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Ambedkar Nagar News: वेटलैंड में सुधार का असर, बढ़ गए राजकीय पक्षी
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अकबरपुर तहसीन के भौदाना झील माैजूद सारस पक्षी - संवाद
अंबेडकरनगर। झीलों समेत वेटलैंड में सुधार को लेकर जिला प्रशासन के प्रयासों का असर सामने आया है। इन झीलों में राजकीय पक्षी सारस की संख्या बढ़ गई है। इसे लेकर वन विभाग खासा उत्साहित है। विभाग का मानना है कि झीलों आदि की स्थिति में और ज्यादा सुधार होने पर आगामी दिनों में संख्या में और भी बढ़ोत्तरी होगी।
जिला प्रशासन ने पिछले करीब एक वर्ष से जिले के वेटलैंडों की भौगोलिक दशा में सुधार की विशेष मुहिम चला रखी है। इनमें से एक दरवन झील के लिए शासन ने विशेष बजट जारी कर दिया तो वहीं पुंथर झील का विकास जिला प्रशासन ने एनटीपीसी टांडा के सहयोग से कराया। कई अन्य झीलों के विकास की कार्ययोजना तैयार कर वहां काम शुरू कराए गए।
झीलों के विकास को लेकर शुरू की गई मुहिम का असर पक्षियों तक में देखने को मिला है। एक तरफ जहां आम लोग इन झीलों को लेकर उत्साहित हैं तो वहीं सारस पक्षी ने भी इन झीलों की तरफ अपना रुख बढ़ाया है। दरअसल बीते दिनों वन विभाग ने 25 वेटलैंड पर राजकीय पक्षी की गणना कराई। दो दिन तक चले विशेष अभियान में कुल 78 वयस्क सारस इन जगहों पर दिखे। इसके अलावा सारस के दो बच्चे भी कर्मचारियों को दिखाई पड़े।
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गत वर्ष जून माह के अंतिम सप्ताह में गणना की गई थी तो 68 वयस्क व तीन बच्चे दिखे थे। इनकी संख्या में इस बार बढ़ोत्तरी वन कर्मियों तथा पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई है। सूत्रों का कहना है कि सारस की संख्या इन दिनों और बढ़ी है। गणना में सिर्फ वही दर्ज होता है जो उस समय मौके पर कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से दिखते हैं। बताया जा रहा है कि सभी वेटलैंड को मिलाकर यह संख्या 150 से भी अधिक है।
इन जगहों पर हुई गणना
कर्मचारियों ने दूरबीन व अन्य उपकरणों से भदौना, मिर्जापुर कोड़रा, मसड़ा मोहनपुर, बजदहिया पाईपुर, हरैया, बलया जगदीशपुर, पुंथर, हसनपुर व अमेदा समेत कुल 25 जगहों पर सारस की गिनती किया। इसके लिए वन विभाग ने कुल 12 टीमों का गठन किया था। डीएफओ डॉ. उमेश तिवारी ने बताया कि सारस की गणना के नतीजे उत्साहजनक हैं। यहां पर्यावरण को लेकर स्थिति बेहतर हो रही है। इन सबका असर ही सामने आया है।
झीलों का होगा और विकास
झीलों के विकास का जो सिलसिला शुरू किया गया है वह यहां और मजबूती से जारी रहेगा। राजकीय पक्षी सारस की संख्या में बढ़ोत्तरी होना सुखद है। आने वाले दिनों में और अच्छे नतीजे सामने आएंगे। - अविनाश सिंह, डीएम
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जिला प्रशासन ने पिछले करीब एक वर्ष से जिले के वेटलैंडों की भौगोलिक दशा में सुधार की विशेष मुहिम चला रखी है। इनमें से एक दरवन झील के लिए शासन ने विशेष बजट जारी कर दिया तो वहीं पुंथर झील का विकास जिला प्रशासन ने एनटीपीसी टांडा के सहयोग से कराया। कई अन्य झीलों के विकास की कार्ययोजना तैयार कर वहां काम शुरू कराए गए।
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झीलों के विकास को लेकर शुरू की गई मुहिम का असर पक्षियों तक में देखने को मिला है। एक तरफ जहां आम लोग इन झीलों को लेकर उत्साहित हैं तो वहीं सारस पक्षी ने भी इन झीलों की तरफ अपना रुख बढ़ाया है। दरअसल बीते दिनों वन विभाग ने 25 वेटलैंड पर राजकीय पक्षी की गणना कराई। दो दिन तक चले विशेष अभियान में कुल 78 वयस्क सारस इन जगहों पर दिखे। इसके अलावा सारस के दो बच्चे भी कर्मचारियों को दिखाई पड़े।
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गत वर्ष जून माह के अंतिम सप्ताह में गणना की गई थी तो 68 वयस्क व तीन बच्चे दिखे थे। इनकी संख्या में इस बार बढ़ोत्तरी वन कर्मियों तथा पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई है। सूत्रों का कहना है कि सारस की संख्या इन दिनों और बढ़ी है। गणना में सिर्फ वही दर्ज होता है जो उस समय मौके पर कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से दिखते हैं। बताया जा रहा है कि सभी वेटलैंड को मिलाकर यह संख्या 150 से भी अधिक है।
इन जगहों पर हुई गणना
कर्मचारियों ने दूरबीन व अन्य उपकरणों से भदौना, मिर्जापुर कोड़रा, मसड़ा मोहनपुर, बजदहिया पाईपुर, हरैया, बलया जगदीशपुर, पुंथर, हसनपुर व अमेदा समेत कुल 25 जगहों पर सारस की गिनती किया। इसके लिए वन विभाग ने कुल 12 टीमों का गठन किया था। डीएफओ डॉ. उमेश तिवारी ने बताया कि सारस की गणना के नतीजे उत्साहजनक हैं। यहां पर्यावरण को लेकर स्थिति बेहतर हो रही है। इन सबका असर ही सामने आया है।
झीलों का होगा और विकास
झीलों के विकास का जो सिलसिला शुरू किया गया है वह यहां और मजबूती से जारी रहेगा। राजकीय पक्षी सारस की संख्या में बढ़ोत्तरी होना सुखद है। आने वाले दिनों में और अच्छे नतीजे सामने आएंगे। - अविनाश सिंह, डीएम