फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Farmers are getting disillusioned with sugarcane farming, area reduced by four percent

Ambedkar Nagar News: किसानों का गन्ने की खेती से होने लगा मोह भंग, चार प्रतिशत घटा रकबा

Tue, 29 Jul 2025 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 29 Jul 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
Farmers are getting disillusioned with sugarcane farming, area reduced by four percent
अंबेडकरनगर। गन्ने की खेती के बजाय अन्य खेती की तरफ किसानों ने रुख कर लिया है। वर्ष 2024-25 की अपेक्षा 2025-26 पेराई सत्र के सर्वे में चार प्रतिशत गन्ने का रकबा घट गया है। किसानों के मुताबिक इसके पीछे चीनी मिल का किसानों को प्रोत्साहित नहीं करने के साथ ही गन्ने की उपज देने वाले बीज का किसानों का उपलब्ध न करा पाना है।
विज्ञापन

जिले में 40 हजार किसान 20 हजार हेक्टेयर में गन्ने की खेती कर रहे हैं। बीते वर्ष 42 हजार किसानों ने 21 हजार हेक्टेयर में खेती कर चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति की थी। वर्ष 2010 से 2020 तक गन्ने की बुआई करने वाले किसानों की संख्या 47 हजार और गन्ने का रकबा 26 हजार हेक्टेयर के करीब था। इसके बाद से हर वर्ष गन्ने का रकबा घटता जा रहा है। किसान रामदीन, केशवराम, विवेक तिवारी, सुजीत वर्मा, केदारनाथ, रामपलट निषाद ने बताया कि जोताई, सिंचाई के बाद उपज तैयार होने पर उसकी कटाई कर चीनी मिल तक पहुंचाने में इतना खर्चा हो जाता है कि मुनाफा नाम मात्र का ही मिल पाता है। यही कारण है कि गन्ने की खेती से किसानों का मोह भंग होने लगा है।
विज्ञापन


लाल सड़न रोग लगने से लागत निकला मुश्किल
गन्ने की अर्ली किस्म 238 व 239 में 800 से एक हजार क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज हो जाती थी, लेकिन लाल सड़न रोग से गन्ने की फसल सूख जाती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। चीनी मिल व गन्ना विभाग इस समस्या को लेकर कोई स्थाई उपाय नहीं खोज सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन बीजों से किसानों ने बनाई दूरी
अब 0118, 94284, 14201 व 15023 अर्ली किस्म के बीज उपलब्ध है, लेकिन इन सभी किस्मों में किसानों को 500 से 700 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ही पैदावार मिल पाती है। इसके चलते भी किसानों का मोह गन्ने की खेती से भंग होने लगा है।


किसानों को गन्ने की खेती करने के लिए गांव-गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है। बेहतर पैदावार के बीज उपलब्ध कराए जाएंगें। मिझौड़ा चीनी मिल से भी वार्ता की जाएगी।
एसएल यादव, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed