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दो शिक्षकों की नियुक्ति अवैध: 37 साल बाद दावा खारिज, दर्ज होगी प्राथमिकी
Tue, 03 Feb 2026 09:24 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, आलापुर (अंबेडकरनगर)
अमर उजाला नेटवर्क, आलापुर (अंबेडकरनगर)
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:24 PM IST
सार
अंबेडकरनगर में दो शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के मामले में 37 साल बाद दावा खारिज हो गया है। मामले में बिना रिकॉर्ड वेतन की मांग की गई थी।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
जयराम जनता जूनियर हाईस्कूल और जयराम वर्मा बाल विद्या मंदिर में नियुक्तियों से जुड़े एक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार पटेल द्वारा की गई जांच में पूर्व प्रधानाध्यापक की पत्नी चंद्रपति यादव और सहायक शिक्षक जगदंबा वर्मा की नियुक्ति से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला है। जांच में पाया गया कि जिन नियुक्तियों के आधार पर वेतन और भत्तों की मांग की जा रही थी, उनसे संबंधित मूल अभिलेख, उपस्थिति पंजिका और यू-डायस प्रपत्रों में इन दोनों के नाम कहीं भी दर्ज नहीं हैं।
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विभागीय स्तर पर हुए सत्यापन में यह भी सामने आया कि संबंधित अवधि की डिस्पैच पंजिका न होने के कारण नियुक्ति अनुमोदन की पुष्टि नहीं हो सकी। विद्यालय प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्तियों के समय न तो न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पूरी की गई और न ही भर्ती के लिए तय सरकारी नियमों का पालन किया गया। प्रबंधन ने यह गंभीर आपत्ति भी जताई कि चंद्रपति यादव की नियुक्ति के समय उनके पति ही विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध हो जाती है। इसके अतिरिक्त, प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेजों को कूटरचित (फर्जी) बताते हुए विधिक जांच की सिफारिश की गई है।
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इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर बीएसए ने दोनों नियुक्तियों को नियम विरुद्ध व अवैध मानते हुए 37 वर्ष बाद दिए गए प्रत्यावेदन को खारिज कर दिया है। साथ ही, वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों के दावों को भी अस्वीकृत कर दिया गया है। विद्यालय की प्रबंधक मीरा देवी ने बताया कि बीएसए के निर्देशों के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।