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मास्टर साहब कहा रहे, ऑनलाइन पढ़ा दिया, पीडीएफ फाइल भेज दी, उसी से पढ़ लो

Wed, 21 Oct 2020 10:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 10:41 PM IST
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Education
अंबेडकरनगर। ऑनलाइन पढ़ा चुके हैं, इसकी पीडीएफ फाइल भी भेज दिया है... उसी से पढ़ लो। अब हम दोबारा नहीं पढ़ाएंगे। अब सिर्फ आंकिक प्रश्र ही कराएंगे। जो कोई भी आंकिक प्रश्र नहीं कर सका, उसकी पिटाई होगी। कुछ इस तरह की बातें जिले के कुछ इंटर कॉलेज के शिक्षकों द्वारा की जा रही हैं। कॉलेज खुले अभी दो दिन ही हुए हैं कि इस प्रकार की बातें शिक्षकों द्वारा किए जाने से छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों में नाराजगी व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि किसी कारणवश जो छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सके हैं, वह किस तरह खुद से बगैर पढ़े आंकिक प्रश्र कर लेंगे। नाराज अभिभावक अब इसकी शिकायत डीएम से करने की तैयारी कर रहे हैं।
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अनलॉक-5 में लगभग सात माह बाद कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शासन ने कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं का संचालन किए जाने की अनुमति विभिन्न शर्तों के साथ दी थी। निर्देश में यह भी कहा गया था कि यदि कोई छात्र-छात्राएं विद्यालय नहीं जाना चाहते, तो उन पर दबाव न बनाया जाए, बल्कि ऐसे छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पढ़ाया जाए। 19 अक्तूबर से शासन के दिशा निर्देशानुसार विद्यालय खुले जरूर, लेकिन पहले ही दिन से दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जाने लगीं।
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दरअसल जिले के कुछ प्रतिष्ठित कॉलेजों द्वारा कुछ प्रमुख विषयों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई गई थी। हालांकि लगभग 35 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। ऐसे में जब 19 अक्तूबर से विद्यालय खुला, तो पहले ही दिन कई विद्यालयों में इंटरमीडिएट के भौतिक विज्ञान के शिक्षकों द्वारा आंकिक प्रश्र छात्र-छात्राओं को दिया जाने लगा। जो छात्र-छात्राएं नहीं लगा सके, उनकी या तो पिटाई की या फिर डांट लगाई गई। कहा गया कि हमने ऑनलाइन पढ़ा दिया है, पीडीएफ फाइल भी भेज दिया है। अब तुम लोग न पढ़ो, तो हम क्या कर सकते हैं। शिक्षकों के इस रवैये से अभिभावकों में नाराजगी व्याप्त हो गई। अकबरपुर नगर के तमसा मार्ग निवासी राकेश कुमार व संदीप ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गांव में नेटवर्क समस्या के चलते जो बच्चे ऑनलाइन नहीं पढ़ सके। वह बगैर पढ़े कैसे आंकिक प्रश्र हल कर सकेंगे। मीरानपुर निवासी मोहम्मद रियाज व शतीलाप्रसाद ने कहा कि उनके घर में सिर्फ एक एंड्रॉयड मोबाइल है।
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उसे वह लेकर दुकान चले जाते थे। ऐसे में उनके बच्चे ऑनलाइन नहीं पढ़ सके। कहा कि अभी स्कूल खुले दो दिन ही हुए छात्र-छात्राओं की पिटाई भी शुरू कर दी गई। शहजादपुर के रामअजोर, मोहम्मद अनीस, अजीत कुमार व हर्ष कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे। साथ ही संबंधित विद्यालय के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करेंगे। उधर डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाए जाने के निर्देश हैं। अभी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है।
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