{"_id":"fb84726311fbe8d778adbf8b7f62815f","slug":"farmers-will-get-rs-32-million-of-package-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को मिलेगा 32 करोड़ का पैकेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों को मिलेगा 32 करोड़ का पैकेज
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासनस्तर पर जल्द ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसे किसानों को वितरित किया जाएगा। किसानों को यह भुगतान विशेष पैकेज के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा पुनर्मूल्यांकन के बाद किसानों को 8 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ भी दिए जाने का निर्णय कर लिया गया है।
एनटीपीसी की टांडा इकाई का विस्तारीकरण चल रहा है। 440 मेगावाट की चार इकाइयां इस समय काम कर रही हैं, जबकि 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयां लगनी हैं। कुल नौ गांव विस्तारीकरण की जद में बीते दिनों आए थे। प्रशासन ने तमाम उहापोह के बीच भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई अत्यंत आसानी से संपन्न करा लिया था।
किसानों को उनकी खतौनी वाली भूमि के अतिरिक्त कई अन्य चीजों के लिए भी आवश्यक रकम मुहैया कराई गई थी। इसी दौरान नौ गांवों की आबादी की भूमि के लिए जो 36 करोड़ 85 लाख रुपये की रकम तय हुई, वह प्रशासन के खाते में भेज दी गई। किसानों ने इस पर जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
उनका कहना था कि शासनादेश के मुताबिक लंबे समय से आबादी की भूमि पर कब्जा बना रहने से संबंधित भूमि किसानों की हो जाती है। इस आधार पर आबादी की भूमि का जो पैसा प्रशासन के खाते में भेज दिया गया है, उसे किसानों के बीच वितरित कराया जाए।
इसे लेकर ही लंबे समय से किसान आंदोलन करते चले आ रहे थे। शासन व प्रशासन स्तर पर एनटीपीसी के साथ बैठकों का कई दौर चला। कई तकनीकी पहलू इसमें सामने आते रहे, लेकिन किसान इस बात पर ही डटे रहे कि शासनादेश के मुताबिक आबादी की भूमि का भी पैसा उन्हें ही मिलना चाहिए।
इस बीच दो दिन पूर्व राजधानी में हुई वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह सहमति बनी कि किसानों को आबादी की भूमि का पैसा दे दिया जाए। इसमें यह भी तय हुआ कि 32 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान किसानों को उनकी भूमि के अनुसार कर दिया जाए।
दरअसल इससे पहले ही तय हुआ था कि 4 करोड़ 25 लाख रुपये की भूमि तालाब व सार्वजनिक प्रकृति की है। ऐसे में उसका पैसा किसानों को नहीं दिया जा सकता। अधिकारियों ने 32 करोड़ 60 लाख रुपये को किसानों के बीच वितरित किए जाने का निर्णय ले लिया। जिलाधिकारी विवेक ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि आवश्यक प्रक्रिया अपनाए जाने के बाद किसानों को संबंधित रकम का भुगतान विशेष पैकेज के रूप में कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
एनटीपीसी की टांडा इकाई का विस्तारीकरण चल रहा है। 440 मेगावाट की चार इकाइयां इस समय काम कर रही हैं, जबकि 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयां लगनी हैं। कुल नौ गांव विस्तारीकरण की जद में बीते दिनों आए थे। प्रशासन ने तमाम उहापोह के बीच भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई अत्यंत आसानी से संपन्न करा लिया था।
विज्ञापन
किसानों को उनकी खतौनी वाली भूमि के अतिरिक्त कई अन्य चीजों के लिए भी आवश्यक रकम मुहैया कराई गई थी। इसी दौरान नौ गांवों की आबादी की भूमि के लिए जो 36 करोड़ 85 लाख रुपये की रकम तय हुई, वह प्रशासन के खाते में भेज दी गई। किसानों ने इस पर जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
उनका कहना था कि शासनादेश के मुताबिक लंबे समय से आबादी की भूमि पर कब्जा बना रहने से संबंधित भूमि किसानों की हो जाती है। इस आधार पर आबादी की भूमि का जो पैसा प्रशासन के खाते में भेज दिया गया है, उसे किसानों के बीच वितरित कराया जाए।
इसे लेकर ही लंबे समय से किसान आंदोलन करते चले आ रहे थे। शासन व प्रशासन स्तर पर एनटीपीसी के साथ बैठकों का कई दौर चला। कई तकनीकी पहलू इसमें सामने आते रहे, लेकिन किसान इस बात पर ही डटे रहे कि शासनादेश के मुताबिक आबादी की भूमि का भी पैसा उन्हें ही मिलना चाहिए।
इस बीच दो दिन पूर्व राजधानी में हुई वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह सहमति बनी कि किसानों को आबादी की भूमि का पैसा दे दिया जाए। इसमें यह भी तय हुआ कि 32 करोड़ 60 लाख रुपये का भुगतान किसानों को उनकी भूमि के अनुसार कर दिया जाए।
दरअसल इससे पहले ही तय हुआ था कि 4 करोड़ 25 लाख रुपये की भूमि तालाब व सार्वजनिक प्रकृति की है। ऐसे में उसका पैसा किसानों को नहीं दिया जा सकता। अधिकारियों ने 32 करोड़ 60 लाख रुपये को किसानों के बीच वितरित किए जाने का निर्णय ले लिया। जिलाधिकारी विवेक ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि आवश्यक प्रक्रिया अपनाए जाने के बाद किसानों को संबंधित रकम का भुगतान विशेष पैकेज के रूप में कर दिया जाएगा।