोटो : AMBEDKAR NAGAR