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फर्स्ट डिवीजन पास, लेकिन नहीं तोड़ सके रिकॉर्ड
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अंबेडकरनगर के डॉ जीके जेतली इंटर कॉलेज में मतदान के बाद खुशी का इजहार करतीं युवतियां।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले की पांच सीटों पर उत्साह के बीच विधानसभा चुनाव में मतदान संपन्न हो गया। इस चरण में अन्य तमाम जिलों को पीछे छोड़ते हुए स्थानीय मतदाता फर्स्ट डिवीजन पास तो जरूर हो गए, लेकिन अपने पिछले ही रिकॉर्ड को तोड़ नहीं सके। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले के मतदाताओं ने 64.11 प्रतिशत मतदान किया था, जबकि इस बार कुल 62.66 प्रतिशत मतदान हुआ।
सभी केंद्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती समेत अत्यंत कड़ी सुरक्षा में हुए मतदान के बाद सभी 60 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। सुबह सात से शाम छह बजे तक चले मतदान के दौरान एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ईवीएम खराब होने से मतदान भी प्रभावित हुआ, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की सजगता ने हालात को समय रहते काबू में कर लिया। सूची में नाम न होने से तमाम मतदाता बिना मतदान किए ही निराश होकर बूथों से लौटते दिखे।
उन्होंने इस लापरवाही पर नाराजगी भी जताई। कई बूथों पर कहीं अभिकर्ताओं तो कहीं समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई। लेकिन आमतौर पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। प्रेक्षक लगातार दौरा कर हालात का जायजा लेते रहे। सभी पांच सीटों पर कुल 18 लाख एक हजार 444 मतदाताओं को मतदान का मौका जिला प्रशासन ने 2075 बूथों पर दिया था। इनमें 9 लाख 44 हजार 701 पुरुष, जबकि 8 लाख 56 हजार 690 महिलाएं शामिल हैं।
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मतदान के बाद मतपेटिकाओं को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज व राजकीय खेल स्टेडियम में बने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दिया गया। यह प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। सशस्त्र सुरक्षा के बीच सभी ईवीएम को कड़े पहरे व वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच रखा गया है। 10 मार्च को दोनों स्थानों पर मतों की गणना कराई जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चुनाव के इस रण में अलग-अलग सीटों पर किसे जीत हासिल हुई है।
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सभी केंद्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती समेत अत्यंत कड़ी सुरक्षा में हुए मतदान के बाद सभी 60 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। सुबह सात से शाम छह बजे तक चले मतदान के दौरान एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ईवीएम खराब होने से मतदान भी प्रभावित हुआ, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की सजगता ने हालात को समय रहते काबू में कर लिया। सूची में नाम न होने से तमाम मतदाता बिना मतदान किए ही निराश होकर बूथों से लौटते दिखे।
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उन्होंने इस लापरवाही पर नाराजगी भी जताई। कई बूथों पर कहीं अभिकर्ताओं तो कहीं समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई। लेकिन आमतौर पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। प्रेक्षक लगातार दौरा कर हालात का जायजा लेते रहे। सभी पांच सीटों पर कुल 18 लाख एक हजार 444 मतदाताओं को मतदान का मौका जिला प्रशासन ने 2075 बूथों पर दिया था। इनमें 9 लाख 44 हजार 701 पुरुष, जबकि 8 लाख 56 हजार 690 महिलाएं शामिल हैं।
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मतदान के बाद मतपेटिकाओं को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज व राजकीय खेल स्टेडियम में बने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवा दिया गया। यह प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। सशस्त्र सुरक्षा के बीच सभी ईवीएम को कड़े पहरे व वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच रखा गया है। 10 मार्च को दोनों स्थानों पर मतों की गणना कराई जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चुनाव के इस रण में अलग-अलग सीटों पर किसे जीत हासिल हुई है।