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ब्लॉकों में पड़े रह गए विकास के लिए आए पांच करोड़ रुपये

Tue, 16 Mar 2021 11:01 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:01 PM IST
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Five crore rupees came for development lying in blocks
अंबेडकरनगर। जिले के नौ विकास खंडों में विकास कार्यों के लिए पहुंची लगभग पांच करोड़ की राशि खर्च नहीं हो पाएगी। दरअसल अलग-अलग निधि के तहत यह धनराशि क्षेत्र पंचायतों के पास पड़ी हुई है। 17 मार्च की आधी रात से सभी नौ ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। हालांकि संबंधित तहसीलों के एसडीएम को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा, लेकिन जब तक उनकी ओर से प्रक्रिया का पालन किया जाएगा, तब तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। ऐसे में ब्लॉकों के पास पड़ी रकम का सदुपयोग चुनाव से पहले होने की उम्मीद न के बराबर है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही अलग-अलग पदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। 902 ग्राम प्रधानों तथा 41 जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल बीते दिनों ही समाप्त हुआ है। इस बीच अब ब्लॉक प्रमुख व क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने को है। सरकार के निर्देश के अनुसार 17 मार्च की आधी रात के बाद से सभी ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अंबेडकरनगर में नौ ब्लॉकों के प्रमुख का कार्यकाल भी इसी के तहत समाप्त हो रहा है।
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कार्यकाल समाप्त होने के चलते अब लगभग पांच करोड़ धनराशि का सदुपयोग चुनाव से पहले होने की उम्मीद धूमिल हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग निधि के चलते ब्लॉकों के पास करीब पांच करोड़ से अधिक की रकम बच गई है।
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सभी नौ ब्लॉकों के अधिकारियों व कर्मचारियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो यह जानकारी निकलकर सामने आई कि बसखारी ब्लॉक में लगभग 1 करोड़ की राशि अभी बची हुई है। अकबरपुर ब्लॉक में 32 लाख रुपये नहीं खर्च हो सके हैं तो भीटी में लगभग 20 लाख अवशेष पड़े हैं। आलापुर में 70 लाख रुपये खर्च होने बाकी हैं तो भियांव में लगभग 25 लाख रुपये खर्च नहीं हो पाए। जलालपुर में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जहांगीरगंज ब्लॉक में अभी भी 44 लाख रुपये अवशेष पड़े हैं। खर्च करने के मामले में कटेहरी ब्लॉक सबसे अव्वल रहा। यहां सिर्फ तीन लाख रुपये अवशेष हैं। विभिन्न निधियों से आई रकम को यहां प्राथमिकता के साथ खर्च किया गया।
राशि खर्च होने पर संशय
सभी ब्लॉकों को मिलाकर लगभग पांच करोड़ की धनराशि खातों में पड़ी है। सभी ब्लॉकों में बुधवार की आधी रात को ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद संबंधित एसडीएम को प्रशासक बनाने की तैयारी है। उनके द्वारा प्रक्रिया का पालन कर विकास कार्यों में खर्च की जा सकती है, लेकिन माना जा रहा है कि तब तक चुनाव कार्यक्रम आदि घोषित होने के चलते रकम खर्च नहीं हो पाएगी। ऐसे में संबंधित रकम का सदुपयोग चुनाव से पहले हो पाने की उम्मीद अत्यंत कम है।
टांडा के बीडीओ को जानकारी ही नहीं
टांडा के बीडीओ शशांक सिंह को यह जानकारी ही नहीं कि उनके ब्लॉक में कितनी रकम मौजूद है। उनसे जब कहा गया कि यह जानकारी तो होगी ही कि लगभग कितनी राशि मौजूद है तो वह बोले कि कोई आइडिया नहीं है। ऐसे में यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास कार्यों को लेकर ब्लॉकों में तैनात अफसर कितने गंभीर हैं। एक दो अन्य ब्लॉकों में भी खंड विकास अधिकारियों को रकम की जानकारी नहीं थी। हालांकि उन्होंने कुछ देर बाद विभागीय कर्मियों से पूछताछ कर आंकड़े उपलब्ध करा दिए। लेकिन यहां यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर खंड विकास अधिकारियों का ब्लॉक में होने वाले विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह नियंत्रण है भी या नहीं। जब उन्हें रकम के बारे में ही कोई अंदाजा नहीं तो फिर विकास कार्यों को लेकर उनकी गंभीरता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

शासन के निर्देश का होगा पालन
ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बारे में शासन के निर्देश आ गए हैं। उसका पूरी तरह पालन कराया जाएगा। प्रशासकों की तैनाती होने के बाद आगे के कार्य नियमानुसार होंगे।
- दुर्गा प्रसाद तिवारी, डीपीआरओ
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